अनुच्छेद 79, Article 79 in Hindi - भारतीय संसद

By Brajendra|Updated : August 24th, 2022

भारत ने संसदीय (Parliament) शासन प्रणाली को अपनाया है , भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79 (Article 79) के अनुसार, संसद का प्रावधान है। जो राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनेगी।भारतीय संविधान, संसद को देश के लिए कानून निर्माण की शक्ति का अधिकार देता है। संसदीय शासन प्रणाली को भारत ने ब्रिटिश संविधान से अपनाया है।

अनुच्छेद 79: भारतीय संसद (Indian Parliament)

भारत में संघीय शासन व्यवस्था है जिसमें विधायिका के मौजूदा स्वरुप को संसद के नाम से जाना जाता है। भारत में भी ब्रिटिश शासन प्रणाली के अनुरूप संसदीय शासन प्रणाली लागू है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79 में संसद का प्रावधान है। जिसके तीन अंग होते हैं :
1. राष्ट्रपति
2. राज्यसभा
3. लोकसभा

राज्यसभा (Council of States)

  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद-80, राज्यसभा के गठन का प्रावधान करता है। राज्यसभा को संसद का उच्च सदन, द्वितीयक सदन एवं स्थायी सदन के नाम से जाना जाता है। 
  • राज्यसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 हो सकती है, परंतु वर्तमान में यह संख्या 245 है। इनमें से 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा से संबंधित क्षेत्र के 12 सदस्यों को मनोनीत किया जाता है। 
  • यह एक स्थायी सदन है अर्थात् राज्यसभा का विघटन कभीं नहीं होता है। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है। जबकि राज्यसभा के एक-तिहाई सदस्यों का चुनाव दूसरे वर्ष में किया जाता है। जो इसकी स्थायी प्रकृति को दर्शाता है।

लोकसभा (House of Peoples)

  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद-81 , लोकसभा के गठन का प्रावधान करता है। लोकसभा को संसद का निम्न सदन, प्राथमिक सदन एवं अस्थायी सदन के नाम से जाना जाता है। 
  • लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 552 हो सकती है, वर्तमान में, सदन में 543 सीटें हैं जो अधिकतम 543 निर्वाचित सदस्यों के चुनाव से बनती हैं।
  • 1952 और 2020 के बीच, भारत सरकार की सलाह पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा एंग्लो-इंडियन समुदाय के 2 अतिरिक्त सदस्यों को भी नामित किया गया था, जिसे 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा जनवरी 2020 में समाप्त कर दिया गया था।
  • यह एक अस्थायी सदन है । लोकसभा के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है। अर्थात् लोकसभा को राष्ट्रपति द्वारा 5 वर्ष के पूर्व विघटित भीं किया जा सकता है।

भारतीय संविधान के अन्य महत्वपूर्ण अनुच्छेद:

Comments

write a comment

Follow us for latest updates