भारत में पारिस्थितिकी के जनक के रूप में किसे जाना जाता है?

By Sakshi Yadav|Updated : September 2nd, 2022

भारत में पारिस्थितिकी के जनक के रूप में डॉ. रामदेव मिश्र को जाना जाता है। उन्होंने यूके के लीड्स विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के तहत अपनी पीएच.डी की थी। और उन्होंने ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अपना शिक्षण और शोध पारिस्थितिकी और वनस्पति विज्ञान विभाग में किया था। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में स्थित है। उनके शोध के कारण पौधों की आबादी, उत्पादकता, उष्णकटिबंधीय वन में पोषक चक्रण और घास के मैदान पारिस्थितिकी तंत्र आदि की पर्यावरणीय प्रतिक्रियाओं को लोगो के लिए समझना संभव बना दिया था।

पारिस्थितिकी को जीवित जीवों (पौधों, जानवरों, रोगाणुओं) के साथ-साथ इसके अजैविक वातावरण (तापमान, पानी, वायु, मिट्टी, प्रकाश, आदि) के साथ बातचीत के अध्ययन के रूप में परिभाषित किया जाता है।

Summary

भारत में पारिस्थितिकी के जनक के रूप में किसे जाना जाता है?

डॉ. रामदेव मिश्र को भारत में पारिस्थितिकी के जनक के रूप में जाना जाता है। प्रो. रामदेव मिश्रा ने देश में पारिस्थितिकी और पर्यावरण विज्ञान की नींव रखी थी। उन्होंने वाराणसी में स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में पारिस्थितिकी में अपना शिक्षण और अनुसंधान किया था।

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