दर्पण का सूत्र क्या है?

By Raj Vimal|Updated : September 12th, 2022

दर्पण एक वस्तु है जो एक वस्तु की काल्पनिक छवि को दर्शाता है। दर्पण तीन प्रकार के होते हैं, प्रथम समतल दर्पण, द्वितीय उत्तल दर्पण, तृतीय अवतल दर्पण। दर्पण का सूत्र 1⁄f = 1⁄u + 1/v है। जहाँ f = फोकल लम्बाई, v= दर्पण से छवि की दूरी, u = दर्पण से वस्तु की दूरी है।

दर्पण के प्रकार

प्राकृतिक दर्पण या समतल दर्पण (Plain Mirror) - समतल दर्पण में एक तरफ पेंट या पोलिश किया जाता है तथा दूसरी तरफ काँच की समतल प्लेट होती है। वही समतल सतह, समतल दर्पण कहलाती है।

उत्तल दर्पण (Convex Mirror) - जिस दर्पण का परावर्तक तल बाहर की तरफ उभरा रहता है, उस तरह के दर्पण को उत्तल दर्पण कहते हैं।

अवतल दर्पण (Concave Mirror) - जिस दर्पण का परिवर्तित करने वाला भाग अंदर की तरफ दबा हुआ हो, वह अवतल दर्पण कहलाता है।

Summary

दर्पण का सूत्र क्या है?

दर्पण का सूत्र 1⁄f = 1⁄u + 1/v होता है। इस सूत्र से ही दर्पण और उसके सामने रखे वस्तु से जुड़े गणना की जाती है। यहाँ f = फोकल लम्बाई, u = दर्पण से वस्तु की दूरी और v= दर्पण से छवि की दूरी है।

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