द्विघातीय समीकरण को कैसे हल करें |

By Amrit Gouda|Updated : March 20th, 2022

The quadratic equation is an important topic that is asked in the exams under the Quantitative Aptitude Section of Bank exams. In SBI Clerk Prelims Exam, approx 4-5 questions of Quadratic equations are asked. Thus, there are high chances that these questions will be asked in the upcoming IBPS Clerk, IBPS PO, and SBI PO Prelims Exam.

You can expect around 4-5 questions from this chapter in almost all the preliminary phase of bank exams. Let's discuss the tips and tricks to solve the quadratic equation in the upcoming banking exams.

Table of Content

द्विघातीय समीकरण, एक महत्वपूर्ण अध्य्याय हैं, जिसे परीक्षा में मात्रात्मक रुझान के अंतर्गत पूछा जाता है| सामान्यतया, इससे 5 प्रश्न पूछे जाते हैं| यदि अच्छे से तैयारी की जाए, तो आप आसानी से इसमें  5 अंक प्राप्त कर सकते हैं|

इस अधिवेशन में, हम कुछ महत्वपूर्ण तरीके सीखेंगे, जो, आपको परीक्षा में सहायक होंगे| अब हम इस पर प्रारम्भ करते हैं|

सर्वप्रथम, सिर्फ,  X एवं Y के बीच सम्बन्ध जब स्थापित होता है, जब सभी सम्बन्ध परिभाषित हो|

1. रेखीय समीकरण: रेखीय समीकरणों में, दोनों X एवं Y का सिर्फ एक मान है| इसलिए, सम्बन्ध को आसानी से स्थापित किया जा सकता है|
4X+3Y=18, 7X+5Y= 12
(4X+3Y= 18)× 5, (7X+5Y=12)× 3
20X+15Y=90……..(i)
21X+15Y=36……..(ii)
समी.(i) को समी.(2) में से घटाने पर:
हम प्राप्त करते हैं, X = -54, Y = 78
अतः, Y > X

2. वर्ग: इसमें, हल में दोनों नकारत्मक एवं सकारात्मक मान होते हैं|
X2=1600 एवं Y2=3600
X = ±40 एवं Y = ±60
+60, -40 एवं +40 दोनों से बड़ा है, लेकिन, -60, दोनों -40 एवं +40 से कम है| इसलिए, उत्तर निश्चित नहीं किया जा सकता|
तरीका: जब दोनों समीकरणों को वर्ग रूप में दिया गया हो, तो उत्तर निश्चित नही किया जा सकता|

3. वर्ग एवं वर्गमूल स्थिति
X2=1600 एवं Y = √3600
हम जानते हैं कि, वर्गमूल का मान हमेशा सकारात्मक होता है| इसलिए, Y का मान सिर्फ +60 होगा -60 नहीं होगा|
X = ±40 एवं Y = +60
+60 , दोनों +40 एवं -40 से बड़े हैं| अतः, Y > X

4. घन की स्थिति में
यदि X3=1331, Y3=729
तो, X=11 एवं Y = 9
X>Y, इसलिए, सम्बन्ध X > Y होगा|
यदि X3= -1331 एवं Y3= 729
तो, X= -11 एवं Y = 9
X>Y, इसलिए, सम्बन्ध X < Y होगा|
विशेष: उपर्युक्त उदाहरण में आप कुछ उभयनिष्ठ देख सकते हैं? उभयनिष्ठ बात यह है, X3 > Y3, सम्बन्ध X > Y एवं जब  X3 < Y3 हो तो, सम्बन्ध X < Y होगा|
तरीका: जब दोनों समीकरणों को घन रूप में दिया गया हो, यदि  X3 > Y3, तो, X > Y एवं X3 < Y3, तो, X < Y 

5. वर्ग एवं घन की स्थिति में:
यदि X2=16 एवं Y3=64
तो, X = +4, -4 एवं Y=4
इसलिए, Y = 4, X = 4 के समान है एवं Y = 4, X = -4 से बड़ा है|
इसलिए, Y ≥ X
यदि X2=25 एवं Y3=64
तो, X = +5, -5 एवं Y = 4
इसलिए, Y = 4, X = -5 से बड़ा एवं X = +5 से छोटा है| इसलिए, सम्बन्ध स्थापित नही किया जा सकता|
जैसा कि पूर्व अध्ययन नोट्स में चर्चा की गयी, हम आगे भी, निम्न चिह्न सारणी के आधार पर द्विघातीय समीकरणों पर चर्चा करेंगे:

माना, समीकरण AX2+BX+C = 0 या AY2+BY+C = 0 है:

समीकरण के प्रकार

AX2+BX+C = 0 या  AY2+BY+C = 0

X या Y समीकरण में मूल

 

BX या BY का चिह्न

C का चिह्न

बड़े मूल का चिह्न

छोटे मूल का चिह्न

P

+

+

-

-

 Q

-

+

+

+

R

+

-

-

+

S

-

-

+

-

 

स्थिति

X /Y के मूल

X/Y के मूल

निष्कर्ष

I

+,+ (Q)

+,+ (Q)

आसान

II

+,+ (Q)

+,- (R या S)

चर्चा करेंगे

III

+,+ (Q)

-,- (P)

बायाँ>दायां

IV

+,- (R या S)

-,- (P)

चर्चा करेंगे

V

+,- (R या S)

+,- (R या S)

नही बताया जा सकता

VI

-,- (P)

-,- (P)

आसान

स्थिति I: जब Q प्रकार की दोनों समीकरणों के दोनों मूल (+) हों, तो, यह उस स्थिति का परिणाम है:
(i) यदि X2-5X+6 = 0
दोनों मूल +3 एवं +2 सकारात्मक होंगे|
Y2-17Y+66 = 0
दोनों मूल,  +11 एवं +6 सकारात्मक होंगे|
हम देख सकते हैं कि, X के दोनों मूल, Y के दोनों मूलों से कम है| इसलिए,  X < Y
(ii) यदि X2-17X+42
दोनों मूल +14 एवं +3 सकारात्मक होंगे|
Y2-17Y+66 = 0
दोनों मूल  +11 एवं +6 सकारात्मक होंगे|

                                                    X

                                                 सम्बन्ध

                                                    Y

                                                   +14

                                                   > 

                                                  +11

                                                   +14

                                                   < 

                                                   +6

                                                    +3

                                                   < 

                                                  +11

                                                    +3

                                                   < 

                                                   +6

X एवं Y के बीच में दो सम्बन्ध हैं, जो कि, > एवं < हैं| इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता| विशेष1: जब दोनों समीकरणों में BX (-) एवं C(+) हो, तो आपको गहराई में जाना होगा|

स्थिति II: जब एक समीकरण Q एवं दूसरी या तो, R या S प्रकार की हो|

(i) Q प्रकार: Y2-49Y+444, मूल 37,12 हैं|
    R प्रकार: X2+14X-1887, मूल -51,37 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

-51

37

-51

12

37

=

37

37

12

X एवं Y के बीच में तीन सम्बन्ध हैं, =, > एवं <| इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता|

(ii) Q प्रकार: X2-5X+6 = 0, मूल 3,2 हैं|
      R प्रकार: Y2+Y-6 = 0, मूल -3,2 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

3

-3

3

2

2

-3

2

=

2

X एवं  Y के बीच में दो सम्बन्ध,  >, = हैं| इसलिए, सम्बन्ध  X ≥ Y है|
स्थिति III: जब  P प्रकार की एक समीकरण में दोनों मूल, (-) एवं दूसरी  Q प्रकार की समीकरण में दोनों मूल (+) हैं|
(i) P प्रकार: X2+5X+6=0, मूल -3, -2 हैं|
     Q प्रकार: Y2-7Y+12=0, मूल 4,3 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

-3

3

-3

2

-2

3

-2

2

इसलिए  Y समीकरण के मूल, X के मूलों से बड़े हैं|
विशेष: इस स्थिति में, Q प्रकार की समीकरण के मूल हमेशा, P प्रकार की समीकरण के मूलों से बड़े होंगे|
स्थिति IV: यह स्थिति उसका परिणाम है, जब, P प्रकार की समीकरण के दोनों मूल नकारात्मक एवं दूसरी R या S प्रकार की समीकरण का एक मूल (-) एवं दूसरा  (+) होगा|
(i) P प्रकार: X2+5X+6, मूल, -3,-2 हैं|
     R प्रकार: X2+X-6, मूल, -3,2 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

-3

=

-3

-3

2

 -2

-3

-2

2

X एवं Y के बीच तीन सम्बन्ध,  =, > एवं < हैं| इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता|

(ii) P प्रकार: X2+5X+6, मूल, -3, -2 हैं|
      S प्रकार: X2-X-6, मूल, 3,-2 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

-3

3

-3

-2

-2

3

-2

=

-2

X एवं Y के बीच दो सम्बन्ध, <, = हैं| इसलिए, सम्बन्ध X ≤ Y है|
स्थिति V: यह स्थिति उसका परिणाम है, जब, दोनों समीकरण या तो R या S प्रकार की हों या एक समीकरण R प्रकार और दूसरी S प्रकार को हो, जिसका एक मूल (-) एवं दूसरा मूल (+) है|
(i) यदि X2-X-6 = 0
मूल,  +3 and -2 हैं|
Y2-5Y-66 = 0
मूल, +11 एवं -6 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

+3

+11

+3

-6

-2

+11

-2

-6

X एवं Y के बीच दो सम्बन्ध हैं, जो कि,  > एवं < हैं| इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता|
(ii) यदि X2+11X-42
मूल, -14 एवं +3 हैं|
Y2+5Y-66 = 0
मूल, -11 एवं +6 हैं|

                                                X

                                                 सम्बन्ध

                                         Y

                                              -14

                                                   <

-11

                                               -14

                                                   <

+6

                                               +3

                                                   >

-11

                                               +3

                                                   <

+6

X एवं Y के बीच दो सम्बन्ध, > एवं < हैं| इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता|
(iii)यदि X2+X-6 = 0
मूल, -3 एवं +2 हैं|
 Y2-5Y-66 = 0
मूल, 11 एवं -6 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

-3

+11

-3

-6

+2

+11

+2

-6

X एवं Y के बीच में दो सम्बन्ध हैं, <, > इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता|

(iv)यदि X2+11X-42
मूल, -14 एवं +3 हैं|
Y2+5Y-66 = 0
मूल, -11 एवं +6 हैं|

X

सम्बन्ध

Y

-14

-11

-14

+6

+3

-11

+3

+6

X एवं Y के बीच में दो सम्बन्ध हैं, <, > इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता|

विशेष4: इस स्थिति में उत्तर हमेशा “परिभाषित नही किया जा सकता” होगा|

निष्कर्ष: जब भी किसी प्रश्न में,  C का चिह्न दोनों X एवं Y समीकरणों में (-) हो, तो, उत्तर सदैव “परिभाषित नही किया जा सकता” होगा|

स्थिति VI : यह स्थिति उसका परिणाम है, जब, दोनों समीकरण P प्रकार की हों एवं दोनों मूल (-) हों|
(i)यदि X2+5X+6 = 0
दोनों मूल, -3 एवं -2, नकारात्मक होंगे|
Y2+17Y+66 = 0
दोनों मूल, -11 एवं -6 नकारात्मक होंगे|
हम देख सकते हैं कि, X के दोनों मूल, Y के दोनों मूलों से बड़े हैं| इसलिए, X > Y|
(ii)यदि  X2+17X+42
दोनों मूल,  -14 एवं -3 नकारात्मक होंगे|
Y2+17Y+66 = 0
दोनों मूल,  -11 एवं -6 नकारात्मक होंगे|

X

सम्बन्ध

Y

-14

-11

-14

-6

-3

-11

-3

-6

X एवं Y के बीच में दो सम्बन्ध हैं, <, > इसलिए, सम्बन्ध परिभाषित नहीं किया जा सकता|

विशेष  6: जब दोनों समीकरणों में  BX (-)एवं C(+) हो, आपको गहराई में जाना होगा|

अन्य उदाहरण:

2l4-36l2+162 = 0 एवं 3m4-75m2+432 = 0
हल: मूलरूप से यह द्विघातीय समीकरण नही है क्योंकि, चर राशि की सर्वाधिक घात 4 है| लेकिन, यदि आप lको X एवं m2 को Y मानें, तो, समीकरण 2X2-36X+162=0 एवं 3Y2-75Y+432=0 होंगी|
अब, परिवर्तित समीकरण Q प्रकार की हैं, जिनके सभी मूल सकारात्मक हैं|
X = l2 = सकारात्मक मूल, अतः, l के 2 नकारात्मक एवं  2 सकारात्मक मूल होंगे|
Y = m2 = सकारात्मक मूल, अतः, m के भी  नकारात्मक एवं  2 सकारात्मक मूल होंगे|
इसलिए, l एवं m के बीच सम्बन्ध नहीं परिभाषित किया जा सकता|

परीक्षाओ के लिए शुभकामनाएँ,

टीम ग्रेडअप      

Comments

write a comment

FAQs

  • An algebraic statement of the second degree in x is called a quadratic equation. A quadratic equation has the conventional form ax2 + bx + c = 0, where a and b are coefficients, x is the variable, and c is the constant term.

  • You can expect 5 questions from it in almost all the bank exams.

    These questions are very easy to solve within 2 minutes if you have practiced well.

    You can increase your chances of selection by solving these questions before approaching other questions.

  • You can expect around 4-5 questions from this chapter in almost all the bank and insurance prelims exams.

  • You can practice quadratic equation questions at BYJU'S Exam Prep app or website.

PO, Clerk, SO, Insurance

BankingIBPS POIBPS ClerkSBI POIBPS SOSBI ClerkRBIRRBLICESICNainital BankOtherQuick LinkMock Test
tags :PO, Clerk, SO, InsuranceQuantitative AptitudeSBI PO OverviewSBI PO NotificationSBI PO Application FormSBI PO Exam DateSBI PO Vacancy

Follow us for latest updates