सदैव का संधि विच्छेद क्या है?

By Sukrati Saxena|Updated : July 12th, 2022

सदैव का संधि विच्छेद "सदा + एव" होता है। सदैव में "वृद्धि स्वर संधि" संधि है। इसमें “वृद्धि स्वर संधि” लागू होती है। संधि करते समय जब अ, आ के साथ ए, ऐ हो तो बनता है और जब अ, आ के साथ ओ, औ हो तो औ बनता है, उसे वृधि संधि कहते हैं। विसर्ग के साथ स्वर अथवा व्यंजन के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है उसे विसर्ग संधि कहते हैं|

Answer: सदैव का संधि विच्छेद "सदा + एव" होता है।

सदैव वृद्धि संधि का उदाहरण है। दो शब्दों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है उसे संधि कहते हैं। संधि के तीन प्रकार हैं: स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।

Summary:

सदैव का संधि विच्छेद क्या है?

सदैव का संधि विच्छेद "सदा + एव" होता है। सदैव में "वृद्धि स्वर संधि" है। विसर्ग के साथ स्वर अथवा व्यंजन के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है उसे विसर्ग संधि कहते हैं|

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