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UPPSC Syllabus in Hindi | यूपीपीएससी पीसीएस सिलेबस 2023 (पीसीएस प्रीलिम्स और मेन्स)

By BYJU'S Exam Prep

Updated on: September 13th, 2023

UPPSC Syllabus in Hindi उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी किया जाता है। उम्मीदवारों के बीच यह सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला विषय है। यूपीपीएससी सिलेबस प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा के लिए जारी किया जाता है। परीक्षा की विस्तृत रूप से तैयारी करने के लिए छात्रों को सिलेबस की पूरी जानकारी होनी चाहिए। UPPSC syllabus in Hindi की प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में सामान्य अध्ययन पेपर 1 और सामान्य अध्ययन पेपर 2 या CSAT शामिल हैं। दूसरी ओर, मुख्य पाठ्यक्रम में सामान्य हिंदी, निबंध, 6 सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र होते हैं।

उम्मीदवारों को यूपीपीएससी पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण का पालन करना चाहिए। उन्हें प्री और मेन्स की तैयारी के लिए अपना समय समान रूप से बांटना चाहिए। हमने इस पद के लिए उनकी तैयारी में सहायता के लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए नए पीसीएस पाठ्यक्रम का विवरण साझा किया है। परीक्षा की तैयारी को आसान बनाने के लिए, उम्मीदवार नीचे अंग्रेजी और हिंदी में यूपीपीएससी सिलेबस पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपीपीएससी सिलेबस 2023

UPPSC PCS परीक्षा में तीन चरण होते हैं और हर चरण का अपना महत्व होता है। यूपीपीएससी सिलेबस आयोग द्वारा UPPSC अधिसूचना 2023 के साथ अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया है। परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है। यूपीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम थोड़ा अलग है, लेकिन उम्मीदवार को यूपीपीएससी पीसीएस पाठ्यक्रम के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना चाहिए क्योंकि अधिकांश विषय सामान्य हैं।

UPPSC Syllabus PDF in Hindi 

परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए, हम परीक्षा पैटर्न के साथ प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम प्रदान कर रहे हैं।यूपीपीएससी परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवार नीचे उल्लिखित विस्तृत UPPSC Syallbus in Hindi देख सकते हैं और अभी से अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं।

Download UPPSC Syllabus PDF in Hindi

यूपीपीएससी प्रीलिम्स सिलेबस 2023

UPPSC प्रारंभिक परीक्षा के सिलेबस में दो भाग होते हैं: सामान्य अध्ययन पेपर 1 सिलेबस और CSAT सिलेबस। प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह अगले चरण की तैयारी के लिए उम्मीदवारों की नींव तैयार करता है।

  • UPPSC प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में करंट अफेयर्स, इतिहास, भारत और विश्व भूगोल, आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण आदि जैसे विषय शामिल हैं।
  • साथ ही उत्तर प्रदेश के संदर्भ में सामान्य जागरूकता भी तैयार की जाए।

सामान्य अध्ययन 1 यूपीपीएससी सिलेबस

UPPSC प्रारंभिक परीक्षा केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में होती है जो ऑब्जेक्टिव प्रकृति की होती है । UPPCS प्रीलिम्स सिलेबस में दो पेपर होते हैं। यूपीपीएससी पीसीएस प्रीलिम्स पेपर 1 को कट-ऑफ की गणना के लिए माना जाएगा जो अंततः मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का चयन करेगा। प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंकों को उनके अंतिम चयन क्रम को निर्धारित करने के लिए नहीं गिना जाता है। 

प्रारंभिक परीक्षा पेपर-1 का सिलेबस निम्न प्रकार से है:

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं।
  • भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
  • भारतीय और विश्व भूगोल– भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल।
  • भारतीय राजनीति और शासन – संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकार मुद्दे, आदि।
  • आर्थिक और सामाजिक विकास– सतत विकास, गरीबी, समावेश, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल, आदि।
  • पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे ।
  • उत्तर प्रदेश विशेष और करेंट अफेयर्स, सामान्य विज्ञान ।

सामान्य अध्ययन 2 यूपीपीएससी सिलेबस

UPPSC PCS का सामान्य अध्ययन पेपर-2 क्वालीफाइंग प्रकृति का होता है। उम्मीदवारों को इस पेपर के लिए आवंटित कुल अंकों का 33% प्राप्त करना होता है। CSAT पेपर का सिलेबस निम्न है:

  • सामान्य समझ
  • संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल
  • तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता
  • निर्णय लेना और समस्या का समाधान
  • सामान्य मानसिक क्षमता
  • मूल संख्यात्मकता (संख्याएं और उनके संबंध, परिमाण के क्रम, आदि) (कक्षा X स्तर), डेटा व्याख्या (चार्ट, ग्राफ़, टेबल, डेटा पर्याप्तता, आदि। – कक्षा X स्तर)

प्रारम्भिक गणित (हाईस्कूल स्तर तक) के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किये जाने वाले विषय-

  1. अंकगणितः

(1) संख्या पद्धतिः प्राकृतिक, पूर्णांक, परिमेय अपरिमेय एवं वास्तविक संख्यायें, पूर्णांक संख्याओं के विभाजक एवं अविभाज्य पूर्णांक संख्यायें। पूर्णांक संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्त्य तथा उनमें सम्बन्ध।

(2) औसत

(3) अनुपात एवं समानुपात

(4) प्रतिशत

(5) लाभ-हानि

(6) ब्याज- साधारण एवं चक्रवृद्धि

(7) चाल, समय तथा दूरी 

(8) काम तथा समय

  1. बीजगणित

(1) बहुपद के गुणनखण्ड, बहुपदों का लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्त्य एवं उनमें सम्बन्ध, शेषफल प्रमेय, सरल युगपत समीकरण, द्विघात समीकरण

(2) समुच्चय सिद्धान्तः समुच्चय, उप समुच्चय, उचित उपसमुच्चय, रिक्त समुच्चय, समुच्चयों के बीच संक्रियायें (संघ, प्रतिछेद, अन्तर, समिमित अन्तर), बेन-आरेख

  1. रेखागणितः

(1) त्रिभुज, आयत, वर्ग, समलम्ब चतुर्भुज एवं वृत्त की रचना एवं उनके गुण सम्बन्धी प्रमेय तथा परिमाप एवं उनके क्षेत्रफल,

(2) गोला, समकोणीय वृत्ताकार बेलन, समकोणीय वृत्ताकार शंकु तथा धन के आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल।

  1. सांख्यिकीः आंकड़ों का संग्रह, आंकड़ों का वर्गीकरण, बारम्बारता, बारम्बारता बंटन, सारणीयन, संचयी बारम्बारता, आंकड़ों का निरूपण, दण्डचार्ट, पाई चार्ट, आयत चित्र, बारम्बारता बहुभुज, संचयी बारम्बारता वक्र, केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप- समान्तर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक ।

General English Upto Class X Level

  1. Comprehension
  2. Active Voice and Passive Voice
  3. Parts of Speech
  4. Transformation of Sentences
  5. Direct and Indirect Speech
  6. Punctuation and Spellings
  7. Words meanings
  8. Vocabulary & Usage
  9. Idioms and Phrases
  10. Fill in the Blanks

सामान्य हिन्दी (हाईस्कूल स्तर तक) के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किये जाने वाले विषय –

(1) हिन्दी वर्णमाला, विराम चिन्ह

(2) शब्द रचना, वाक्य रचना, अर्थ

(3) शब्द-रूप

(4) संधि, समास आदि

(5) क्रियायें

(7) विलोम शब्द

(9) मुहावरे एवं लोकोक्तियां

(10) तत्सम एवं तद्भव, देशज, विदेशी (शब्द भंडार)

(11) वर्तनी

(12) अर्थबोध

(13) हिन्दी भाषा के प्रयोग में होने वाली अशुद्धियाँ आर्थिक

(14) उत्तर प्रदेश की मुख्य बोलियाँ

यूपीपीएससी मेंस सिलेबस 2023

यूपीपीएससी पीसीएस प्रीलिम्स परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवार, मुख्य परीक्षा में शामिल होते हैं। उम्मीदवारों के अंतिम चयन UPPSC PCS मुख्य परीक्षा के परिणामों के आधार पर किया जाता है। UPPSC मुख्य परीक्षा में आठ पेपर शामिल हैं जो वर्णनात्मक प्रकृति के हैं। UPPSC PCS मुख्य परीक्षा कुल 1500 अंकों की होती है।

वर्ष 2023 से मुख्य परीक्षा में आयोग द्वारा बदलाव किये गये हैं, जिसके अनुसार मुख्य परीक्षा से ऑप्शनल विषयों को दिया गया है। इसके स्थान पर उत्तर प्रदेश विशेष के दो पेपर सामान्य अध्ययन-V और सामान्य अध्ययन-VI जोड़े गये हैं। 


यूपीपीएससी सामान्य हिन्दी सिलेबस 

बदले हुए पैटर्न में, UPPSC मुख्य परीक्षा में में 8 थ्योरी पेपर शामिल हैं। सामान्य हिंदी के पेपर के लिए पीसीएस परीक्षा का पाठ्यक्रम इस प्रकार है:

प्रश्नपत्र

पाठ्यक्रम

सामान्य हिन्दी

दिये हुए गद्य खण्ड का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर।

संक्षेपण।s

सरकारी एवं अर्धसरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अधिसूचना, परिपत्र

शब्द ज्ञान एवं प्रयोग

उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग,

विलोम सामान्य अध्ययन-॥ शब्द,

वाक्यांश के लिए एक शब्द

वर्तनी एवं वाक्य शुद्धि

लोकोक्ति एवं मुहावरे।

यूपीपीएससी निबंध सिलेबस

उम्मीदवारों के प्रश्न पत्र में तीन खंड होंगे जिन्हें एक निबंध का चयन करना होगा। प्रत्येक खंड से एक विषय और उन्हें प्रत्येक विषय पर 700 शब्दों में एक निबंध लिखना होगा। तीन खंडों में, निबंध के विषय निम्नलिखित क्षेत्र पर आधारित होंगे:

प्रश्नपत्र

पाठ्यक्रम

निबन्ध

खण्ड (क)-

1.साहित्य और संस्कृति

2.सामाजिक क्षेत्र

3. राजनैतिक क्षेत्र

खण्ड (ख)-

1. विज्ञान पर्यावरण और प्रौद्योगिकी

2. आर्थिक क्षेत्र

3.कृषि उद्योग एवं व्यापार

खण्ड (ग) –

1. राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम

2. प्राकृतिक आपदाएं भू-स्खलन भूकम्प, बाढ़, सूखा, आदि।

3.राष्ट्रीय विकास योजनाएं एवं परियोजनाएं

यूपीपीएससी सिलेबस सामान्य अध्ययन 1

यूपीपीएससी अधिसूचना 2023 के अनुसार, जीएस पेपर 1, जीएस पेपर -2 और जीएस पेपर-3 के लिए सिलेबस पूर्ववर्ती ही रहेगा । इसके अतिरिक्त विशिष्ट विषयों को जीएस पेपर 5 और जीएस पेपर 6 में शामिल किया जाएगा (उत्तर प्रदेश विशेष आधारित) । UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-1 का सिलेबस निम्न है:

प्रश्नपत्र

पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I

(General Studies‐I)

 भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला ।

 

आधुनिक भारतीय इतिहास (1757 ई0 से 1947 ई0 तक)- महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व एवं समस्याएं इत्यादि। 

 

स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

 

स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन (1965 ई0 तक)।

 

विश्व के इतिहास में 18 वीं सदी से बीसवीं सदी के मध्य तक की घटनाएं जैसे फ्रांसीसी क्रान्ति 1789, औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन शास्त्र जैसे साम्यवाद, पूँजीवाद, समाजवाद, नाजीवाद, फासीवाद इत्यादि के रूप और समाज पर उनके प्रभाव । 

 

भारतीय समाज और संस्कृति की मुख्य विशेषताएं। 

 

महिलाओं की समाज और महिला संगठनों में भूमिका, जनसंख्या तथा सम्बद्ध समस्याएं, गरीबी और | विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएं और उनके रक्षोपाय। 

 

उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण का अभिप्राय और उनका भारतीय समाज के अर्थ व्यवस्था, राज्य व्यवस्था और समाज संरचना पर प्रभाव । 

 

सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता। 

 

विश्व के प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का वितरण- जल,मिट्टियॉ एवं वन, दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया में (भारत के विशेष संदर्भ में)। 

 

भौतिक भूगोल की प्रमुख विशिष्टताएं- भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी क्रियाएँ, चक्रवात, समुद्री जल धाराएं, पवन एवं हिम सरिताएं। 

 

भारत के सामुद्रिक संसाधन एवं उनकी संभाव्यता। 

 

मानव प्रवास- विश्व की शरणार्थी समस्या- भारत- उपमहाद्वीप के संदर्भ में। 

 

सीमान्त तथा सीमाए–भारत उप– महाद्वीप के संदर्भ में। 

 

जनसंख्या एवं अधिवास- प्रकार एवं प्रतिरूप, नगरीकरण,स्मार्ट नगर एवं स्मार्ट ग्राम। 

 

उत्तर प्रदेश का विशेष ज्ञान-इतिहास, संस्कृति, कला, साहित्य, वास्तुकला, त्योहार, लोक-नृत्य | साहित्य, प्रादेशिक भाषाएं, धरोहरें, सामाजिक रीति-रिवाज एवं पर्यटन। 

 

उ0प्र0 का विशेष ज्ञान- भूगोल-मानव एवं प्राकृतिक संसाधन, जलवायु, मिट्टियाँ, वन वन्य-जीव, खदान और खनिज, सिंचाई के स्रोत। 

UPPSC Syllabus in Hindi- सामान्य अध्ययन 2

UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-II में मुख्य रूप से राजव्यवस्था के विषय शामिल हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनैतिक, प्रशासनिक, राजस्व एवं न्यायिक व्यवस्थाओं की विशिष्ट जानकारी जैसे विषय भी शामिल है । UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-II का सिलेबस निम्न है:

प्रश्नपत्र

पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-II

(General Studies‐ II)

भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना। संविधान के आधारभूत प्रावधानों के विकास में उच्चतम न्यायालय की भूमिका। 

 

संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ। 

 

केन्द्र-राज्य वित्तीय सम्बन्धों में वित्त आयोग की भूमिका। 

 

शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थाएं । वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्रो का उदय एवं| उनका प्रयोग। 

 

भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के साथ तुलना। 

 

संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार तथा संबंधित विषय। 

 

कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका। जनहित वाद (पी0आई0एल0)। 

 

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं। 

 

विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, शक्तियाँ, कार्य तथा उनके उत्तरदायित्व । 

 

सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय, नीति आयोग समेत- उनकी विशेषताएं एवं| कार्यभाग। 

 

सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय एवं सूचना संचार प्रौद्योगिकी (आई0सी0टी0)। 

 

विकास प्रक्रियाएं-गैर सरकारी सगंठनों की भूमिका, स्वयं सहायता समूह, विभिन्न समूह एवं संघ, अभिदाता, सहायतार्थ संस्थाएं, संस्थागत एवं अन्य अंशधारक। 

 

केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गो के लिए कल्याणकारी योजनाएं और इन योजनाओं का कार्य- निष्पादन, इन अति संवेदनशील वर्गो की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय। 

 

स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास एवं प्रबंधन से संबधित विषय। 

 

गरीबी और भूख से संबंधित विषय एवं राजनैतिक व्यवस्था के लिए इनका निहितार्थ। 

 

शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं, नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत व अन्य उपाय। 

 

लोकतंत्र में उभरती हुई प्रवृत्तियों के संदर्भ में सिविल सेवाओं की भूमिका। 

 

भारत एवं अपने पड़ोसी देशों से उसके संबंध। 

 

द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार। 

 

भारत के हितों एवं अप्रवासी भारतीयों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव। 

 

महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश तथा उनका कार्य भाग। 

 

उ0प्र0 के राजनैतिक, प्रशासनिक, राजस्व एवं न्यायिक व्यवस्थाओं की विशिष्ट जानकारी। 

 

क्षेत्रीय, प्रान्तीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक घटनाक्रम । 

यूपीपीएससी सामान्य अध्ययन 3 सिलेबस

UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-III में मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आतंरिक सुरक्षा, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में कानून एवं व्यवस्था विषयों को विषय शामिल हैं। UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-III का सिलेबस नीचे दिया गया है:

प्रश्नपत्र

पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-III

(General Studies‐ III)

भारत में आर्थिक नियोजन, उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ, नीति (एन0आई0टी0आई0) आयोग की भूमिका| संपोषणीय विकास के लक्ष्य, एस0डी0जी0 की प्राप्ति के प्रयास । 

 

गरीबी के मुददे, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय एवं समावेशी संवृद्धि। 

 

सरकार के बजट के अवयव तथा वित्तीय प्रणाली। 

 

प्रमुख फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई विधि एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उत्पाद का भंडारण, ढुलाई एवं विपणन, किसानों की सहायता हेतु ई-तकनीकी। 

 

अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष कृषि सहायकी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दे, सार्वजनिक वितरण प्रणाली-उद्देश्य, क्रियान्वयन, परिसीमाएं, सुदृढ़ीकरण खाद्य सुरक्षा एवं बफर भण्डार, कृषि सम्बन्धित तकनीकी अभियान टेक्नालाजी मिशन। 

 

भारत में खाद्य प्रसंस्करण व संबंधित उद्योग कार्यक्षेत्र एवं महत्व, स्थान निर्धारण, उर्ध्व व अधोप्रवाह आवश्यकताएं, आपूर्ति श्रृखंला प्रबंधन। 

 

भारत में स्वतंत्रता के पश्चात् भूमि सुधार । 

 

भारत में वैश्वीकरण तथा उदारीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा इनके औद्योगिक संवृद्धि पर प्रभाव। 

 

आधारभूत संरचनाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन तथा रेलवे आदि । 

 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी-विकास एवं अनुप्रयोग (दैनिक जीवन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में, भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति)। 

 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां, प्रौद्योगिकी का देशजीकरण। नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास, प्रौद्योगिकी का हस्तान्तरण, द्विअनुप्रयोगी एवं क्रान्तिक अनुप्रयोग प्रौद्योगिकियाँ। 

 

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कम्प्यूटर, ऊर्जा स्त्रोतों, नैनो प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव | विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जागरूकता। बौद्धिक सम्पदा अधिकारों एवं डिजिटल अधिकारों से सम्बन्धित मुद्दे। 

 

पर्यावरणीय सुरक्षा एवं पारिस्थितिकी तंत्र, वन्य जीवन संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरणीय प्रदूषण एवं| क्षरण, पर्यावरणीय संघात आंकलन। 

 

आपदाः गैर-पारम्परिक सुरक्षा एवं संरक्षा की चुनौती के रूप में, आपदा उपशमन एवं प्रबन्धन । 

 

अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियाः आणुविक प्रसार के मुद्दे, अतिवाद के कारण तथा प्रसार, संचार तन्त्र, मीडिया की भूमिका तथा सामाजिक तन्त्रीयता, साइबर सुरक्षा के आधार, मनी लाउन्डरिंग तथा मानव तस्करी। 

 

भारत की आन्तरिक सुरक्षा की चुनौतियांः आतंकवाद, भ्रष्टाचार, प्रतिविद्रोह तथा संगठित अपराध । 

 

सुरक्षा बलों की भूमिका, प्रकार तथा शासनाधिकार, भारत का उच्च रक्षा संगठन । 

 

उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृष्य का विशिष्ट ज्ञान:- उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था का सामान्य विवरण, राज्य के बजट । कृषि, उद्योग, आधारभूत संरचना एवं भौतिक संसाधनों का महत्व । मानव संसाधन एवं कौशल विकास, सरकार के कार्यक्रम एवं

कल्याणकारी योजनाएं। 

 

कृषि, बागवानी, वानिकी एवं पशुपालन के मुद्दे । 

 

उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में कानून एवं व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा। 

यूपीपीएससी सामान्य अध्ययन 4 सिलेबस

UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-IV एथिक्स और शासन व्ययवस्था का होता है। UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-IV का सिलेबस नीचे दिया गया है:

प्रश्नपत्र

पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-IV

(General Studies‐ IV)

नीतिशास्त्र तथा मानवीय अन्तः सम्बन्ध, मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सारतत्व, इसके निर्धारक और परिणाम : नीतिशास्त्र के आयाम, निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र। मानवीय मूल्य-महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा, मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

अभिवृत्तिः अंर्तवस्तु (कंटेन्ट), संरचना, कार्य, विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध, नैतिक और राजनीतिक अभिरूचि, सामाजिक प्रभाव और सहमति पैदा करना।

सिविल सेवा के लिए अभिरूचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता तथा गैर- तरफदारी, वस्तुनिष्ठता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा करूणा।

संवेगात्मक बुद्धिः अवधारणाएं तथा आयाम, प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनकी उपयोगिता और प्रयोग।

भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों का योगदान।

लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र : स्थिति तथा समस्याएं, सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक सरोकार तथा दुविधाएं, नैतिक मार्गदर्शन के स्त्रोतों के रूप में विधि, नियम, नियमन तथा अंतर्रात्मा, जवाबदेही तथा नैतिक शासन व्यवस्था में नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिग) में नैतिक मुद्दे, कारपोरेट शासन व्यवस्था। 

शासन व्यवस्था में ईमानदारी: लोक सेवा की अवधारणा, शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक-निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियां।

उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (केस स्टडी)।

सामान्य अध्ययन 5 के लिए यूपीपीएससी सिलेबस 2023

वर्ष 2023 में हुए बदलाव के आधार पर UPPSC PCS के मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषयों को हटा कर सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-V को जोड़ा गया है । यह पेपर उत्तर प्रदेश विशेष से सम्बंधित है।

UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-V का सिलेबस निम्न है:

उ0प्र0 का इतिहास, सभ्यता, संस्कृति एवं प्राचीन नगर ।

 

उ0प्र0 की वास्तुकला, उसकी महत्ता एवं रख-रखाव, संग्रहालय, अभिलेखागार एवं पुरातत्व ।

 

भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में 1857 से पहले एवं बाद में उ०प्र० का योगदान |

 

उ0प्र0 के सुविख्यात स्वतन्त्रता सेनानी एवं व्यक्तित्व ।

 

उ0प्र0 में ग्रामीण, शहरी एवं जनजातीय मुद्दे: सामाजिक संरचना, त्योहार, मेले, संगीत, लोकनृत्य, भाषा एवं साहित्य / बोली, सामाजिक प्रथाएं एवं पर्यटन |

 

उ0प्र0 की राजव्यवस्था – शासन प्रणाली, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, विधान सभा एवं विधान परिषद, केन्द्र-राज्य सम्बन्ध |

 

उ0प्र0 में लोक सेवाएँ, लोक सेवा आयोग लेखा परीक्षा, महान्यायवादी उच्च न्यायालय एवं उसका अधिकार क्षेत्र ।

 

उ0प्र0 – विशेष राज्य चयन मानदण्ड, राजभाषा, संचित निधि एवं आकस्मिक निधि, राजनीतिक दल एवं राज्य निर्वाचन आयोग |

 

उ0प्र0 में स्थानीय स्वशासनः शहरी एवं पंचायती राज, लोकनीति, अधिकार सम्बन्धी मुद्दे ।

 

उ0प्र0 – सुशासन, भ्रष्टाचार निवारण, लोकायुक्त, सिटीजन चार्टर, ई-गवर्नेस सूचना का अधिकार, समाधान योजना ।

 

उ0प्र0 में भूमि सुधार एवं इसका प्रभाव ।

 

उ0प्र0 में सुरक्षा से जुड़े मुद्दे:-

 

(i) उग्रवाद के प्रसार एवं विकास के बीच सम्बन्ध |

 

(ii) बाह्य, राज्य एवं अन्तर राज्यीय सक्रियकों से आन्तरिक सुरक्षा के लिये चुनौतियाँ पैदा करने में संचार नेटवर्कों, मीडिया एवं सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भूमिका ।

 

(ii) साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियम, कालेधन को वैध बनाना एवं इसकी रोकथाम

 

(v) विभिन्न सुरक्षा बल एवं एजेंसियाँ और उनके शासनादेश / अधिकार-पत्र |

 

(v) सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबन्धन, संगठित अपराधों का आंतकवाद से संबंध

 

उ0प्र0 में कानून व्यवस्था एवं नागरिक अधिकार सुरक्षा |

 

उ0प्र0 में स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय मुद्दे ।

 

उ0प्र0 में शिक्षा प्रणाली ।

 

भारत के विकास में उ०प्र० की भूमिका ।

 

उ0प्र0 की समसामयिक घटनाएं।

 

जल शक्ति मिशन एवं अन्य केन्द्रीय योजनायें एवं उनका क्रियान्वयन ।

 

उ0प्र0 में गैर सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.) मुद्दे योगदान एवं प्रभाव।

 

उ0प्र0 में पर्यटनः मुद्दे एवं सम्भावनायें ।

 

उ0प्र0 में विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार इसके मुद्दे एवं इसका समाज में रोजगार एवं सामाजिक-आर्थिक विकास पर प्रभाव।

UPPSC Syllabus in Hindi सामान्य अध्ययन 6

वर्ष 2023 में हुए बदलाव के आधार पर UPPSC Syllabus in Hindi के मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषयों को हटा कर सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-VI को जोड़ा गया है । यह पेपर उत्तर प्रदेश विशेष से सम्बंधित है, जिसमें उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उत्तर प्रदेश की राजव्यवस्था और उत्तर प्रदेश का भूगोल जैसे विषय शामिल हैं । UPPSC PCS सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-VI का सिलेबस निम्न है:

उ0प्र0 का आर्थिक परिदृश्य अर्थव्यवस्था एवं राज्य बजट की मुख्य विशेषताएं. बुनियादी ढाँचा एवं भौतिक संसाधनों का महत्व |

 

उ0प्र0 का व्यापार वाणिज्य एवं उद्योग ।

 

उ0प्र0 सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाएँ परियोजनाएँ एवं नियोजित विकास, मानव संसाधन एवं कौशल विकास ।

 

उ0प्र0 में निवेशः मुद्दे एवं प्रभाव।

 

उ0प्र0 की लोक वित्त एवं राजकोषीय नीति, कर एवं आर्थिक सुधार, एक जिला एक उत्पाद नीति ।

 

उ0प्र0 में नवीकरणीय ऊर्जा एवं गैर-नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों की योजना एवं प्रबन्धन |

 

उ0प्र0 की जनांकिकी जनसंख्या एवं जनगणना ।

 

उ0प्र0 में कृषि का व्यावसायीकरण एवं कृषि फसलों का उत्पादन।

 

उ०प्र० की नवीन वानिकी नीति ।

 

उ0प्र0 की कृषि एवं सामाजिक वानिकी ।

 

उ0प्र0 में कृषि विविधता कृषि की समस्याएँ एवं उनका समाधान ।

 

उ0प्र0 के विभिन्न क्षेत्रों में विकासीय सूचकांक ।

 

उ0प्र0 का भूगोल भौगोलिक स्थिति उच्चावच एवं संरचना, जलवायु, सिंचाई, खनिज, अपवाह प्रणाली एवं वनस्पति ।

 

उ0प्र0 में राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य |

 

उ0प्र0 में परिवहन तंत्र ।

 

उ0प्र0 में औद्योगिक विकास, शक्ति संसाधन एवं अधोसंरचना |

 

उ0प्र0 में प्रदूषण एवं पर्यावरण के मुद्दे प्रदूषण नियंत्रण परिषद एवं इनके कार्य ।

 

उ0प्र0 के प्राकृतिक संसाधन मृदा, जल, वायु, वन, घास मैदान, आद्रभूमि ।

 

उ0प्र0 के जलवायु परिवर्तन एवं मौसम पूर्वानुमान से सम्बन्धित मुद्दे I

 

उ0प्र0 के सन्दर्भ में अधिवास पारिस्थितिकी तंत्र संरचना एवं कार्य समायोजन, जीव-जन्तु एवं वनस्पतियां।

 

उ0प्र0 में विज्ञान एवं तकनीक के मुद्दे प्रसार एवं प्रयत्न ।

 

उ0प्र0 में मत्स्य, अंगूर रेशम् फूल, बागवानी एवं पौध उत्पादन तथा उ0प्र0 के विकास में इनका प्रभाव ।

 

उ0प्र0 के विकास में सार्वजनिक एवं निजी साझेदारी को प्रोत्साहित करना।

यूपीपीएससी पीसीएस सिलेबस के लिए पुस्तकें

परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए महत्वपूर्ण और सर्वश्रेष्ठ यूपीपीएससी पुस्तकों की सूची को संभाल कर रखना आवश्यक है। पीसीएस सिलेबस की तैयारी को मजबूत करने के लिए उम्मीदवारों के पास अच्छी गुणवत्ता वाली किताबें होनी चाहिए। प्रत्येक विषय में प्रत्येक विषय को कवर करने के लिए एक समर्पित पुस्तक की आवश्यकता होती है। अपने बेसिक्स के निर्माण के लिए, उम्मीदवारों को कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की एनसीईआरटी की पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। यहां यूपीपीएससी पीसीएस की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें हैं।

यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा 2023 पाठ्यक्रम

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वर्तमान घटनाएं

राष्ट्रीय आंदोलन और भारत का इतिहास

भारतीय भूगोल

विश्व का भूगोल

भारतीय राजनीति और शासन

सामाजिक विकास

आर्थिक विकास

पारिस्थितिकी [पर्यावरण], जलवायु में परिवर्तन, जैव विविधता

विज्ञान [सामान्य]

यूपीपीएससी प्रीलिम्स सिलेबस के लिए पुस्तकें

प्रारंभिक परीक्षा पहला चरण है जिसे एक उम्मीदवार को अपने सपनों को पूरा करने के लिए स्पष्ट करना होता है। यूपीपीएससी पीसीएस पुस्तकों की सूची जिसे एक उम्मीदवार को इस चरण से गुजरना चाहिए। UPPSC syllabus in hindi for Prelims नीचे सारणीबद्ध रूप में दिया गया है। उम्मीदवार अपने अवलोकन के लिए पाठ्यक्रम का उल्लेख कर सकते हैं।

विषय

पुस्तकें

भारत का इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन

प्राचीन भारत- एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें

मध्यकालीन भारत- एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें

आधुनिक भारत- स्पेक्ट्रम, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें

भारतीय भूगोल और विश्व भूगोल

एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकें

एटलस

समाचार पत्र [विश्व]

शब्दकोश

मजीद हुसैन

जीसी लियोंग

भारतीय राजनीति और शासन

लक्ष्मीकांत

सामाजिक विकास और आर्थिक विकास

अर्थशास्त्र की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें [कक्षा 9-12]

पारिस्थितिकी [पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता]

पीडी शर्मा

विज्ञान [सामान्य]

विज्ञान की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक [कक्षा 6-12]

यूपीपीएससी पीसीएस पेपर-2 के लिए पुस्तकें

यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा-2 में उम्मीदवारों की योग्यता के आधार पर उनका चयन किया जाता है। यूपीपीएससी पीसीएस 2022 के लिए उम्मीदवारों को स्क्रीन करने के लिए जिन मुख्य वर्गों से प्रश्न पूछे गए हैं वे इस प्रकार हैं;

  • अंग्रेजी में समझ
  • पारस्परिक कौशल
  • संचार कौशल
  • मात्रात्मक रूझान
  • विचार
  • विश्लेषणात्मक क्षमता
  • हिंदी कक्षा 10 तक
  • अंग्रेजी कक्षा 10 तक
  • गणित कक्षा 10 तक
  • निर्णय लेना
  • समस्या को सुलझाना

नीचे दी गई तालिका उम्मीदवारों को यूपीपीएससी पीसीएस पेपर-2 पुस्तकों की जानकारी प्रदान करेगी:

विषय

लेखक

विश्लेषणात्मक तर्क

एमके पांडेय

मात्रात्मक रूझान

आरएस अग्रवाल

रीडिंग कांप्रेहेंसिवे 

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र

यूपीपीएससी मेंस सिलेबस के लिए पुस्तकें

प्रत्येक अभ्यर्थी को यह ज्ञात होना चाहिए कि परीक्षा की तैयारी करते समय UPPCS Books की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परीक्षा की तैयारी प्रारंभ करने से पहले छात्रों को यूपीपीएससी पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न की जांच कर लेना चाहिए ताकि परीक्षा में शामिल होने से पहले परीक्षा की अच्छी समझ हो। 

दिए गए विवरणों से आप UPPCS के लिए सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों को देख पाएंगे जो बेहतर समझ और अभ्यास के लिए परीक्षा विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई हैं। 

यूपीपीएससी इतिहास पुस्तक सूची

क्रम संख्या 

पुस्तक का नाम

लेखक का नाम

प्रकाशन सभा

1

एनसीईआरटी इतिहास की किताबें (6-12)

 

 

2

भारत का प्राचीन इतिहास

आर.एस. शर्मा

ऑक्सफोर्ड यूनिवरसिटि प्रेस

3

मध्यकालीन भारत का एक इतिहास

सतीश चंद्र

ओरिएंट ब्लैक स्वान

4.

आधुनिक भारत का इतिहास

बिपिन चंद्र

ओरिएंट ब्लैक स्वान

5.

आधुनिक दुनिया का इतिहास

जैन और माथुर

जैन प्रकाशन मंदिर

6

आधुनिक भारतीय इतिहास

बीएल ग्रोवर

एस चंद प्रकाशन

7

आधुनिक भारत का एक संक्षिप्त इतिहास

स्पेक्ट्रम बुक्स प्रा.लि.

स्पेक्ट्रम बुक्स प्रा.लि.

यूपीपीएससी अर्थशास्त्र पुस्तक सूची

क्रम संख्या 

पुस्तक का नाम

लेखक का नाम

प्रकाशन सभा

1

एनसीईआरटी अर्थशास्त्र की पुस्तकें (6-12)

 

 

2

भारतीय अर्थव्यवस्था

रमेश सिंह

मैक ग्रे हिल

3

भारतीय अर्थव्यवस्था

शंकर गणेश

मैक ग्रे हिल

यूपीपीएससी भूगोल बुकलिस्ट

क्रम संख्या 

पुस्तक का नाम

लेखक का नाम

प्रकाशन सभा

1

एनसीईआरटी भूगोल पुस्तकें (6-12)

 

 

2

प्रमाणपत्र शारीरिक और मानव भूगोल

गोह चेंग लेओंग

ऑक्सफोर्ड यूनिवरसिटि प्रेस

3

भारत एक व्यापक भूगोल

डी आर कुल्हड़

कल्याणी पब्लिशर्स

4

भारत का भूगोल

माजिद हुसैन

मैक ग्रे हिल

5

भारत का भूगोल

महेश कुमार बर्णवाल

ब्रह्मांड प्रकाशन

6

स्टूडेंट एटलस

ऑक्सफोर्ड यूनिवरसिटि प्रेस

ऑक्सफोर्ड यूनिवरसिटि प्रेस

यूपीपीएससी राजनीति पुस्तक सूची

क्रम संख्या 

पुस्तक का नाम

लेखक का नाम

प्रकाशन सभा

1

एनसीईआरटी भारतीय राजनीति पुस्तकें (9-12)

 

 

2

भारतीय राजव्यवस्था

एम लक्ष्मीकांत

मैक ग्रे हिल

3

भारत का संविधान

यूनिवर्सल लॉ पब्लिशिंग कंपनी

यूनिवर्सल लॉ पब्लिशिंग कंपनी

यूपीपीएससी हिंदी पुस्तक सूची

क्रम संख्या 

पुस्तक का नाम

लेखक का नाम

प्रकाशन सभा

1

सामान्य हिंदी

डॉ राघव प्रकाश और डॉ सविता पयावाल

PCP- पिंक सिटीप्रकाशक द्वारा

यूपीपीएससी (सामान्य अध्ययन / करंट अफेयर्स) पुस्तक सूची

क्रम संख्या 

पुस्तक का नाम

लेखक का नाम 

प्रकाशन सभा

1

एनसीईआरटी विज्ञान पुस्तकें (6-12)

 

 

2

सामान्य ज्ञान

 

लुसेंट

3

मनोरमा ईयर बुक 

मामन मैथ्यू

मलयाला मनोरमा प्रेस

यहां कुछ अन्य सामग्री और युक्तियां दी गई हैं जो आपकी तैयारी को बढ़ावा देंगी

  • आपको अखबार पढ़ना चाहिए: द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया
  • आपको जिन पत्रिकाओं का अनुसरण करना चाहिए वे हैं: प्रतियोगिता दर्पन, योजना, कुरुक्षेत्र, घाट चक्र और पृथ्वी पर नीचे
  • यूपी का आर्थिक सर्वेक्षण
  • उत्तर प्रदेश की जनगणना
  • करंट अफेयर्स (CA) सेक्शन हमेशा से यूपीपीएससी परीक्षाओं में पसंदीदा वर्गों में से एक रहा है और आयोग ने बार-बार वर्तमान मामलों के अच्छे प्रश्नों की संख्या दी है।
  • आपको प्रारंभिक परीक्षा के महीने से पहले कम से कम पिछले 8-10 महीनों के वर्तमान मामलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। स्रोत: यूपीपीसीएस के लिए दैनिक करंट अफेयर्स, यूपीपीसीएस के लिए मासिक करंट अफेयर्स, BYJU’S के विशेषज्ञ दल द्वारा तैयार किए गए पीसीएस एक्जाम के लिए अंतिम छह महीने के करंट अफेयर्स।
  • घटनाचक्र करंट अफेयर्स (प्रीलिम्स परीक्षा से कुछ दिन पहले प्रकाशित) और द हिंदू या इंडियन एक्सप्रेस और स्थानीय दैनिक समाचार पत्र।

यूपीपीएससी सिलेबस की तैयारी लिए टिप्स

UPPSC PCS परीक्षा के सिलेबस को कवर करने के लिए उचित तैयारी और योजना की आवश्यकता होती है। यहां कुछ तैयारी के टिप्स दिए गए हैं जो उम्मीदवारों को UPPSC PCS परीक्षा के पाठ्यक्रम को कवर करने और अच्छे अंकों के साथ परीक्षा को पास करने में मदद करेंगे:

UPPSC syllabus को जानें: उम्मीदवारों को इसकी पूरी तरह से समीक्षा करनी चाहिए और तदनुसार अपनी तैयारी की योजना बनानी चाहिए।

स्टडी शेड्यूल बनाएं: स्टडी शेड्यूल प्रभावी ढंग से समय का प्रबंधन करने में मदद करता है और यह सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार परीक्षा से पहले सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर लें।

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें: पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करने से परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के पैटर्न और प्रकार के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलती है। यह प्रश्नों को हल करने की गति और सटीकता में सुधार करने में भी मदद करता है।

नियमित रूप से रिवीजन करें: महत्वपूर्ण विषयों का नियमित रिवीजन जानकारी को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है और महत्वपूर्ण तथ्यों को भूलने की संभावना को कम करता है।

सामान्य हिंदी पर ध्यान दें: परीक्षा में सामान्य हिंदी एक महत्वपूर्ण खंड है। उम्मीदवारों को इस खंड पर ध्यान देना चाहिए और अपने हिंदी भाषा कौशल में सुधार के लिए नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए।

नोट्स तैयार करें: नोट्स तैयार करने से महत्वपूर्ण विषयों को जल्दी और प्रभावी ढंग से दोहराने में मदद मिलती है। नोट्स परीक्षा से पहले त्वरित संशोधन में भी मदद करते हैं।

करंट अफेयर्स से अपडेट रहें: परीक्षा का सामान्य ज्ञान खंड वर्तमान घटनाओं को कवर करता है। इस सेक्शन में अच्छा स्कोर करने के लिए उम्मीदवारों को करंट अफेयर्स से अपडेट रहना चाहिए।

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