Study Notes खड़ी बोली आंदोलन- फोर्ट विलियम कॉलेज

By Mohit Choudhary|Updated : June 24th, 2022

यूजीसी नेट परीक्षा के पेपर -2 हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण विषयों में से एक है खड़ी बोली आंदोलन। इस विषय की की प्रभावी तैयारी के लिए, यहां यूजीसी नेट पेपर- 2 के लिए खड़ी बोली आंदोलन के आवश्यक नोट्स कई भागों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें से UGC NET के कथेतर गद्य से सम्बंधित नोट्स  इस लेख मे साझा किये जा रहे हैं। जो छात्र UGC NET 2022 की परीक्षा देने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए ये नोट्स प्रभावकारी साबित होंगे।      

फोर्ट विलियम कॉलेज और हिन्दी नवजागरण

  • फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना सन् 1800 में कोलकाता में की गई। इसकी स्थापना लॉर्ड वेलेजली ने की थी। फोर्ट विलियम कॉलेज भाषाओं के अध्ययन का केन्द्र है, इसे ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा का प्रतीक भी माना जाता है। 
  • फोर्ट विलियम कॉलेज द्वारा भारत की विभिन्न भाषाओं की हजारों पुस्तकों का अनुवाद किया गया, जिनमें हिन्दी, उर्दू, बंगला, संस्कृत आदि शामिल हैं। 
  • इस संस्था में जॉन गिलक्राइस्ट हिन्दुस्तानी विभाग के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। वेलेजली ने जॉन गिलक्राइस्ट की अध्यक्षता में 'ओरिएंटल सैमिनरी संस्था उद्देश्य की स्थापना की। बाद में यही संस्था 'फोर्ट विलियम कॉलेज' में परिवर्तित हुई।

फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना के उद्देश्य

  • भाषा किसी भी राष्ट्र की पहचान होती है। भाषाओं का अध्ययन व उनकी स्थापना फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना का एक उद्देश्य था। यहाँ ब्रिटेन के युवा सिविल अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाता था। 
  • लॉर्ड वेलेजली ये अनुभव करते थे कि कम्पनी के कर्मचारियों को जनभाषा का ज्ञान व उनके द्वारा सदाचरण का पालन होना चाहिए। 
  • इस संस्थान के जरिये कर्मचारियों व अधिकारियों को भारतीय संस्कृति व भाषाओं को समझने का अवसर मिला। संस्था में भारतीय व अंग्रेज़ विद्वान भारतीय भाषाओं के आधुनिकीकरण के लिए साथ रहकर कार्य करते थे।

फोर्ट विलियम कॉलेज में हिन्दी

  • हिन्दी के क्षेत्र में फोर्ट विलियम की सर्वाधिक चर्चा 'प्रेमसागर' के सम्बन्ध में की गई है। हिन्दी को अन्य भाषाओं से भिन्न कर उसे स्थापित करने में 'प्रेमसागर' ने अहम भूमिका निभाई है। 
  • खड़ी बोली को लेकर कॉलेज की भूमिका में भ्रान्ति रही, लेकिन कविता, व्याकरण व ब्रजभाषा के क्षेत्र में संस्थान ने कुछ महत्वपूर्ण कार्य किए। 
  • 'माधवविलास 'राजनीति' तथा 'ब्रजभाषा व्याकरण संस्थान में तैयार की गई अहम रचनाएँ थी। धार्मिक अन्थों के अनुवाद या उससे सम्बन्धित वृत्तान्तों के रूप में प्राचीन ब्रज भाषा या खड़ी बोली हिन्दी गद्य का रूप मिलता था, पर व्यावहारिक प्रयोजनों के लिए गद्य का सजग रूप में प्रयोग फोर्ट विलियम कॉलेज से प्रारम्भ होता है। 
  • ये प्रयोग जॉन गिलक्राइस्ट द्वारा हिन्दी गद्य में लिखवाए लेखों के रूप में थे। इन लेखों में सदल मिश्र को कृति 'नासिकेतोपाख्यान' और लल्लू लाल की कृति 'प्रेमसागर' का सर्वाधिक महत्व है। फोर्ट विलियम कॉलेज का हिन्दी भाषा को नया रूप देने में अहम योगदान माना जाता है।

फोर्ट विलियम कॉलेज का महत्व

  • फोर्ट विलियम कॉलेज द्वारा किए गए भाषायी सुधार तथा पुस्तकों के प्रकाशन में संबंधित कार्यों का विशेष महत्व है। ब्रिटिश विद्वान् हिन्दी का महत्त्व समझते थे। वह भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक परिस्थितियों से अवगत थे, किन्तु हिन्दी की उपेक्षा भी करते थे। 
  • कॉलेज के प्रिंसिपल जॉन गिलक्राइस्ट ने हिन्दी के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। उन्होंने भाषा के विकास के लिए अनेक पुस्तकें लिखवाई। यह कहा जा सकता है कि फोर्ट विलियम कॉलेज ने ही सुनियोजित हिन्दी की नींव रखी। 
  • हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में कॉलेज द्वारा किए गए प्रयोगों का आधुनिक हिन्दी पर भी असर दिखता है।

अतः कह सकते हैं कि हिन्दी भाषा व साहित्य की चर्चा फोर्ट विलियम कॉलेज के योगदान को स्मरण किए बिना सदैव अधूरी रहेगी।

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हमें आशा है कि आप सभी UGC NET परीक्षा 2022 के लिए पेपर -2 हिंदी, 'फोर्ट विलियम कॉलेज' से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु समझ गए होंगे। 

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