UPSC IAS Preparation Strategy for Hindi medium aspirants

By Saroj Singh|Updated : July 14th, 2020

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) आवेदकों को सिविल सेवा परीक्षा अंग्रेजी में या भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में उल्लिखित किसी भी भारतीय भाषा को लेने का विकल्प प्रदान करता है। जबकि IAS परीक्षा (मेन्स) और साक्षात्कार अधिकांश छात्रों द्वारा अंग्रेजी में दिया जाता है, कई छात्र इसके लिए हिंदी का विकल्प चुनते हैं। यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा एक उन्मूलन के चरण की तरह है, इसलिए जिनकी तैयारी बेहतर होती है, उनका उन्मूलन (एलिमिनेशन) नहीं किया जा सकता है।

हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों के लिए यूपीएससी-IAS की तैयारी की रणनीति

इस परीक्षा के लिए कठिन और स्मार्ट पढ़ाई, परिश्रम और धीरज, सही कार्य योजना, समय प्रबंधन आदि की आवश्यकता होती है। यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की किताबें व्यापक रूप से हिंदी में भी उपलब्ध हैं, लेकिन परीक्षा के दृष्टिकोण से सही पुस्तकों का चयन करना महत्वपूर्ण है।

हिंदी मीडियम के बारे में कुछ मिथक / दुविधा:

  • यदि आप IAS परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और आपकी भाषा का माध्यम हिंदी है, तो आपके मन में संदेह हो सकता है कि एक हिंदी माध्यम का उम्मीदवार IAS परीक्षा पास कर भी सकता है या नहीं भी कर सकता है।
  • आईएएस परीक्षा को पास करने के लिए भाषा का पहलू कभी भी अड़चन नहीं बनेगा।
  • एक मिथक जो हिंदी माध्यम के छात्रों को सबसे ज्यादा चिंतित करता है, वह यह है कि क्या यूपीएससी किसी भाषा के प्रति पक्षपाती है। यूपीएससी किसी भी भाषा के प्रति पक्षपाती नहीं है। सभी भाषा माध्यमों जैसे कि अंग्रेजी, हिंदी और अन्य भाषा के उम्मीदवारों के पास IAS की परीक्षा को पास करने की समान संभावना होती है, बशर्ते कि वे उसके हिसाब से मेहनत कर रहे हों।
  • हालांकि उम्मीदवार को अंग्रेजी भाषा के एक प्रश्नपत्र को भी उत्तीर्ण करना होगा, लेकिन यह प्रश्नपत्र क्वालिफाई ही करना होगा और बाकी प्रश्नपत्र हिंदी में लिखे जा सकते हैं।

एन.सी,आर.टी की पुस्तकें (हिंदी में)

  • Studying the NCERT books is an essential part of preparing for UPSC prelims exams. Aspirants should begin using reference books for each topic given in the UPSC Syllabus after completing NCERTs. The aspirants who want to write UPSC Prelims in the Hindi language should read certain NCERTs given below. 

कक्षा

विषय

यूपीएससी के लिए एन.सी,आर.टी की पुस्तकें

कक्षा 9 

सामाजिक विज्ञान

लोकतान्त्रिक राजनीति

समकालीन भारत I

अर्थशास्त्र 

भारत और समकालीन विश्व

कक्षा 10

सामाजिक विज्ञान

भारत और समकालीन विश्व: भाग-II

आर्थिक विकास की समझ

समकालीन भारत

लोकतांत्रिक राजनीति

कक्षा 11

अर्थशास्त्र

भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास

भूगोल

भारतीय भौतिक पर्यावरण

भूगोल में प्रयोगात्मक कार्य

भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत

विश्व इतिहास

विश्व इतिहास के कुछ विषय

राजनीति विज्ञान

भारत का संविधान, सिद्धांत और व्यवहार

राजनीति सिद्धांत

समाजशास्त्र

समाजशास्त्र भाग-I

समाज का बोध

कक्षा 12

अर्थशास्त्र

परिचयात्मक व्यष्टि अर्थशास्त्र

परिचयात्मक सूक्ष्म अर्थशास्त्र

भूगोल

मानव भूगोल के मूल सिद्धांत

भारत, लोग और अर्थव्यवस्था

इतिहास

भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग-I

भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग -II

भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग -III

राजव्यवस्था

समकालीन विश्व राजनीति

स्वतंत्र भारत में राजनीति भाग-II

समाजशास्त्र

भारतीय समाज

भारत में सामाजिक परिवर्तन और विकास

 यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए हिंदी में महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तकें:

विषय

                    पुस्तक का नाम

इतिहास

·       भारत का राष्ट्रीय आंदोलन: बिपिन चन्द्र

·       स्पेक्ट्रम: राजीव अहीर

·       भारतीय कला, संस्कृति एवं विरासत: मीनाक्षी कांत

·       समकालीन विश्व का इतिहास : अर्जुन देव

राजव्यवस्था

·       भारत की राजव्यवस्था: एम. लक्ष्मीकांत

·       भारत की विदेश नीति: वी.एन.खन्ना

भूगोल

·       भारत का भूगोल:स्पेक्ट्रम

·       ओरिएंट ब्लैक स्वान (विश्व एटलस लघु संस्करण)

अर्थशास्त्र

·       भारतीय अर्थव्यावस्था: रमेश सिंह

भारतीय समाज/ समाजशास्त्र

·       सामाजिक समस्याएँ: राम आहूजा

पर्यावरण

·       पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: माजिद हुसैन

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

·       विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास: टाटा मैकग्रा हिल

सुरक्षा

·       भारत की आंतरिक सुरक्षा: मुख्य चुनौतियां

एथिक्स/ नैतिक शास्त्र

·       नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि: अरिहंत

अब चूंकि प्रारंभिक परीक्षा अभी 3 महीने दूर है, तो आइए इन अंतिम कुछ महत्वपूर्ण महीनों में प्रीलिम्स पास करने के तरीके के बारे में बात करते हैं। यूपीएससी ने एक बेंचमार्क निर्धारित किया है जो कि प्रत्याशित रूप से अप्रत्याशित है। इसलिए आपको परीक्षा के दबाव से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रणनीति बनाने की आवश्यकता होगी। यह ध्यान रखना चाहिए कि यदि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो आप परीक्षा में देर-सवेर उत्तीर्ण हो ही जायेंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने कौन-सा माध्यम चुना है। परीक्षा के माध्यम की तुलना में आपका आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

यूपीएससी प्रीलिम्स - ट्रेंड एनालिसिस

उम्मीदवारों को परीक्षा के पैटर्न को केवल एक संदर्भ के तौर पर ही लेना चाहिए और इसको लेकर कोई धारणा नहीं बनाना चाहिए। हमने नीचे दी गई तालिका में यूपीएससी प्रीलिम्स 2019 सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1 को विषयों के अनुसार विभाजित किया है:

विषय

पूछे गए प्रश्न

इतिहास

17

अर्थशास्त्र

14

राजव्यवस्था

15

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

11

भूगोल

14

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

7

करेंट अफेयर्स

22

कुल

100

हिंदी माध्यम में IAS प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स:

  1. अपनी प्राथमिकताओं को परिभाषित करें:
  • जब IAS परीक्षा को पास करने की बात आती है, तो प्राथमिकता का निर्धारण महत्वपूर्ण है। पहली चीज जो आपको तैयार करने की आवश्यकता होगी वह एक रणनीति है। प्रीलिम्स की तैयारी भी स्मार्ट पढ़ाई का हिस्सा है क्योंकि 'स्मार्ट वर्क' विजेताओं को हारने वालों से अलग करता है।
  • आपको यूपीएससी प्रीलिम्स पाठ्यक्रम के मुख्य विषयों को प्राथमिकता देनी होगी।
  1. तैयारी की एक रूपरेखा बनायें:
  • आपको अपनी IAS प्रारंभिक तैयारी के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है। सुनिश्चित करें कि आप सभी विषयों का अध्ययन और उनका रिविज़न करते हैं। उन हिस्सों को अतिरिक्त समय दें जहां आप खुद को कमज़ोर पाते हैं। इस योजना में मॉक टेस्ट के लिए समय शामिल होना चाहिए। अपनी प्राथमिकताओं, ताकत और कमजोरी के अनुसार योजना बनाएं।
  1. CSAT को लेकर लापरवाही न करें:
  • विषय पर अपनी समझ के अनुसार CSAT की तैयारी करें। सुनिश्चित करें कि आप इसमें कम से कम समय दें, लेकिन बीच बीच में इसे थोड़ा-थोड़ा पढ़ते रहें। हिंदी मीडियम के छात्र को अंग्रेजी की समझ और संबंधित भाग पर विशेष जोर देने की जरूरत है। आपको यह भी सुनिश्चित करना होगा कि CSAT में, आपको कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने हैं, इसलिए इस हिसाब से ही CSAT की तैयारी करें।
  1. कोई नई किताबें या अध्ययन सामग्री नहीं पढ़ें:
  • किसी भी नई अध्ययन सामग्री या पुस्तक से विचलित न होना महत्वपूर्ण है, क्यों कि यह आपकी प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी का अंतिम चरण है। उन पुस्तकों और अध्ययन सामग्री को दोहराते रहें जिन्हें आपने पहले से पढ़ रखा है।
  • पिछले कुछ महत्वपूर्ण महीनों में प्रीलिम्स से अपना ध्यान भटकने न दें। उम्मीदवारों को किसी भी स्थिति में प्रीलिम्स के लिए निर्धारित अपने लक्ष्यों को पूरा करना होगा।
  1. करंट अफेयर्स पर विशेष जोर:
  • करंट अफेयर्स वास्तव में यूपीएससी प्रीलिम्स का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उम्मीदवारों को समसामयिक मामलों को नियमित रूप से पढ़ते रहना चाहिए और प्रासंगिक घटनाओं के बारे में अपडेट रहना चाहिए। आईएएस प्रीलिम्स क्लीयर करने में यह गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कम से कम 18 महीने का करंट अफेयर्स तैयार करें और उन्हें पूरी तरह से रिवाइज़ करें।
  1. ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दें:
  • मॉक टेस्ट आपको अपनी तैयारी के स्तर का मूल्यांकन करने में मदद करेंगे। यदि आप मॉक टेस्ट लेते हैं और अपने आप को उनमें अच्छा करने के लिए संघर्ष करते हुए पाते हैं, तो पहले अपने फंडामेंटल और बेसिक्स को मज़बूत करें। अपने कमजोर और मजबूत पक्षों को जानने और उसके अनुसार काम करने के लिए मॉक टेस्ट देते रहें।
  • अपनी सुविधा के अनुसार या जब आप विषय का रिविज़न पूरा करते हैं, तो फुल-लेंग्थ या पूरे पाठ्यक्रम का टेस्ट देना शुरू करें।
  • अधिक से अधिक मॉक टेस्ट को हल करके आप यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के अपने अवसरों को बढ़ा सकते हैं।
  1. टेस्ट के बाद अपने उत्तर का विश्लेषण करें:
  • उन कारणों का विश्लेषण करें, जिनके कारण आप परीक्षा में गलत उत्तर दे आते हैं।
  • विश्लेषण करना जरुरी है कि क्या प्रश्न गलत तरीके से समझा गया था या गलत व्याख्या की गई थी, या आपने एक मूर्खतापूर्ण त्रुटि की थी क्योंकि आपने प्रश्न में एक कीवर्ड की अनदेखी की थी या आप प्रश्न को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट नहीं थे, लेकिन उसे अटेम्प्ट करने के लिए आगे बढ़ गए और एक अनुमान लगाया और गलत उत्तर को चिह्नित कर दिया आदि।
  • सुनिश्चित करें कि MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न) प्रश्नों को हल करने के लिए आपके पास एक विशिष्ट और कारगर तरीका है।
  1. रिवाइज, रिवाइज और रिवाइज करें:
  • प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के अंतिम महीनों में रिविज़न सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यदि आपको याद नहीं है कि आपने पहले क्या पढ़ा है, तो संकेत मिलता है कि आपके पास रिविज़न की कमी है। केवल एक चीज जो आपको अवधारणाओं और तथ्यों को समझने में मदद करेगी, वो है नियमित रिविज़न।
  • सभी विषयों को कम से कम दो बार रिवाइज करें, भले ही आपने पाठ्यक्रम समाप्त नहीं किया हो, आपको शेष पाठ्यक्रम को पूरा करते हुए रिविज़न के साथ आगे बढ़ना होगा। रिविज़न आपके कमजोर पक्षों को मजबूत करेगा और आपका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।

शुभकामनाएं!

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