ऊर्ध्वपातन क्या है?

By Brajendra|Updated : August 1st, 2022

जब किसी पदार्थ को ठोस अवस्था से गर्म किया जाता है तो वह द्रव अवस्था ग्रहण नहीं करती बल्कि सीधें गैंसीय अवस्था में बदल जाता है और ठण्डा करने पर पुनः गैंस अवस्था से द्रव अवस्था में न बदलकर सीधें ठोस अवस्था में बदल जाता है, इसे ही उर्ध्वपातन (Sublimation) कहतें है।

उदाहरण- कपूर, आयोडिन, नेफ्थलीन, अमोनियम कलोराइड, एंथ्रासीन, आदि

कपूर और आयोडिन का ठोस अवस्था से सीधे वाष्प के रूप में उड़ जाना उर्ध्वपातन का एक उदाहरण है।

Summary:

ऊर्ध्वपातन क्या है? 

  • किसी पदार्थ की तीन अवस्थाएँ होती है: ठोस, द्रव और गैंस।
  • किसी ठोस अवस्था वाले पदार्थ को उष्मा देतें है तो वह द्रव अवस्था में बदल जाता है।
  • द्रव पदार्थ को उष्मा देतें है तो वह गैंसीय अवस्था में बदल जाता है।
  • उर्ध्वपातन की प्रक्रिया में द्रव अवस्था नहीं होती है।
  • परन्तु ऊर्ध्वपातन वह प्रक्रिया है जिसमे किसी ठोस पदार्थ को गर्म करने पर सीधे द्रव में और ठंडा करने पर फिर से ठोस अवस्था में आ जाता है।
  • जैसे कपूर नेप्थलीन इत्यादि ऊर्ध्वपातित पदार्थ हैं।
  • कार्बन डाइऑक्साइड भी उर्ध्वपातन के गुण प्रदर्शित करती है।

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