चुंबकीय बल रेखाओं के गुण लिखिए।

By Raj Vimal|Updated : September 5th, 2022

चुम्बकीय बल रेखा वह वक्र पथ है जिस पर स्वतंत्र होकर उत्तरी ध्रुव गमन कर सकता है। किसी चुम्बकीय क्षेत्र की बल रेखा वह वक्र हैं , जिसके किसी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर परिणामी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को व्यक्त करती हैं। वक्र बंद बनाना, एक दुसरे को ना काटना चुम्बकीय बल रेखाओं के गुण है।

चुम्बकीय बल रेखाओं के गुण

उदाहरण के लिए अगर किसी लोहे की वस्तु को चुम्बक से लगाया जाये तो वह एक निश्चित दिशा में ही रूकती है। साथ ही चुम्बक के दिशा बदलने पर वह वस्तु भी अपनी दिशा बदल देता है। नीचे हमने चुम्बकीय बल रेखाओं के गुण लिखे हैं, जिससे सम्बंधित प्रश्न सामान्यत: परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।

  • चुम्कीय बल रेखाएं वक्राकार बनाती हैं।
  • एक दुसरे को नहीं काटती हैं।
  • चुम्बकीय क्षेत्र में यह रेखाएं समान्तर होती हैं।
  • चुम्बकीय बल रेखाएं कम होने पर चुम्बक की तीव्रता भी कम हो जाती है।

Summary

चुंबकीय बल रेखाओं के गुण लिखिए।

समान्तर दूरी, एक दुसरे को ना काटना, आदि चुम्बकीय बल रेखाओं के गुण हैं। चुम्बकीय बल रेखाएं एक काल्पनिक रेखाएं होती हैं जो चुम्बक उतरी ध्रुव से निकल कर दक्षिण ध्रुव से भीतर आ जाती हैं।

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