यूपीएससी (UPSC) के लिए लोक प्रशासन (Public Administration) पाठ्यक्रम: अद्यतन पाठ्यक्रम का पीडीएफ डाउनलोड करें

By Shubhra Anand Jain|Updated : August 30th, 2022

यूपीएससी (UPSC) के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम में आइएएस अधिकारियों के काम से संबंधित विषय होते है। इसी कारण से आइएएस की तैयारी के लिए आने वाले अभ्यर्थियों के बीच लोक प्रशासन एक लोकप्रिय विषय है। यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम में अभ्यर्थियों को सार्वजनिक कार्यालयों की कार्यप्रणाली का परिचय प्राप्त होता है, जो भावी प्रशासकों के लिए एक अतिरिक्त लाभ होता है। इसके अतिरिक्त, यूपीएससी के लिए वैकल्पिक विषय लोक प्रशासन के पाठ्यक्रम में आसानी से उपलब्ध होने वाले संसाधन उन्हें इस विषय को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने के लिए प्रेरित करते है।

लोक प्रशासन एक स्पर्धी विषय होने के कारण अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके उत्तर सही हों और वे अच्छी तैयारी के लिए संसाधनों का चयन बुद्धिमत्ता पूर्ण करें।

Table of Content

यूपीएससी (UPSC) के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

यूपीएससी द्वारा लोक प्रशासन के पाठ्यक्रम को 2 पेपरों में बांटा गया है और प्रत्येक पेपर 250 अंक का है, जिनका कुल योग 500 है। यूपीएससी (UPSC)  की परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले पाठ्यक्रम को विस्तार से समझना बहुत जरूरी है। यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम को कवर करने से अभ्यर्थियों को सरकारी ढांचे को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। यह वैकल्पिक विषय के रूप में भी एक अच्छा चयन होगा।

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम

विषय

पेपर 1

प्रशासनिक सिद्धांत

पेपर 2

भारतीय प्रशासन

यूपीएससी (UPSC) के लिए लोक प्रशासन का वैकल्पिक पाठ्यक्रम बनाम सामान्य अध्ययन (GS) पाठ्यक्रम

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम की मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन पेपर का भी कुछ अंश होता है, साथ ही सामान्य अध्ययन- 2 (प्रश्न पत्र-3) का बड़ा भाग होता है। जिन उम्मीदवारों ने वैकल्पिक विषय के रूप में इसका चयन किया है, उन्हें इससे लाभ होगा। यदि वे इसका अध्ययन अच्छी तरह करते है तो इससे उन्हें यूपीएससी (UPSC) की मुख्य परीक्षा के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम से परीक्षा में मदद मिलेगी। अब हम यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन वैकल्पिक पाठ्यक्रम देखते है।

यूपीएससी (UPSC) के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम पीडीएफ

अपनी तैयारी शुरू करने के लिए यूपीएससी के लोक प्रशासन पाठ्यक्रम को उसकी वेबसाईट से डाउनलोड करें। हम आपकी सुविधा के लिए लिंक नीचे दे रहे है।

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन का पाठ्यक्रम पेपर- 1

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम का पेपर 1 प्रशासनिक सिद्धांत पर केंद्रित है और इसे 12 विषयों में बांटा गया है।

लोक प्रशासन - पेपर 1 - प्रशासनिक सिद्धांत

  1. परिचय : लोक प्रशासन:अर्थ, कार्य क्षेत्र और महत्व, लोक प्रशासन के बारे में विल्सन के विचार, अनुशासन का क्रमिक विकास और वर्तमान स्थिति।  नया लोक प्रशासन, जनता की पसंद का दृष्टिकोण; उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण की चुनौतियाँ; अच्छी शासन प्रणाली: अवधारणा और उसे लागू करना; नया लोक प्रबंधन।
  2. प्रशासनिक चिंतन : वैज्ञानिक प्रबंधन और वैज्ञानिक प्रबंधन आंदोलन; क्लासिक सिद्धांत; वेबर का नौकरशाही मॉडल, उसकी आलोचना और बाद की गतिविधियां; सक्रिय प्रशासन (मेयो पार्कर फोलेट); मानव संबंध विद्यालय (एल्टोन मायो और अन्य), कार्यपालिका के कार्य (सीआई बर्नार्ड); साइमन का निर्णय लेने वाला सिद्धांत; भागीदारी प्रबंधन ( मैक ग्रेगर, आर. लिकर्ट ,सी. आजीरिस) I
  3. प्रशासनिक व्यवहार: निर्णयन प्रक्रिया एवं तकनीक, संचार, मनोबल, प्रेरणा, सिद्धांत-अंतर्वस्तु, प्रक्रिया एवं समकालीन नेतृत्व सिद्धांत पारंपरिक एवं आधुनिक I
  4. संगठन: सिद्धांत प्रणाली, प्रासंगिकता; संरचना एवं रूप : मंत्रालय तथा विभाग, निगम, कंपनियां, बोर्ड तथा आयोग तदर्थ तथा परामर्शदाता निकाय मुख्यालय तथा क्षेत्रीय संबंध। नियामक प्राधिकारी; लोक-निजी भागीदारी।
  5. उत्तरदायित्व तथा नियंत्रण: उत्तरदायित्व और नियंत्रण की संकल्पनाएं, प्रशासन पर विधायी कार्यकारी और न्यायिक नियंत्रण नागरिक तथा प्रशासन, मीडिया की भूमिका हित समूह, स्वैच्छिक संगठन, सिविल समाज, नागरिकों का अधिकार पत्र (चार्टर), सूचना का अधिकार, सामाजिक लेखा परीक्षा।
  6. प्रशासनिक कानून: अर्थ, विस्तार और महत्व, प्रशासनिक विधि पर Dicey, प्रत्यायोजित विधान प्रशासनिक अधिकरण ।
  7. तुलनात्मक लोक प्रशासन :प्रशासनिक प्रणालियों पर प्रभाव डालने वाले ऐतिहासिक एवं समाज वैज्ञानिक कारक; विभिन्न देशों में प्रशासन एवं राजनीति; तुलनात्मक लोक प्रशासन की अद्यतन स्थिति; परिस्थितिकी की एवं प्रशासन, रिग्सियन मॉडल एवं उनके आलोचक।
  8. विकास गतिकी : विकास की संकल्पना, विकास प्रशासन की बदलती परिच्छदिका; विकास विरोधी अभिधारणा, नौकरशाही एवं विकास; शक्तिशाली राज्य बनाम बाजार विवाद; विकासशील देशों में प्रशासन पर उदारीकरण का प्रभावः महिला एवं विकास, स्वयं सहायता समूह आंदोलन।
  9. कार्मिक प्रशासन: मानव संसाधन विकास का महत्व, भर्ती प्रशिक्षण, जीविका विकास, हैसियत वर्गीकरण, अनुशासन, निष्पादन मूल्यांकन, पदोन्नति, वेतन तथा सेवा शर्तें, नियोक्ता कर्मचारी संबंध, शिकायत निवारण क्रिया विधि, आचरण संहिता, प्रशासनिक आचार-नीति ।
  10. सार्वजनिक नीति: नीति निर्माण के मॉडल एवं उनके आलोचक: संप्रत्ययीकरण की प्रक्रियाएं, आयोजन; कार्यान्वयन, मानीटरन, मूल्यांकन एवं पुनरीक्षा एवं उनकी सीमाएं; राज्य सिद्धांत एवं लोकनीति सूत्रण।
  11. प्रशासनिक सुधार तकनीकें: संगठन एवं पद्धति, कार्य अध्ययन एवं कार्य प्रबंधन; ई-गवर्नेस एवं सूचना प्रौद्योगिकी; प्रबंधन सहायता उपकरण जैसे कि नेटवर्क विश्लेषण, MIS, PERT, CPM I
  12. वित्तीय प्रशासन: वित्तीय तथा राजकोषीय नीतियां, लोक उधार ग्रहण तथा लोक ऋण बजट प्रकार एवं रूप; बजट प्रक्रिया, वित्तीय जवाबदेही, लेखा तथा लेखा परीक्षा I

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन का पाठ्यक्रम पेपर- 2

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम का पेपर 2 भारतीय प्रशासन पर केंद्रित है और इसे 14 विषयों में बांटा गया है।

पेपर 2 - भारतीय प्रशासन

  1. भारतीय प्रशासन में क्रमिक विकास: कौटिल्य का अर्थशास्त्र, मुगल प्रशासन, राजनीति एवं प्रशासन में ब्रिटिश शासन का रिक्थ लोक सेवाओं का भारतीयकरण, राजस्व प्रशासन, जिला प्रशासन, स्थानीय स्वशासन।
  2. सरकार का दार्शनिक और संवैधानिक ढांचा: प्रमुख विशेषताएं एवं मूल्य आधारिकाएं: संविधानवाद; राजनैतिक संस्कृति, नौकरशाही एवं लोकतंत्र; नौकरशाही एवं विकास I
  3. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम: आधुनिक भारत में सार्वजनिक क्षेत्र सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के रूप, स्वायत्ता, जवाबदेही एवं नियंत्रण की समस्याएं; उदारीकरण एवं निजीकरण का प्रभाव।
  4. केंद्र सरकार और प्रशासन: कार्यपालिका, संसद, विधायिका संरचना, कार्य, कार्य प्रक्रियाएं हाल की प्रवृत्तियां: अंतराशासकीय संबंध: कैबिनेट सचिवालय प्रधानमंत्री कार्यालयः केन्द्रीय सचिवालय: मंत्रालय एवं विभाग; बोर्ड, आयोग, संबंद्ध कार्यालय, क्षेत्र संगठन।
  5. योजनाएं और प्रथमिकताएँ: योजना मशीनरी योजना आयोग एवं राष्ट्रीय विकास परिषद की भूमिका, रचना एवं कार्य, संकेतात्मक आयोजना, संघ एवं राज्य स्तरों पर योजना निर्माण प्रक्रिया संविधान संशोधन (1992) एवं आर्थिक विकास तथा सामाजिक न्याय हेतु विकेन्द्रीकरण आयोजना।
  6. राज्य सरकार और प्रशासन: संघ-राज्य प्रशासनिक, विधायी एवं वित्तीय संबंध; वित्त आयोग भूमिका; राज्यपाल ; मुख्यमंत्री; मंत्रिपरिषद; मुख्य सचिव; राज्य सचिवालय; निदेशालय।
  7. स्वतन्त्रता के बाद जिला प्रशासन: कलेक्टर की बदलती भूमिका, संघ-राज्य- स्थानीय संबंध, विकास प्रबंध एवं विधि एवं अन्य प्रशासन के विध्यर्थ, जिला प्रशासन एवं लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण ।
  8. लोक सेवा: सांविधानिक स्थिति, संरचना, भर्ती प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण सुशासन की पहल, आचरण संहिता एवं अनुशासन कर्मचारी संघ; राजनीतिक अधिकार ; शिकायत निवारण क्रियाविधि, सिविल सेवा की तटस्थता; सिविल सेवा सक्रियतावाद।
  9. वित्तीय प्रबंधन: राजनीतिक उपकरण के रूप में बजट लोक व्यय पर संसदीय नियंत्रण ;मौद्रिक एवं राजकोषीय क्षेत्र में वित्त मंत्रालय की भूमिका; लेखाकरण तकनीक; लेखापरीक्षा; लेखा महानियंत्रक एवं भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की भूमिका ।
  10. स्वतंत्रता के बाद से हुए प्रशासनिक सुधार: प्रमुख सरोकार; महत्वपूर्ण समितियां एवं आयोग; वित्तीय प्रबंध एवं मानव संसाधन विकास में हुए सुधार, कार्यान्वयन की समस्याएं।
  11. 11.ग्रामीण विकास: स्वतंत्रता के बाद से संस्थान एवं अभिकरण; ग्रामीण विकास कार्यक्रम फोकस एवं कार्यनीतियां; विकेन्द्रीकरण पंचायती राज; 73वां संविधान संशोधन।
  12. नगरीय स्थानीय सरकार: नगरपालिका शासन मुख्य विशेषताएं, संरचना वित्त एवं समस्या क्षेत्र, 74वां संविधान संशोधन; विश्वव्यापी स्थानीय विवाद नया स्थानिकतावाद; विकास गतिकी, नगर प्रबंध के विशेष संदर्भ में राजनीति एवं प्रशासन।
  13. कानून और व्यवस्था प्रशासन: ब्रिटिश रिक्थ; राष्ट्रीय पुलिस आयोग; जांच अभिकरण, विधि व्यवस्था बनाए रखने तथा उपप्लव एवं आतंकवाद का सामना करने में पैरामिलिटरी बलों समेत केन्द्रीय एवं राज्य अभिकरणों की भूमिका; राजनीति एवं प्रशासन का अपराधीकरण; पुलिस लोक संबंध, पुलिस में सुधार।
  14. भारतीय प्रशासन में महत्वपूर्ण मुद्दे: लोक सेवा में मूल्य; नियामक आयोग; राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग; बहुदलीय शासन प्रणाली में प्रशासन की समस्याएं; नागरिक प्रशासन अंतराफलक, भ्रष्टाचार एवं प्रशासन, विपदा प्रबंधन।।

यूपीएससी (UPSC) के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम को समझना

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम में अधिकांश सिद्धांत ही है। पाठ्यक्रम के दूसरे पेपर में ऐतिहासिक समय से अब तक के भारतीय प्रशासन की चर्चा है। लोगों के अधिकारों के लिए देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन का उत्तरदायित्व है। अभ्यर्थियों को प्रशासन के संबंध में हो रहे बदलावों के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाते रहना चाहिए। 

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम की तैयारी कैसे करें

  • हालांकि यूपीएससी के लोक प्रशासन पाठ्यक्रम के विषय समझने के लिए सरल है, लेकिन इसमें प्रतियोगिता काफी अधिक है। ऐसे में, अभ्यर्थी को अपने प्रतियोगियों से आगे निकलने के लिए सर्वश्रेष्ठ उत्तर देने चाहिए। यहाँ यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन वैकल्पिक पाठ्यक्रम की तैयारी के लिए प्रभावी नीति दी जा रही है|
  • छोटे नोट्स बनाने शुरू करें- यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम में दिए गए विषयों पर हाथ से लिखे नोट्स बनाएं। इससे आपकी लिखने की आदत बनेगी और दोहराने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
  • बार-बार दोहराएँ: जितनी प्रैक्टिस आप बार-बार करेंगे, उतना ही आपके लिए यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना आसान हो जाएगा। अपने उत्तर लिखते हुए उसे ठीक तरह से लिखें और अंत में परीक्षा वाले दिन भी उसी प्रकार अपने उत्तर लिखें। उनके टाइटल और सब टाइटल जरूर लिखें क्योंकि वे ध्यान आकर्षित करते है।
  • समाचार पत्रों के संपादकीय: पुस्तकों से आपको पूरी जानकारी मिल सकती है यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम के सभी विषयों पर अपनी पकड़ बनाने के लिए आपको समाचार पत्रों के संपादकीय पढ़ने चाहिए। इस तरह आप संबंधित मुद्दों और आंकड़ों से जुड़े रह सकते है।
  • ब्लॉग्स: पीएसयू वेबसाइट से ब्लॉग्स पढ़ना शुरू करें। आप नीति आयोग के साथ-साथ अन्य मंत्रालयों की वेबसाईट भी देख सकते है। इससे आप अपने उत्तर सही तरीके से लिख सकते है।

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम के लिए सबसे अच्छी पुस्तकें कौन सी है ?

यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए पुस्तकें जरूरी है। लोक प्रशासन वैकल्पिक पाठ्यक्रम के लिए बहुत सी पुस्तकें है लेकिन हम उन सभी का सुझाव नहीं देते है। हम नीचे कुछ सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों की सूची दे रहे है जिनकी सिफारिश विशेषज्ञों और आईएएस टॉपर्स द्वारा की गई है। इनसे आपकी अच्छी तैयारी हो जाएगी।

  • पब्लिक पॉलिसी: अवधारणा, सिद्धांत और प्रैक्टिस -लेखक बिदयुत चक्रवर्ती और प्रकाश चंद
  • प्रशासनिक विचारक: लेखक प्रसाद एंड प्रसाद
  • इग्नू के बी.ए. और एम.ए. के नोट्स
  • लोक प्रशासन के नए क्षितिज: लेखक मोहित भट्टाचार्य
  • लोक प्रशासन और लोक मामलें (Public Administration And Public Affairs): लेखक- निकोलस हेनरी
  • संगठनात्मक व्यवहार की अनिवार्यता (Essentials of organizational behavior): लेखक स्टीफन रॉबिंस
  • लोक प्रशासन: लेखक लक्ष्मीकांत

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FAQs on यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम

  • यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम में प्रशासनिक सिद्धांत और भारतीय प्रशासन जैसे विषय शामिल हैं। प्रश्नपत्र 1, और प्रश्नपत्र 2 इन विषयों के पाठ्यक्रम पर आधारित हैं।

  • यूपीएससी के लोक प्रशासन पाठ्यक्रम में केवल दो प्रश्नपत्र होते हैं। प्रत्येक प्रश्नपत्र 250 अंक का होता है और इस तरह इस विषय के कुल अंक 500 होते हैं|

  • लोक प्रशासन पाठ्यक्रम के प्रश्नपत्र 1 में प्रशासनिक विचार, प्रशासनिक व्यवहार, जवाबदेही और नियंत्रण, संगठन, प्रशासनिक कानून और भी बहुत कुछ विषय शामिल हैं।

  • यूपीएससी के लोक प्रशासन पाठ्यक्रम में यूपीएससी मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र का एक छोटा-सा भाग होता है, साथ ही, इसमें सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (राजनीति और अभिशासन) का बड़ा भाग होता है।

  • यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन के वैकल्पिक पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए, उम्मीदवारों को तैयारी की अच्छी रणनीति अपनाने, अभ्यास लेखन करने, समाचार पत्रों के संपादकीय पढ़ने और महत्वपूर्ण पुस्तकों को पढ़ने की आवश्यकता है।

  • हमने यूपीएससी के लिए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए उपरोक्त सभी अत्यधिक अनुशंसित पुस्तकों को सूचीबद्ध किया है। हालांकि, उम्मीदवारों को इन पुस्तकों के साथ-साथ अन्य उपायों का सहारा भी लेना चाहिए।

  • हां, यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम के साथ-साथ लोक प्रशासन पाठ्यक्रम की तैयारी करना एकदम उचित है, लेकिन इसके लिए आपके पास सटीक दृष्टिकोण और समय प्रबंधन की सही रणनीति होनी चाहिए।

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