सबसे छोटी जीवित कोशिका कौन सी है?

By Sakshi Yadav|Updated : August 31st, 2022

सबसे छोटी जीवित कोशिका(cell) माइकोप्लाज्मा है। इसका आकार लगभग 0.0001 मिलीमीटर है और इसमें सेल वॉल का अभाव होता है। माइकोप्लाज्मा बैक्टीरिया का एक जीनस है जिसमें कोशिका झिल्ली के चारों तरफ कोशिका भित्ति (cell wall) नहीं होती है।

  • पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे छोटे जीवों को अलग अलग पहलुओं के अनुसार चयनित किया जाता है, जिसमें आयतन, द्रव्यमान, ऊंचाई, लंबाई या जीनोम का आकार शामिल होता हैं।
  • 1665 में, कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने की थी उन्होंने स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी (self-made microscope) से काम की पतली काट को देखा था। जिसमें मधुमक्खी के छत्ते जैसी संरचना दिखाई दी थी। लेटिन भाषा में कोशिका का अर्थ छोटा कमरा होता है। 

कोशिका के प्रकार 

कोशिकाएँ दो प्रकार की होती हैं:

  • प्रोकैरियोटिक कोशिका ( Prokaryotic cells) : इन कोशिकाओं में हिस्टोन प्रोटीन नहीं होता है। जिसके कारण क्रोमैटिन नही बन पाता है। प्रोकैरियोटिक कोशिका में कोई स्पष्ट केन्द्रक नहीं होता है।
  • यूकैरियोटिक कोशिका ( Eukaryotic cell) : ये सभी उच्च श्रेणी के पौधों और जन्तुओं में पाई जाती है। 

Summary

सबसे छोटी जीवित कोशिका कौन सी है?

माइकोप्लाज्मा सबसे छोटी जीवित कोशिका होती है। उनका न्यूनतम आकार लगभग 0.2 माइक्रोमीटर होता है, जो पॉक्सविर्यूज़ से छोटा होता है। वही आर्किया और यूबैक्टेरिया के सदस्य सबसे छोटी कोशिकाएँ हैं।

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