संकरण किसे कहते हैं?

By Raj Vimal|Updated : September 13th, 2022

परमाणु के संयोजी कोश में उपस्थित लगभग समान ऊर्जा (Energy) व भिन्न (Different) आकृति के आपस में संयुक्त होकर ऊर्जा को पुनः वितरण कर समान ऊर्जा एवं समान आकृति के उतने ही कक्षकों के बनने की प्रक्रिया संकरण कहलाती है। रसायन शास्त्र में संकरण के नियम नीचे लिखे गए हैं।

संकरण के नियम

  • यह एक काल्पनिक प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल केवल रासायनिक समीकरणों को समझाने में किया जाता है।
  • सामान रासायनिक ऊर्जा वालेपरमाणु कक्षक ही इसमें भाग ले सकते हैं।
  • संकरण में भाग लेने वाले कक्षकों की संख्या, संकरण की प्रकिया में बनने वाले कक्षकों की संख्या के बराबर होती है। 

संकरण के प्रकार

संकरण की प्रक्रिया में भाग लेने वाले कक्षक केवल तीन प्रकार के होते हैं, s,p और d। संकरण के प्रकार निम्नलिखित है।

  • sp संकरण
  • Sp2 संकरण
  • Sp3 संकरण
  • Sp3d संकरण
  • Sp3d2 संकरण

Summary

संकरण किसे कहते हैं?

जब किसी तत्व के परमाणु सामान ऊर्जा वाले परमाणु के साथ मिलकर एक नया परमाणु बनाते हैं, इस रासायनिक प्रक्रिया को ही संकरण कहते हैं। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इसके उपरोक्त लिखित नियम पुरे होने आवश्यक है।

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