संज्ञा कितने प्रकार की होती है?

By Raj Vimal|Updated : August 18th, 2022

किसी भी जाति, व्यक्ति, स्थान, द्रव्य, गुण, भाव, और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं। संज्ञा पांच प्रकार के होते हैं, व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा और समूहवाचक संज्ञा। उदाहरण के लिए - महात्मा गाँधी, अनार, रेडियो, कुतुबमीनार, आदि।

संज्ञा के भेद और उनके उदाहरण

  • व्यक्तिवाचक संज्ञा - वह संज्ञा जिसमें केवल व्यक्ति के नाम और स्थान के नाम का बोध हो, व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाती है। जैसे कि - नेहरु, दिल्ली, आदि।
  • जातिवाचक संज्ञा - जिस संज्ञा शब्द से किसी प्राणी या वस्तु के समस्त जाति का बोध हो तो वह शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे कि कुत्ता, शेर, लड़की, आदि।
  • भाववाचक संज्ञा - जिस संज्ञा के शब्द से किसीपदार्थों की गुण-दोष, अवस्था, भाव या धर्म आदि का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे कि दुःख, खराब, थकावट, मिठास आदि।
  • द्रव्यवाचक संज्ञा - वह संज्ञा शब्द, जिससे किसी पदार्थ के द्रव्य का बोध हो, वह द्रव्य वाचक संज्ञा कहलाती है। जैसे कि - तेल, घी, पेट्रोल आदि।
  • समूह वाचक संज्ञा - जिस संज्ञा के शब्द से किसी समूह का बोध हो, उसे समूह वाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे कि - सेना, कक्षा, पुलिस, आदि।

Summary 

संज्ञा कितने प्रकार की होती है?

संज्ञा 5 प्रकार के होते हैं, जिनके नाम है व्यक्तिवाचक संज्ञा, समूहवाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा।

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