एक संकर क्रॉस किसे कहते हैं?

By Raj Vimal|Updated : September 12th, 2022

जीवविज्ञान के अनुसार संकर क्रॉस एक संतान का स्वरुप से है जो दो अलग प्रजातियों के माता-पिता के बीच क्रॉस अथवा प्रजनन की क्रिया से होते हैं। उदाहरण के लिए घोड़े और गधे के क्रॉस से मिलकर बना संतान या संकर क्रॉस खच्चर कहलाता है। यह संतान गदहे और घोड़े के गुणों के साथ पैदा होते हैं।

द्विसंकर क्रॉस क्या है?

मेंडल ने दो जोड़ी विपर्यासी लक्षणों वाले भिन्न पौधों के मध्य संकरण कराया, इसे ही द्विसंकरण प्रयोग कहते है। द्विसंकर परीक्षण क्रॉस का फेनोटाइपिक का अनुपात 1:1:1:1 होता है।

मेंडल के प्रसिद्ध नियम

वैज्ञानिक मेंडल ने एकल संकरण के दो नियम दिए हैं। प्रथम प्रभावित का नियम और दूसरा पृथककरण का नियम। वहीँ इसके अलावा मेंडल ने द्विसंकर के केवल एक नियम है, जिसका नाम स्वतंत्र अपव्युहन है।

Summary

एक संकर क्रॉस किसे कहते हैं?

एक संकर क्रॉस एक विधि है जिनके अनुसार दो अलग अलग प्रजाति के माता पिता से उत्पन्न संतान में दोनों के गुण होते हैं। हमारे आसपास ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जहाँ जीवों या पेड़-पौधों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए संकर क्रॉस विधि का इस्तेमाल किया जाता है।

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