विकर्ण सम्बन्ध किसे कहते हैं?

By Raj Vimal|Updated : September 12th, 2022

विकर्ण सम्बन्ध आवर्त सारणी के दुसरे और तीसरे तत्वों (प्रथम 20 तत्वों) के बीच सम्बन्ध होता है। उदाहरण के लिए लिथियम (Li) और मैग्नीशियम (Mg), बोरॉन (B) और सिलिकॉन (Si), बेरिलियम (Be) और एल्युमिनियम (Al), आदि। इन जोड़ो के गुण सामान होते हैं। जैसे कि बोरॉन और सिलिकॉन दोनों का ही गुण अर्धचालक हैं। वहीँ लिथियम (Li) और मैग्नीशियम (Mg) के इलेक्ट्रोनेगेटिव मान और आकार सामान होते हैं।

आवर्त सारणी क्या है?

रसायनशास्त्र में रसायन तत्वों को क्रम से सजाने वाली वह सारणी जहाँ सभी तत्वों को उनके परमाणु भार, इलेक्ट्रान विन्यास के आधार पर क्रम से सजाया जाए। शुरू में जब आर्वत सारणी की खोज हुई तो बहुत ही कम तत्व होते थे। धीरे-धीरे तत्वों की खोज होती रही और वर्तमान में कुल तत्वों की संख्या 118 है। 

Summary

विकर्ण सम्बन्ध किसे कहते हैं?

विकर्ण सम्बन्ध, रसायनशास्त्र के आवर्त सारणी के दुसरे और तीसरे आवर्त के तत्वों के सामान गुणों को कहते हैं। इसके उदाहरण शुरू के 20 तत्वों तक ही सीमित है। जैसे कि बोरॉन (B) और सिलिकॉन (Si), बेरिलियम (Be) और एल्युमिनियम (Al), आदि।

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