UPTET पूरा पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न 2022, [पेपर-1 और पेपर-2] अभी पढ़ें!

By Karishma Singh|Updated : May 23rd, 2022

UPTET पाठ्यक्रम 2022: UPTET परीक्षा उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड (UPBEB) द्वारा आयोजित एक राज्य स्तरीय परीक्षा है। यूपी टीईटी परीक्षा लगभग अन्य राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा जैसी ही होती है। उत्तर प्रदेश राज्य में स्कूल शिक्षकों की भर्ती के लिए UPTET परीक्षा साल में एक बार आयोजित की जाती है। UPTET परीक्षा उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करने के लिए आयोजित की जाती है।यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 को पास करने के लिए यूपी टीईटी परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम का पूर्ण ज्ञान आवश्यक है। इस लेख में, हम यूपीटीईटी परीक्षा के सभी विषयो का पाठ्यक्रम विवरण, हिंदी भाषा में शेयर कर रहे हैं।

यहां, हम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सभी विषयों बाल विकास, गणित, हिंदी, अंग्रेजी भाषा, पर्यावरण अध्ययन के लिए UPTET पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न 2022 साझा कर रहे हैं।

Table of Content

यूपीटीईटी परीक्षा पैटर्न 2022

  • UPTET परीक्षा को दो पेपरों में विभाजित किया गया है - पेपर 1 और पेपर 2।
  • यह 150 अंकों की पेन-पेपर आधारित परीक्षा है, जिसमें नकारात्मक अंकन के प्रावधान के बिना 1 अंक के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।
  • UPTET 2022 की परीक्षा अवधि प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे 30 मिनट है।

UPTET सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को समझना आसान बनाने के लिए हमने UPTET 2022 सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।

I. प्राथमिक स्तर के लिए यूपीटीईटी परीक्षा पैटर्न (पेपर - 1)

क्र.सं.

विषय

प्रश्‍नों की संख्‍या

अंक

कुल समय

1

बाल विकास एवं अध्‍यापन

30

30


150 मिनट

2

भाषा - 1 हिन्‍दी

30

30

3

भाषा - 2 (उर्दू या इंग्लिश या संस्कृत) 

30

30

4

गणित 

30

30

5

पर्यावरण अध्‍ययन 

30

30

कुल

150

150

II. उच्च प्राथमिक स्तर के लिए यूपीटीई परीक्षा परीक्षा (पेपर - 2)

क्र.सं.

विषय

प्रश्‍नों की संख्‍या

अंक

कुल समय

1

बाल विकास एवं अध्‍यापन

30

30


150 मिनट

2

भाषा - 1 (हिंदी)

30

30

3

भाषा - 2 (उर्दू या इंग्लिश या संस्कृत) 

30

30

4

विज्ञान एवं गणित या सामाजिक विज्ञान

60

60

कुल 

150

150

नोट: गणित तथा विज्ञान, गणित तथा विज्ञान अध्‍यापकों (विज्ञान वर्ग छात्रों हेतु) के लिए तथा सामाजिक विज्ञान, सामाजिक विज्ञान शिक्षकों (कला वर्ग के छात्रों हेतु) के लिए है।

यूपीटीईटी पाठयक्रम:

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में पांच विषय बाल विकास, गणित, हिंदी भाषा, अंग्रेजी भाषा और पर्यावरण अध्ययन, गणित शामिल हैं। पाठ्यक्रम का विस्तृत विषयवार पूरा विवरण नीचे दिया गया है।

यूपीटीईटी पेपर -1 पूर्ण पाठ्यक्रम 2022

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र:

  • बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र बाल विकास की अवस्थाएँ शारीरिक विकास, मानसिक विकास, संवेगात्मक विकास, भाषा विकास – अभिव्यक्ति क्षमता का विकास, सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास|
  • बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक-वंशानुक्रम, वातावरण|
  • (पारिवारिक, सामाजिक, विधालयीय, संचार माध्यम)
  • सीखने का अर्थ तथा सिद्धांत :
  • अधिगम (सीखने) का अर्थ प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ|
  • अधिगम के नियम – थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व|
  • अधिगम के प्रमुख सिद्धांत तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यावहारिक उपयोगिता, थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत, पैवलव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धांत सिकनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धांत कोहलर का सूझ या अंतदृष्टि का सिद्धांत प्याज़े का सिद्धांत व्योगास्की का सिद्धांत सीखने का वक्र – अर्थ एवं प्रकार सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं निराकारण|

शिक्षण एवं शिक्षण विधाएँ:

  • शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, संप्रेषण शिक्षण के सिद्धांत, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण प्रविधियाँ, शिक्षण की नवीन विधाएँ (उपागम), सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल|

समावेशी शिक्षा-निर्देशन एवं परामर्श:

  • शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण यथा: अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता (दृष्टीबाधित, श्रवणबाधित एवं वाक/अस्थिबाधित), मानसिक दक्षता 
  • समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी0एल0एम0 एवं अभिवृत्तियाँ 
  • समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी 
  • समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ | यथा-ब्रेललिपि आदि 
  • समवेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श – अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र
  • परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थाये :
  • मनोविज्ञानशाला उ0प्र0, इलाहाबाद
  • मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र (मण्डल स्तर पर)
  • जिला चिकित्सालय
  • जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षत डायट मेंटर
  • पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तन्त्र
  • समुदाय एवं विधालय की सहयोगी समितियाँ
  • सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन
  • बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व

अधिगम और अध्यापन :

  • बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं; बालक विधालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों ‘असफल’ होते हैं 
  • अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएँ; बालकों की अधिगम कार्यनीतियां सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम, अधिगम के सामाजिक संदर्भ 
  • एक समस्या समाधानकर्ता और एक “वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में बालक
  • बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की ‘त्रुटियों’ को समझना
  • बोध और संवेदनाएँ 
  • प्रेरणा और अधिगम
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक – निजी एवं पर्यावरणीय

हिंदी भाषा:

  • अपठित अनुच्छेद
  • हिंदी वर्णमाला  (स्वर, व्यंजन)
  • वर्णों के मेल से मात्रिक तथा अमात्रिक शब्दों की पहचान 
  • वाक्य रचना 
  • हिंदी की सभी ध्वनियों के पारस्परिक अंतर की जानकारी विशेष रूप से – ष, स, ब, व, ढ, ड, क्ष, छ, ण तथा न की ध्वनियाँ 
  • हिंदी भाषा की सभी ध्वनियों, वर्णों अनुस्वार एव चन्द्रबिंदु में अंतर
  • संयुक्ताक्षर एवं अनुनासिक ध्वनियों के प्रयोग से बने शब्द 
  • सभी प्रकार की मात्राएँ 
  • विराम चिह्नों यथा – अल्प विराम, अर्द्धविराम, पूर्णविराम, प्रश्नवाचक, विस्मयबोधक, चिह्नों का प्रयोग 
  • विलोम, समानार्थी, तुकान्त, अतुकान्त, सामान, ध्वनियों वाले शब्द 
  • वचन, लिंग एव काल 
  • प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम तद्भव व देशज, शब्दों की पहचान एव उनमें अंतर 
  • लोकोक्तियाँ एव मुहावरों के अर्थ 
  • सन्धि – (1) स्वर सन्धि – दीर्घ सन्धि, गुण सन्धि, वृद्धि सन्धि, यण सन्धि, अयादि सन्धि (2) व्यंजन सन्धि (3) विसर्ग सन्धि
  • वाच्य, समान एव अंलकार के भेद 
  • कवियों एव लेखकों की रचनाएँ 

भाषा विकास का अध्यापन:

  • अधिगम और अर्जन 
  • भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका: भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते है 
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श 
  • एक भिंन कक्षा में भाषा पढाने की चुनौतियाँ भाषा की कठिनाइयाँ त्रुटिया और विकार 
  • भाषा कौशल 
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मुल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढना, लिखना 
  • अध्यापन – अधिगम सामग्रियां: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

English Language:

  • Unseen Passage
  • The sentence (Subject & predicate, kinds of sentences)
  • Parts of speech - Noun, pronoun, adverb, adjective, verb, preposition & conjunction
  • Articles
  • Punctuation
  • Word formation
  • Active & passive voice
  • Singular & plural
  • Gender

संस्कृत भाषा:

  • अपठित अनुच्छेद 
  • अपठित अनुच्छेद संज्ञाएँ 
  • अकारान्त (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग एवं नपुंसकलिंग)
  • ईकारान्त (स्त्रीलिंग एवं  पुल्लिंग)
  • ऋकारान्त (पुल्लिंग एवं स्त्रीलिंग)
  • घर, परिवार, परिवेश, पशु, पक्षियों, घरेलू, उपयोग की वस्तुओं की संस्कृत नामों से परिचय 
  • सर्वनाम एवं क्रियाएँ 
  • शरीर के प्रमुख अंगों के संस्कृत शब्दों का प्रयोग 
  • अव्यय 
  • संधि – सरल शब्दों की संधि तथा उनका विच्छेद दीर्घ संधि) 
  • संख्याएँ – संस्कृत में संख्याओं का ज्ञान 
  • लिंग, वचन, प्रत्याहार, स्वर के प्रकार, व्यंजन के प्रकार, अनुस्वार एवं अनुनासिक व्यंजन 
  • स्वर व्यंजन एवं विसर्ग संधियाँ, समास, उपसर्ग, पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, कारक, प्रत्यय एवं वाच्य 
  • कवियों एवं लेखकों की रचनाएँ 

भाषा विकास का अध्यापन : 

  • अधिगम और अर्जन 
  • भाषा अध्यापन के सिद्धांत 
  • सुनने और बोलने की भूमिका: भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं 
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श 
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार 
  • भाषा कौशल |भाषा बोधगम्यता और प्रवीनता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना 
  • अध्यापन – अधिगम सामग्रियाँ; पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री कक्षा का बहुभाषायी संसाधन 
  • उपचारात्मक अध्यापन 

गणित:

  • संख्याएँ एवं संख्याओं का जोड़, घटाना, गुणा, भाग 
  • लघुत्तम समापवर्तक एवं महत्तम समापवर्तक 
  • भिन्नो का जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग 
  • दशमलव – जोड़, घटाना, गुणा व भाग 
  • ऐकिक नियम प्रतिशत लाभ-हानि 
  • साधारण ब्याज ज्यामिति-ज्यामितीय आकृतियाँ एवं पृष्ठ, कोण, त्रिभुज, वृत्त 
  • धन (रुपया-पैसा)मापन – समय, तौल, धारिता, लम्बाई एवं ताप 
  • परिमिति (परिमाप) – त्रिभूत, आयत, वर्ग, चतुर्भुज कैलेण्डर आंकड़े आयतन, धारिता – धन, घनाभ 
  • क्षेत्रफल – आयत, वर्ग रेलवे या बस समय – सारिणी आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण एवं निरूपण 

अध्यापन संबंधी मुददे:

  • गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति बालक के चिंतन एवं तर्कशक्ति पैटनों तथा अर्थ निकालने और अधिगम की कार्यनीतियों को समझना 
  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान 
  • गणित की भाषा 
  • सामुदायिक गणित औपचारिक एवं अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन 
  • शिक्षण की समस्याएँ |त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू 
  • नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण 

यूपीटीईटी पेपर-2 पाठ्यक्रम 2022

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र:

  • बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र बाल विकास की अवस्थाएँ शारीरिक विकास, मानसिक विकास, संवेगात्मक विकास, भाषा विकास – अभिव्यक्ति क्षमता का विकास, सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास 
  • बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक-वंशानुक्रम, वातावरण 
  • (पारिवारिक, सामाजिक, विधालयीय, संचार माध्यम)
  • सीखने का अर्थ तथा सिद्धांत :
  • अधिगम (सीखने) का अर्थ प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ 
  • अधिगम के नियम – थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व 
  • अधिगम के प्रमुख सिद्धांत तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यावहारिक उपयोगिता, थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत, पैवलव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धांत सिकनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धांत कोहलर का सूझ या अंतदृष्टि का सिद्धांत प्याज़े का सिद्धांत व्योगास्की का सिद्धांत सीखने का वक्र – अर्थ एवं प्रकार सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं निराकारण 

शिक्षण एवं शिक्षण विधाएँ:

  • शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, संप्रेषण शिक्षण के सिद्धांत, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण प्रविधियाँ, शिक्षण की नवीन विधाएँ (उपागम), सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल 

समावेशी शिक्षा-निर्देशन एवं परामर्श:

  • शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण यथा: अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता (दृष्टीबाधित, श्रवणबाधित एवं वाक/अस्थिबाधित), मानसिक दक्षता 
  • समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी0एल0एम0 एवं अभिवृत्तियाँ 
  • समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी 
  • समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ | यथा-ब्रेललिपि आदि 
  • समवेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श – अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र
  • परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थाये :
  • मनोविज्ञानशाला उ0प्र0, इलाहाबाद
  • मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र (मण्डल स्तर पर)
  • जिला चिकित्सालय
  • जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षत डायट मेंटर
  • पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तन्त्र
  • समुदाय एवं विधालय की सहयोगी समितियाँ
  • सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन
  • बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व

अधिगम और अध्यापन :

  • बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं; बालक विधालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों ‘असफल’ होते हैं 
  • अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएँ; बालकों की अधिगम कार्यनीतियां सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम, अधिगम के सामाजिक संदर्भ 
  • एक समस्या समाधानकर्ता और एक “वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में बालक 
  • बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की ‘त्रुटियों’ को समझना 
  • बोध और संवेदनाएँ 
  • प्रेरणा और अधिगम 
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक – निजी एवं पर्यावरणीय 

हिंदी भाषा:

  • अपठित अनुच्छेद
  • संज्ञा एव सर्वनाम के भेद 
  • विशेषण एव विशेषण के भेद 
  • क्रिया एव क्रिया के भेद 
  • वाच्य – कर्तवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य
  • हिंदी भाषा की समस्त ध्वनियों, संयुक्ताक्षरों, संयुक्त व्यंजनों, एव चन्द्रबिंदु में अंतर 
  • वर्णक्रम, पर्यायवाची, विपरीतार्थक, अनेकार्थक, समानार्थीस्मनाथ्री शब्द
  • अव्यय के भेद 
  • अनुस्वार, अनुनासिक का प्रयोग 
  • “र” के विभिनन रूपों का प्रयोग 
  • वाक्य निर्माण (सरल, संयुक्त एव मिश्रित वाक्य) 
  • विराम चिन्हों की पहचान एव उपयोग 
  • तत्सम, तद्भव देशज एव विदेशी शब्द 
  • उपसर्ग एव प्रत्यय 
  • शब्द युग्म 
  • समास, समास विग्रह, समास के भेद
  • मुहावरें एवं लोकोक्तियाँ
  • क्रिया सकर्मक एवं अकर्मक
  • संधि एवं संधि के भेद (स्वर, व्यंजन, विसर्ग सन्धियाँ)
  • अलंकार (अनुप्रास, यमक, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिश्योक्ति)

भाषा विकास का अध्यापन

  • अधिगम और अर्जन 
  • भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका: भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते है 
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श 
  • एक भिंन कक्षा में भाषा पढाने की चुनौतियाँ भाषा की कठिनाइयाँ त्रुटिया और विकार 
  • भाषा कौशल 
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मुल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढना, लिखना 
  • अध्यापन – अधिगम सामग्रियां: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

अंग्रेजी भाषा:

  • Unseen passage
  • Pronoun &its kinds
  • Verbs & its kinds
  • Adjective & its kinds & degrees
  • Adverb & its kinds
  • Preposition & its kinds
  • Conjunction & it's kind
  • Interjection
  • Singular & plural
  • Subject & predicate
  • Negative & interrogative sentences
  • Masculine & feminine gender
  • Punctuations
  • Suffix with root words
  • Phrasal verbs
  • Use of somebody, nobody, anybody
  • Fill up (parts of speech)
  • Narration
  • Active voice & passive voice
  • Antonyms & synonyms
  • Use of homophones
  • Use of requesting words in sentences
  • Silent letters in words

गणित:

  • प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, परिमेय संख्याएँ 
  • पूर्णांक कोष्ठक लघूत्तम समाप्वर्ती एवं महत्तम समापवर्तक 
  • वर्गमूल 
  • घनमूल 
  • सर्वसमिकाएँ 
  • बीजगणित, अवधारणा-चर संख्याएँ, अचर संख्याएँ, चर संख्याओं की घात 
  • बीजीय व्यंजकों का जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग, बीजीय व्यंजकों के पद एवं पदों के गुणांक, सजातीय एवं विजातीय पद, व्यंजकों की डिग्री, एक, दो एवं त्रिपदीय व्यंजकों की अवधारणा 
  • युगपत समीकरण, वर्ग समीकरण, रेखीय समीकरण 
  • समांतर रेखाएँ, चतुर्भुज की रचनाएँ, त्रिभुज 
  • वृत्त और चक्रीय चतुर्भुज 
  • वृत्त की स्पर्श रेखाएँ 
  • वाणिज्य गणित – अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता, लाभ-हानि, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, कर (टैक्स), वस्तु विनिमय प्रणाली 
  • बैंकिंग – वर्तमान मुद्रा, बिल तथा कैशमेमो 
  • सांख्यिकी – आंकड़ों का वर्गीकरण, पिकटोंग्राफ, माध्य, माध्यिका एवं बहुलक, बारम्बारता 
  • पाई एवं दण्ड चार्ट, अवर्गीकृत आँकड़ों का चित्र 
  • सम्भावना (प्रायिकता) ग्राफ, दण्ड, आरेख तथा मिश्रित दण्ड आरेख 
  • कार्तिय तल 
  • क्षेत्रमिति  (मेंसुरेशन)
  • घातांक 

अध्यापन संबंधी मुददे:

  • गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति 
  • पाठयचर्या में गणित का स्थान 
  • गणित की भाषा 
  • सामुदायिक गणित 
  • मूल्यांकन 
  • उपचारात्मक शिक्षण 
  • शिक्षण की समस्याएँ 

विज्ञान:

  • दैनिक जीवन में विज्ञान, महत्वपूर्ण खोज, महत्व, मानव विज्ञान एवं प्रौघोगिकी 
  • रेशे एवं वस्त्र, रेशों से वस्त्रों तक | (प्रक्रिया)
  • सजीव, निर्जीव पदार्थ – जीव जगत, सजीवों का वर्गिकरण, जन्तु एवं वनस्पति के आधार पर पौधों का वर्गिकरण एवं जन्तुओं का वर्गीकरण, जीवों में अनुकूलन, जन्तुओं एवं पौधों में
  • परिवर्तन 
  • जन्तु की संरचना व कार्य 
  • सूक्ष्म जीव एवं उनका वर्गीकरण 
  • कोशिका से अंगतंत्र तक 
  • किशोरावस्था, विकलांगता 
  • भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं रोग, फसल उत्पादन, नाइट्रोजन चक्र 
  • जन्तुओं में पोषण 
  • पौधों में पोषण, जनन, लाभदायक पौधे 
  • जीवों में श्वसन, उत्सर्जन, लाभदायक जन्तु 
  • मापन 
  • विघुत धारा 
  • चुम्बकत्व 
  • गति, बल एवं यंत्र 
  • ऊर्जा 
  • कम्प्युटर 
  • ध्वनि 
  • स्थिर विघुत 
  • प्रकाश एवं प्रकाश यंत्र 
  • वायु-गुण, संघटन, आवश्यकता, उपयोगिता, ओजोन परत, हरित गृह प्रभाव 
  • जल – आवश्यकता, उपयोगिता, स्रोत, गुण, प्रदूषण, जल-संरक्षण 
  • पदार्थ, पदार्थों के समूह, पदार्थों का पृथ्क्करण, पदार्थ की संरचना एवं प्रकृति 
  • पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन, भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन 
  • अम्ल, क्षार, लवण 
  • ऊष्मा एवं ताप 
  • मानव निर्मित वस्तुएँ, प्लास्टिक, काँच, साबुन, मृतिका 
  • खनिज एवं धातु 
  • कार्बन एवं उसके यौगिक |ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत 

अध्यापन संबंधी मुददे:

  • विज्ञान की प्रकृति और संरचना 
  • प्राकृतिक विज्ञान/लक्ष्य और उद्देश्य
  • विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना 
  • दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण 
  • प्रेक्षण/प्रयोग/अन्वेषण  (विज्ञान की पद्धति)
  • अभिनवता 
  • पाठयचर्या सामग्री/सहायता सामग्री 
  • मूल्यांकन 
  • समस्याएँ 
  • उपचारात्मक शिक्षण 

सामाजिक विज्ञान:

इतिहास:

  • इतिहास जानने के स्रोत 
  • पाषाणकालीन संस्कृति, ताम्र पाषाणीक संस्कृति, वैदिक संस्कृति 
  • छठी शताब्दी ई0पू0 का भारत
  • भारत के प्रारम्भिक राज्य 
  • भारत में मौर्य साम्राज्य की स्थापना 
  • मौर्यतरकालीन भारत, गुप्त काल, राजपूतकालीन भारत, पुष्यभूति वंश, दक्षिण भारत के राज्य 
  • इस्लाम का भारत में आगमन 
  • दिल्ली सल्तनत की स्थापना, विस्तार, विघटन 
  • मुगल साम्राज्य, संस्कृति, पतन 
  • यूरोपीय शक्तियों का भारत में आगमन एवं अंग्रेजी राज्य की स्थापना 
  • भारत में कम्पनी राज्य का विस्तार 
  • भारत में नवजागरण, भारत में राष्ट्रवाद का उदय
  • स्वाधीनता आंदोलन, स्वतन्त्रता प्राप्ति, भारत विभाजन 
  • स्वतंत्र भारत की चुनौतिया 

नागरिक शास्त्र: 

  • हम और हमारा समाज 
  • ग्रामीण एवं नगरीय समाज व रहन सहन 
  • ग्रामीण व नगरीय स्वशासन 
  • जिला प्रशासन 
  • हमारा संविधान 
  • यातायात सुरक्षा 
  • केन्द्रिय व राज्य शासन व्यवस्था 
  • भारत में लोकतन्त्र 
  • देश की सुरक्षा एवं विदेश नीति 
  • वैश्विक समुदाय एवं भारत 
  • नागरिक सुरक्षा 
  • दिव्यांगजन

भूगोल:

  • सौरमंडल में पृथ्वी, ग्लोब – पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण, पृथ्वी की गतियाँ 
  • मानचित्रण, पृथ्वी के चार परिमण्डल, स्थल मण्डल पृथ्वी की संरचना, पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप 
  • विश्व में भारत, भारत का भौतिक स्वरूप, मृदा, वनस्पति एवं वन्य जीव, भारत की जलवायु भारत के आर्थिक संसाधन, यातायात, व्यापार एवं संचार 
  • उत्तर प्रदेश – भारत में स्थान, राजनीतिक विभाग, जलवायु, मृदा, वनस्पति एवं वन्यजीव कृषि, खनिज उघोग – धंधे जनसंख्या, एवं नगरीकरण 
  • धरातल के रूप, बदलने वाले कारक  (आंतरिक एवं वाहय कारक)
  • वायुमंडल, जलमंडल 
  • संसार के प्रमुख प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन 
  • खनिज संसाधन, उघोग – धन्धे 
  • आपदा एवं आपदा प्रबंधन 

पर्यावरणीय अध्ययन:

  • पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन एवं उनकी उपयोगिता 
  • प्राकृतिक संतुलन 
  • संसाधनों का उपयोग 
  • जनसंख्या वृद्धि का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण – प्रदूषण 
  • अपशिष्ट प्रबंधन, आपदाएँ, पर्यावरणविद पर्यावरण, के क्षेत्र में पुरस्कार, पर्यावरण दिवस, पर्यावरण कैलेण्डर 

गृहशिल्प/गृहविज्ञान:

  • स्वास्थ्य एवं स्वच्छता 
  • पोषण, रोग एवं उनसे बचने के उपाय, प्राथमिक उपचार 
  • खाघ पदार्थों का संरक्षण 
  • प्रदूषण 
  • पाचन संबंधी रोग एवं सामान्य बीमारियाँ 
  • गृह प्रबंधन, सिलाई कला, धुलाई कला, पाक कला, बुनाई कला, कढ़ाई कला 

शारीरिक शिक्षा एवं खेल:

  • शारीरिक शिक्षा, व्यायाम, रोग एवं प्राणायाम 
  • मार्चिंग, राष्ट्रीय खेल एवं पुरस्कार 
  • छोटे एवं मनोरंजनात्मक खेल, अंतराष्ट्रीय खेल 
  • खेल और हमारा भोजन 
  • प्राथमिक चिकित्सा 
  • नशीले पदार्थों के दुष्परिणाम एवं उनसे बचाव का का उपाय, खेलकूद, खेल प्रबंधन एवं नियोजन का महत्व 

संगीत:

  • स्वर ज्ञान 
  • राग परिचय 
  • संगीत में लय एवं ताल का ज्ञान 
  • तीव्र मध्यम वाले राग 
  • वंदना गीत/झण्डा गान 
  • देशगान, देशगीत, भजन 
  • वनसंरक्षण/वृक्षारोपण 
  • क्रियात्मक गीत 

उघान विज्ञान एवं फलसंरक्षण:

  • मिट्टी, मृदा गठन, भू-परिष्करण, यंत्र, बीज, खाद उर्वरक 
  • सिंचाई, सिचाई के यंत्र 
  • बाग लगाना विधालय वाटिका 
  • झाड़ी एवं लताएँ, शोभा वाले पौधे, मौसमी फूल की खेती, फलों की खेती, शाक वाटिका, सब्जियों की खेती
  • प्रवर्धन, कायिक प्रवर्धन
  • फल परीक्षण, फल संरक्षण-जैम, जेली, सॉस, अचार बनाना
  • जलवायु विज्ञान
  • फसल चक्र

अध्यापन संबंधी मुददे:

  • सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और पद्धति 
  • कक्षा की प्रक्रीयाएँ, क्रियाकलाप और व्याखायन 
  • विवेचित चिंतन का विकास करना 
  • पूछताछ/अनुभवजन्य साक्ष्य 
  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्याएँ 
  • प्रोजेक्ट कार्य 
  • मूल्यांकन

धन्यवाद!

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FAQs

  • UPTET 2022 की परीक्षा अवधि प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे 30 मिनट है। यह 150 अंकों की एक ऑफ़लाइन पेन-पेपर-आधारित परीक्षा है जिसमें नकारात्मक अंकन के प्रावधान के बिना प्रत्येक 1 अंक के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।

  • UPTET परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है। हालांकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए उम्मीदवारों को 0 अंक मिलेंगे।

  • परीक्षा को दो पेपरों में विभाजित किया गया है - पेपर 1 और पेपर 2। UPTET 2022 की परीक्षा अवधि प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे 30 मिनट है। यह 150 अंकों की एक ऑफ़लाइन पेन-पेपर-आधारित परीक्षा है जिसमें नकारात्मक अंकन के प्रावधान के बिना प्रत्येक 1 अंक के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया उपरोक्त लेख पढ़ें।

  • हां, इच्छुक उम्मीदवार यूपीटीईटी पेपर 1 और पेपर 2 दोनों दे सकते हैं।

  • उम्मीदवार पेपर I और पेपर II दोनों के लिए यूपीटीईटी पाठ्यक्रम के लिए उपरोक्त लेख पढ़ सकते हैं। हमने आपको UPTET सिलेबस 2022 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की है।

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