UPSC प्रारंभिक परीक्षा में कितने प्रश्न करने होंगे ?

By Saroj Singh|Updated : September 7th, 2021

UPSC प्रारंभिक परीक्षा में कितने प्रश्नों को हल करना है इसका कोई नियम नहीं है। प्रारंभिक परीक्षा में कितने प्रश्नो को करने का प्रयत्न करना चाहिए, यह निर्धारित करने के कई कारक हैं, जैसे गति, सटीकता और अन्य। यह अनुशंसा की जाती है कि आप मॉक टेस्ट देते समय मूल्यांकन करने का प्रयास करें। इसके पश्चात् अनुमान के आधार पर (guesswork) किए गए प्रश्नों में से नकारात्मक अंकों की संख्या के आधार पर यह निर्धारित किया जा सकता है कि प्रारंभिक परीक्षा में कितने प्रश्नो को करने का प्रयत्न करना चाहिए।

यदि अनुमान के आधार पर (guesswork) प्रश्न करने के बाद भी आप नकारात्मक स्कोर में बने रहे, तो ऐसा अनुमान के आधार पर (guesswork) प्रश्न न करने की सलाह दी जाती है। यह आपके खिलाफ जा सकता है। तो, यह परीक्षार्थी पर निर्भर करता है।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा में कितने प्रश्न करने होंगे?

प्रवृत्ति विश्लेषण के अनुसार, यह देखा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा का कटऑफ प्रत्येक वर्ष बदलता रहता है। आमतौर पर, प्रारंभिक परीक्षा I (सामान्य अध्ययन) के लिए कट-ऑफ 105-120 तक होता है। किसी दिए गए वर्ष में हल किए जाने वाले प्रश्‍नों की सटीक संख्या बताना मुश्किल है, क्योंकि कठिनाई का स्तर भिन्न होता है। लेकिन हम निश्चित रूप से सुरक्षित स्‍थिति में रहने के लिए मुख्‍य भाग का पता लगा सकते हैं।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा प्रश्‍नपत्र कैसे हल करें?

  • UPSC प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्‍नपत्र I (सामान्य अध्ययन) के लिए हल किए जाने वाले अधिकतम प्रश्‍न 75 – 85 प्रश्‍न के बीच भिन्न होते हैं। यदि आप संख्या बढ़ाते हैं तो यह खतरनाक हो जाता है। जैसा कि प्रत्येक नकारात्मक अंकन में एक-तिहाई अंक काटे जाते हैं, तो नकारात्मक अंक प्राप्‍त करना कोई बुद्धिमानी नहीं है।
  • नोट: यहां, प्रश्‍न संख्‍या की सीमा उन उम्मीदवारों पर विचार करके बताई गई है जो भारतीय वन परीक्षा का लक्ष्य बना रहे हैं क्योंकि UPSC प्रारंभिक परीक्षा लोक सेवा के साथ-साथ वन सेवाओं के लिए एक सामान्‍य प्रवेश परीक्षा है।
  • प्रश्‍नपत्र II (CSAT) के लिए, आपको कुल अंकों में से 33% अंक प्राप्त करना जरूरी है, अर्थात, 200 में लगभग 66। इसलिए, तदनुसार आकलन करें और अपनी तैयारी को 70-75 अंकों के स्‍कोर तक बढ़ाएं। CSAT प्रश्‍न पत्र में हल किए जाने वाले प्रश्‍नों की संख्‍या समझाने के लिए, आप दो उदाहरणों पर विचार करके निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं- एक, 100% सटीकता और दूसरा, 50-90% सटीकता।
  • प्रवृत्ति को देखते हुए, CSAT के मात्रात्मक अनुभाग का बहुत अधिक वेटेज नहीं है; आपको अवधारणा अच्छी तरह से समझने की आवश्यकता है। यदि प्रश्‍नपत्र में मात्रात्‍मक प्रश्‍न अधिक हैं, तो 100% सटीकता के साथ आपको 27 प्रश्‍न (27X2.5) और 50-90% के साथ, लगभग 50-60 प्रश्‍न हल करने की आवश्यकता है। प्रश्‍न हल करते समय सतर्क रहें, लेकिन कई बार, यह देखा जाता है कि बुद्धिमानी से लगाया हुआ अनुमान सफल होता है क्योंकि सही उत्तर CSAT में 5 अंक देता है जबकि गलत केवल 0.833 अंक काटता है और प्रश्‍नपत्र I में 0.66 अंक काटता है।

नोट: 100% सटीकता एक आदर्श परिदृश्य है, और यह शायद ही कभी होता हो, इसलिए स्कोर को अधिकतम करने के लिए, अनुमान लगाने की सिफारिश की जाती है, लेकिन यह व्यावहारिकता पर आधारित होना चाहिए, अर्थात, कठिनाई का स्तर और परीक्षा कक्षा में इसे समझने की आपकी क्षमता।

और अनुमान लगाने की क्षमता अच्‍छी तैयारी और मॉक देकर नियमित अभ्यास से आती है। 

परीक्षा में नकारात्मक अंकों में वृद्धि करने वाली गलतियों के कारण

  • बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) के रूप में व्‍यापक पाठ्यक्रम के कारण, पाठ्यक्रम अध्‍ययन सूची के व्यापक कवरेज की अनुमति देता है। प्राय: एक उम्‍मीदवार के लिए यह मुश्किल हो जाता है कि उसे हर बात का ज्ञान हो, और यदि वह जागरूक है, तो परीक्षा के दबाव के बीच स्‍मरण रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए, हम विषय को कई बार दोहराने की सिफारिश करते हैं।
  • प्रश्‍नपत्र I पर जोर: चूंकि CSAT क्वालिफाइंग है और फाइनल मेरिट के लिए अंक नहीं जोड़े जाएंगे, इसलिए उम्मीदवार UPSC प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करते समय इस प्रश्‍नपत्र को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसलिए, सभी को यह याद रखना चाहिए कि CSAT को उत्तीर्ण किए बिना, प्रश्‍नपत्र I के अंकों पर विचार नहीं किया जाएगा। सुबह की पाली में प्रश्‍नपत्र I के प्रश्न को हल करने की प्रक्रिया में, उम्मीदवार अक्सर अनुमान लगाकर अधिक प्रश्न हल करने का प्रयत्‍न करते हैं। पिछले परिणामों में, यह देखा गया है कि कई बार काफी मात्रा में सही प्रश्‍न हल करने के बाद भी, कटऑफ को पार करना मुश्किल होता है।
  • इसलिए, सही सलाह यह होगी कि एक एडमिनिस्‍ट्रेटर प्रलोभन पर काबू पाने का भाव विकसित करता है और इस संबंध में जागरूक होना चाहिए कि कब रुकना है। परीक्षा कक्ष में, एकाग्रचित्‍त अनुमान और कुछ अविवेचित अनुमान लगाएं।

करने योग्‍य और न करने योग्‍य बातें

  • यथार्थवादी बनने का प्रयास करें! कई बार, विद्यार्थी घबरा जाते हैं यदि उन्हें प्रश्‍नपत्र देखते हुए शुरुआती 10-15 प्रश्‍न आश्चर्यजनक लगते हैं। याद रखें, प्रश्‍नपत्र विविध पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के लिए है, इसलिए यह सभी के लिए समान रूप से कठिन है। और कुछ आश्चर्यजनक तत्व हर विषय-क्षेत्र, चाहे यह मानविकी हो या विज्ञान के उम्‍मीदवारों के लिए होते ही हैं।
  • दिशानिर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। यही सलाह प्रश्‍न को ध्‍यान से पढ़ने के लिए दी जाती है कि प्रश्‍न में क्‍या पूछा जा रहा है और तदनुसार ‘सही’ या ‘गलत’ कथन चुनने और उत्‍तर देने को कहा जाता है।
  • परीक्षा के दबाव में अपना मन अशांत न करें। अपने काम पर ध्यान दें, अर्थात, 2 घंटे में प्रश्नों को हल करें, परीक्षा में अनावश्यक अपने आप से बात न करें। अपने दिमाग को दबाव में काम करने के लिए प्रशिक्षित करें।
  • साथ-साथ बबल भरने का प्रयास करें; अंति‍म समय के लिए उन्हें छोड़ना, बड़ी भूल हो सकती है; यदि अनुक्रम पूरी तरह से गलत हो जाता है, तो प्रश्‍न श्रृंखला गलत हो सकती है। ऐसा जोखिम न लें। मॉक टेस्‍ट में इसका पर्याप्त रूप से अभ्यास करें।
  • परीक्षा कक्ष के परिदृश्य में अधिक से अधिक मॉक टेस्‍ट करने का प्रयास करें ताकि समय प्रबंधन सुनिश्‍चित किया जा सके।

अंत में, सबसे महत्वपूर्ण सलाह अंतराल में प्रश्‍नपत्र I पर चर्चा मत करें। मन शांत रखें, पर्याप्‍त आराम करें और ठंडे दिमाग के साथ CSAT की परीक्षा दें। पिछले प्रश्‍नपत्र के बारे में अनावश्यक अनुमान और चर्चाएं परीक्षा में प्रश्‍नपत्र को क्वालीफाई करने की संभावना कम कर देंगी।

हमारी ओर से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

 

 

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