समतल दर्पण की फोकस दूरी होती है

By Sakshi Yadav|Updated : August 24th, 2022

समतल दर्पण (plane mirror) की फोकस लंबाई अनंत होती है। जब प्रकाश की किरणें दर्पण की सतह से टकराती हैं तो वे वापस परावर्तित (reflective) हो जाती हैं। जब अनंत से आने वाली किरणें दर्पण की सतह पर सीधा पड़ती हैं तो वे वापस परावर्तित हो जाती हैं और एक बिंदु पर मिलती हैं। इस बिंदु को फोकस कहा जाता है और ध्रुव और फोकस के बीच की दूरी को फोकस दूरी कहा जाता है। फोकस की दूरी सकारात्मक (Positive) होती है यदि यह दर्पण के बाईं ओर है, तो यह सकारात्मक रहेगी यदि यह दर्पण के दाईं ओर है,तो यह शून्य रहेगी, और यदि परावर्तित किरणें कभी नहीं मिलती हैं तो वह अनंत ही रहती है।

समतल दर्पण एक समतल परावर्तक पृष्ठ (flat reflecting surface) होता है। इस प्रकार, समतल दर्पण के मामले में, जब प्रकाश की समानांतर किरणें दर्पण से टकराती हैं तो वे एक दूसरे के समानांतर वापस परावर्तित हो जाती हैं। अत: समतल दर्पण की फोकस दूरी अनंत है।

Summary

समतल दर्पण की फोकस दूरी होती है

समतल दर्पण की फोकस दूरी अनंत होती है क्योंकि प्रतिबिम्ब दर्पण के भीतर अनंत दूरी पर बनी रहती है। एक समतल दर्पण को अनंत वक्रता त्रिज्या वाले गोलाकार दर्पण के रूप में पहचाना जा सकता है। फोकस दूरी वक्रता त्रिज्या की आधी (radius of curvature) होती है और इसलिए यह अनंत है।

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