क्रोमैटोग्राफी क्या है?

By Raj Vimal|Updated : September 7th, 2022

क्रोमैटोग्राफी एक ऐसी विधि है जिससे विलेय पदार्थों को अलग करने में प्रयोग किया जाता है। सर्वप्रथम इस विधि का प्रयोग रंगों को अलग करने में किया जाता था इस कारण इसका नाम क्रोमैटोग्राफी पड़ा। क्रोमैटोग्राफी (Chromatography) दो शब्दों से मिलकर बना है, पहला शब्द “क्रोमा” और दूसरा शब्द “ग्राफिक” है।

क्रोमैटोग्राफी: अर्थ और अन्य विवरण | Chromatography

क्रोमा (Chroma) का अर्थ होता है "रंग" और ग्राफिक (Graphic) "लिखने के लिए" मिश्रित तकनीक के एक सेट के लिए सामूहिक शब्द है, मिश्रणों (Mixture) के अलग होने के लिए। क्रोमोटोग्राफी का उपयोग निम्न है।

  • डाई में विभिन्न रंगों को अलग करने में।
  • प्रकृतिक रंगों से पिग्मेंटेशन (Pigmentation) को अलग करने में।
  • रक्त (Blood) से नशीले तत्वों को अलग करने में।

आमतौर पर क्रोमैटोग्राफी विधि का उपयोग छोटी मात्रा में मौजूद सामग्रियों के साथ ही किया जाता है। क्रोमैटोग्राफी को सर्वप्रथम वर्ष 1900 में इटली नाम के देश में पैदा हुए वैज्ञानिक मिखाइल त्सेवेट द्वारा खोजा गया था।

Summary

क्रोमैटोग्राफी क्या है?

किसी मिश्रण से उसके घटकों को पृथक् करने के लिए अपनाई गयी विधि क्रोमैटोग्राफी कही जाती है। इस विधि का एक उदाहरण है ऐमीनों अम्लों (Amino Acid) के मिश्रण का पृथक्करण (Separation) करने में।

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