पद्यांश को हल करने के टिप्स और ट्रिक्स

By Neha Joshi|Updated : June 24th, 2022

प्रिय पाठकों,

सीटीईटी एवं अन्य परीक्षाओं में  पद्यांश से  प्रश्न हमेशा पूछे जाते है और इन प्रश्नों को आप बहुत आसानी से हल कर सकते है यदि आप हिंदी भाषा से सम्बंधित नियमों का अध्ययन ध्यानपूर्वक करें । यहां बहुत ही साधारण भाषा में विषय को समझाया गया है तथा विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से भी अवधारणा को स्पष्ट किया गया है प्रस्तुत नोट्स को पढ़ने के बाद आप पद्यांश से सम्बंधित विभिन्न प्रश्नों को आसानी से हल कर पाएंगे। इस प्रकार के प्रश्नों को परीक्षार्थी की योग्यता जांचने का सर्वोचित मापदंड माना जाता है तथा परीक्षार्थी की सही सूझबूझ और सही क्षमता की परख की जा सकती है ।

पद्यांश संबंधी सामान्य बातें:

  • पद्यांश को ही काव्य कहा जाता है।
  • काव्य का स्तर, विचार, भाषा, शैली आदि प्रत्येक दृष्टि से परीक्षा के स्तर के अनुरूप होता है ।
  • काव्य का स्वरूप साहित्यिक, वैज्ञानिक, तथा विवरणात्मक भी होता है ।
  • दिया गया पद्यांश अपठित होता है।
  • काव्य से ही सम्बंधित कुछ वस्तुनिष्ठ प्रश्न निचे दिए गए होते हैं तथा प्रत्येक के चार वैकल्पिक उत्तर दिए होते हैं । जिनमे से सही उत्तर आपको चुनना होता है तथा उसे चिन्हित करना होता है ।

प्रिय पाठकों,

सीटीईटी एवं अन्य परीक्षाओं में  पद्यांश से  प्रश्न हमेशा पूछे जाते है और इन प्रश्नों को आप बहुत आसानी से हल कर सकते है यदि आप हिंदी भाषा से सम्बंधित नियमों का अध्ययन ध्यानपूर्वक करें । यहां बहुत ही साधारण भाषा में विषय को समझाया गया है तथा विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से भी अवधारणा को स्पष्ट किया गया है प्रस्तुत नोट्स को पढ़ने के बाद आप पद्यांश से सम्बंधित विभिन्न प्रश्नों को आसानी से हल कर पाएंगे। इस प्रकार के प्रश्नों को परीक्षार्थी की योग्यता जांचने का सर्वोचित मापदंड माना जाता है तथा परीक्षार्थी की सही सूझबूझ और सही क्षमता की परख की जा सकती है ।

पद्यांश संबंधी सामान्य बातें:

  • पद्यांश को ही काव्य कहा जाता है।
  • काव्य का स्तर, विचार, भाषा, शैली आदि प्रत्येक दृष्टि से परीक्षा के स्तर के अनुरूप होता है ।
  • काव्य का स्वरूप साहित्यिक, वैज्ञानिक, तथा विवरणात्मक भी होता है ।
  • दिया गया पद्यांश अपठित होता है।
  • काव्य से ही सम्बंधित कुछ वस्तुनिष्ठ प्रश्न निचे दिए गए होते हैं तथा प्रत्येक के चार वैकल्पिक उत्तर दिए होते हैं । जिनमे से सही उत्तर आपको चुनना होता है तथा उसे चिन्हित करना होता है ।

पद्यांश पर आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए सुझाव:

  • पद्यांश को ध्यानपूर्वक तथा समय की बचत करते हुए पढ़े तथा उसकी विषय वस्तु तथा केंद्रीय भाव जानने का प्रयास करें।
  • जिस विषय के बारे में कई बार बात पद्यांश में की जाये वह उसका केंद्रीय भाव हो सकता है। 
  • जो तथ्य आपको पद्यांश पढ़ते हुए महत्वपूर्ण लगे उन्हें रेखांकित अवश्य करें इससे आपका समय आवश्यक रूप से बचेगा ।
  • प्रश्नों के सही उत्तर को ध्यानपूर्वक चिन्हित करें ।
  • उत्तर पद्यांश पर आधारित होना चाहिए कल्पनात्मक उत्तर न दें।
  • पद्यांश में दी गई जानकारी को सही मानते हुए सही उत्तर निकालने का प्रयास करे। 

प्रत्येक विकल्प पर विचार करके देखें की उनमे से किसके अर्थ की संगति सम्बंधित वाक्य के साथ सही बैठ रही है ।

पद्यांश का उदाहरण:

क्या करोगे अब ?

समय का

जब प्यार नहीं रहा

सर्वसहा पृथ्वी का

आधार नहीं रहा

न वाणी साथ है

न पानी साथ है

न कही प्रकाश है स्वच्छ

जब सब कुछ मैला है आसमान

गंदगी बरसाने वाले

एक अछोर फैला है

कही चले जाओ

विनती नहीं है

वायु प्राणप्रद

आदंकर आदमी

सब जग से गायब है

1. कवि ने धरती के बारे में क्या कहा है ...

A. रत्नगर्भा

B. आधारशिला

C. सर्वसहा

D. माँ

2. 'आदमकद आदमी' से क्या तातपर्य है

A. मानवीयता से भरपूर आदमी

B. ऊंचे कद का आदमी

C. सम्पूर्ण मनुष्य

D. सामान्य आदमी

3. आसमान की तुलना किससे से की गयी है...

A. समुद्र से

B. नीली झील से

C. पतंग से

D. गंदगी बरसाने वाले थैले से

4. प्राणदान का तात्पर्य  है

A. प्राणों को पूर्ण करने वाला

B. प्राण प्रदान करने वाला

C. प्राणों को प्रणाम करने वाला

D. प्राणों को छीन लेने वाला

5. कवि समय से कब और क्यों कतराना चाहते हैं

A. किसी के पास बात करने का समय नहीं

B. किसी को दो क्षण बैठने का समय नहीं

C. किसी को प्यार करने का समय नही

D. किसी को गप मारने का समय नहीं

उत्तर - 1. C, 2. A, 3. D, 4. B, 5. C

 

Thanks!

Download the BYJU’S Exam Prep App Now.
The most comprehensive exam prep app

#DreamStriveSucceed

byjusexamprep

Comments

write a comment

Follow us for latest updates