संपत्ति के अधिकार को कानूनी अधिकार कौन से संविधान संशोधन के तहत बनाया गया था?

By Sakshi Yadav|Updated : August 19th, 2022

संपत्ति के अधिकार (Right to Property) को कानूनी अधिकार 44वां संशोधन अधिनियम, 1978 के तहत बनाया गया था। 44वां संशोधन एक अधिनियम है जिसे 1978 में 45वें संशोधन विधेयक द्वारा संविधान में पेश किया गया था। 1976 में, 42वें संशोधन अधिनियम की शुरुआत के साथ, नागरिकों की इच्छा के विरुद्ध कई और प्रावधान भी किए गए थे, जो बाद में बदले भी गए। परिवर्तन और राष्ट्र के हितों की रक्षा, 44 वें संशोधन अधिनियम को कार्रवाई में किया गया था।

  • 44वें संविधान संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में समाप्त कर दिया था। 
  • 44वें संशोधन के बाद संपत्ति का अधिकार वैधानिक अधिकार बन गया था। 
  • अनुच्छेद 31 जिसमें संपत्ति का अधिकार निहित (Implied) था, को अनुच्छेद 300 में डाल (transferred) दिया गया था। 
  • ये संशोधन कहता है की एक नागरिक का निजी संपत्ति रखने का अधिकार एक मानव अधिकार है। राज्य उचित प्रक्रिया और कानून के अधिकार का पालन किए बिना उस पर कब्जा नहीं कर सकता है।

Summary

संपत्ति के अधिकार को कानूनी अधिकार कौन से संविधान संशोधन के तहत बनाया गया था?

44वां संशोधन अधिनियम, 1978 संपत्ति के अधिकार (Right to Property) को कानूनी अधिकार के तहत बनाया गया था। इस संशोधन के अनुसार संपत्ति का अधिकार एक कानूनी या संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह अब मौलिक अधिकार नहीं है क्योकि यह संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा अब नहीं है।

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