समास के कितने भेद होते हैं?

By Raj Vimal|Updated : August 12th, 2022

समास का अर्थ संछिप्त है। समास के कुल 6 भेद होते हैं। हिंदी व्याकरण के अनुसार समास की परिभाषा है, दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर, जब एक नया और संक्षिप्त शब्द बनता है, तब वह शब्द समास कहलाता हैं। समास का अर्थ, कम से कम 2 शब्दों में अर्थ प्रकट करना होता है।

हिंदी व्याकरण के सवालों में समास से जुड़े कई सवाल आते हैं। इनके बारे में आप पढ़कर प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे नम्बर प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ हमने समास के कितने प्रकार होते हैं, उनके नाम और उदाहरण के बारे में बताया है।

समास के भेद और उनके उदहारण

  • अव्ययी भाव समास - प्रतिदिन, यथासंभव, अनुरूप आदि
  • तत्पुरुष समास - गिरिधर, जलाभिषेक, राहखर्च
  • कर्मधारय समास - प्राणप्रिय, महात्मा आदि
  • द्विगु समास - शताब्दी, अठन्नी आदि
  • द्वन्द्व समास - आग – पानी, ऊंच – नीच आदि
  • बहुव्रीहि समास -गजानन, पंकज आदि

Summary

समास के कितने भेद होते हैं?

समास के 6 प्रकार होते हैं। जो इस प्रकार हैं -अव्ययी भाव समास, तत्पुरुष समास, कर्मधारय समास, द्विगु समास, द्वन्द्व समास और बहुव्रीहि समास। जब दो या दो से अधिक शब्दों के बीच में से विभक्ति हटाकर उन्हें मिलाया जाता है, तो उस मेल को समास कहते हैं।

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