सूरदास किसके शिष्य थे?

By Sakshi Yadav|Updated : August 16th, 2022

सूरदास, वल्लभ आचार्य के शिष्य थे, जिनसे वे 1510 सीई में वृंदावन की तीर्थ यात्रा पर जाते समय मिले थे। सूरदास जन्म से नेत्रहीन थे, वो अपनी कविता और भगवान कृष्ण की स्तुति में लिखे गए कार्यों के लिए जाने जाते थे। उनके पास कुछ असाधारण क्षमता थी जैसे वो किसी भी खोई हुई चीज़ो की दिशा बता सकते थे और भविष्य से जुड़े कुछ चीज़ो का उत्तर उनके पास था।

  • सूरदास ने बचपन में ही अपना घर छोड़ दिया था और सिहियो में रहते थे।
  • 18 साल की उम्र में वो गौघाट चले गए और वही पर उनकी मुलाकात वल्लभाचार्य से हुई थी
  • सूरदास ने भगवन कृष्ण के लिए कई कविताएं लिखी थी जो अधिकांश ब्रज और अवधी में थी।
  • सूरदास भक्ति आंदोलन का हिस्सा थे, यह आंदोलन जनता के आध्यात्मिक सशक्तिकरण का प्रतिनिधित्व करता था।

Summary:

सूरदास किसके शिष्य थे?

सूरदास को वल्लभाचार्य ने दीक्षा दी थी और वो उनके शिष्य थे। सूरदास की मुलाकात वल्लभाचार्य से वृंदावन में हुई थी। जिसके बाद ही वे ब्रजलीला (कृष्ण की काथाएं) से परिचित हुए और वे कृष्ण की भक्ति में लीन हो गये थे।

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