भारत सरकार के प्रथम विधि अधिकारी कौन है?

By Sakshi Yadav|Updated : August 23rd, 2022

भारत सरकार का प्रथम विधि अधिकारी भारत का महान्यायवादी है। ये भारत सरकार के कानूनी सलाहकारऔर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उनके अधिवक्ता होते है। इन्हे भारत के राष्ट्रपति केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह के बाद ही नियुक्त करते है। इस पद के लिए व्यक्ति को पांच साल के लिए किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या दस साल के लिए किसी उच्च न्यायालय के वकील या राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित न्यायविद होना अनिवार्य है।

  • वह भारत सरकार को ऐसे कानूनी मामलों पर सलाह देता है, जो राष्ट्रपति द्वारा उसे निर्दिष्ट या सौंपे जाते हैं।
  • उन्हें संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में किए गए किसी भी संदर्भ में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करना होता है। 
  • भारत का महान्यायवादी संविधान या किसी अन्य कानून द्वारा या उसके तहत उसे प्रदत्त कार्यों का निर्वहन करता है।

भारत के महान्यायवादी की सूची

महान्यायवादी

शर्त

एम सी सीतलवाड़

1950 - 1963

सी. के. दफ्तारी

1963 - 1968

निरेन दे

1968 - 1977

एस. वी. गुप्ते

1977 - 1979

एल एन सिन्हा

1979 - 1983

के. परासरानी

1983 - 1989

सोली सोराबजी

1989 -1990

जी. रामास्वामी

1990 - 1992

मिलन के. बनर्जी

1992 - 1996

अशोक देसाई

1996 -1998

सोली सोराबजी

1998 - 2004

मिलन के. बनर्जी

2004 - 2009

गुलाम एस्साजी वाहनवती

2009 - 2014

मुकुल रोहतगी

2014 - 2017

के के वेणुगोपाली

2017 - (अवलंबी)

Summary

भारत सरकार के प्रथम विधि अधिकारी कौन है?

भारत का महान्यायवादी, भारत सरकार के प्रथम विधि अधिकारी होते है। 15वें और वर्तमान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल हैं। उन्हें 2020 में दोबारा नियुक्त किया गया था। साथ ही वो देश के पहले कानून अधिकारी भी हैं।

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