सर्वनाम के कितने प्रकार होते हैं?

By Raj Vimal|Updated : August 12th, 2022

संज्ञा शब्दों के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जा सके उसे सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम के 6 प्रकार होंते हैं। आसन भाषा में कहें तो, जैसा कि हमें पता है, हर वस्तु, व्यक्ति या स्थान का एक नाम होता है, जिसे हम व्याकरण में संज्ञा भी कहते हैं। इसी संज्ञा के जगह इस्तेमाल किये गए शब्द को सर्वनाम कहते हैं।

सर्वनाम से जुड़े प्रश्न प्राय: प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। जिस विद्यार्थी के हिंदी पास हिंदी व्याकरण का ज्ञान होता है, उसे अधिक अंक मिल जाते हैं। आईये अब सर्वनाम के भेद को समझते हैं।

सर्वनाम के भेद और उनके उदहारण

  • पुरुषवाचक सर्वनाम - मैं, हम तुम, आप आदि, पुरुषवाचक सर्वनाम के उदहारण हैं।
  • निश्चयवाचक सर्वनाम - यह, वह, ये, वे आदि, निश्चयवाचक सर्वनाम के उदहारण हैं।
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम - वह कुछ रख कर चला गया। यहाँ “कुछ” अनिश्चयवाचक सर्वनाम हैं।
  • सम्बन्धवाचक सर्वनाम - जैसा करोगे, वैसा पाओ। यहाँ “जैसा” और “वैसा” सम्बन्धवाचक सर्वनाम हैं।
  • प्रश्नवाचक सर्वनाम - क्या, कौन, कहाँ, कब आदि, प्रश्नवाचक सर्वनाम के उदहारण हैं।
  • निजवाचक सर्वनाम - खुद, स्वयं आदि शब्दों से निजता का बोध हो रहा है, अत: यह निजवाचक सर्वनाम के उदाहरण हैं।

Summary

सर्वनाम के कितने प्रकार होते हैं?

सर्वनाम 6 प्रकार के होते हैं। जो की हैं, पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, सम्बन्धवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक सर्वनाम| जिन शब्दों को संज्ञा (व्यक्ति, वस्तु आदि का नाम) के स्थान पर लिखा जाये, उसे सर्वनाम कहते हैं।

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