विद्युत् मोटर का सिद्धांत क्या है?

By Raj Vimal|Updated : September 1st, 2022

भौतिक शास्त्र के अनुसार विद्युत मोटर का सिद्धांत यह है कि जब किसी कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में रखा कर उसमे धारा प्रवाहित की जाती है, तो उस कुंडली पर एक बल काम करना शुरू करता है। जो उसे लगातार घूमती है। इस तरह मोटर के द्वारा विद्युत ऊर्जा के द्वारा यांत्रिक ऊर्जा या गतिक ऊर्जा में बदलती है।

विद्युत मोटर की उपयोगिता 

विद्युत् मोटर का उपयोग कई उद्योगों में होता है। ज्यादातर उद्योगों में मशीनें इलेक्ट्रिक मोटर के द्वारा ही चलाई जाती है। इसके पीछे का कारण यह है कि विद्युत मोटरों की क्षमता बाकि चालकों से अधिक होता है। इसके साथ ही इन मोटरों को चलाना अन्य मशीनों की अपेक्षा अधिक सरल है, जिसका संचालन दूरस्थ नियंत्रण यानि Remote Control से भी किया जा सकता है। 

विद्युत् मोटर का इस्तेमाल बहुत से कार्यों में हो सकते हैं। ये कई बड़ी और छोटी मशीनें चला सकते हैं। इसके अलावा कृषि के दौरान खेतों के जोतने, सिंचाई आदि में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

Summary

विद्युत् मोटर का सिद्धांत क्या है?

विद्युत् मोटर का सिद्धांत यह है कि चुम्बकीय क्षेत्र में रखे गये कुंडली में जब विद्युत् धारा प्रवाहित किया जाता है तब कुंडली पूरी शक्ति से घुमती है। विद्युत् ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा में बदल जाते हैं।

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