रचना की दृष्टि से वाक्य के कितने प्रकार होते हैं?

By Raj Vimal|Updated : August 29th, 2022

शब्दों के समूह को वाक्य कहते हैं। रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन प्रकार होते हैं। पहला साधारण वाक्य, संयुक्त वाक्य और तीसरा मिश्र वाक्य। यहाँ साधारण वाक्य उन वाक्यों को कहते हैं जिसमें केवल एक ही क्रिया या कर्ता होता है। संयुक्त वाक्य प्रथम वाक्य प्रधान वाक्य होता है और शेष उसके आश्रित उपवाक्य कहलाते हैं।

इन सब से अलग मिश्र वाक्यों में प्रथम वाक्य प्रधान वाक्य होता है। इसके बाद शेष वाक्य उसके आश्रित उपवाक्य कहलाते हैं। नीचे हमने सभी वाक्यों के उदाहरण दिए हैं। जिनसे इन वाक्यों के बीच के फर्क को समझा जा सकता है।

रचना के दृष्टि से वाक्यों का उदाहरण

1. सरल या साधारण वाक्य के उदाहरण

  • राम जाता है।
  • लोग घूम रहे हैं।

2. संयुक्त वाक्य के उदाहरण

  • मुझे कुछ सामान लाना था इसलिए मैं बाजार गयी।
  • विद्यालय में झंडा फहराया गया और आजादी के गीत गाये गए।

3.मिश्र वाक्य के उदाहरण 

  • उसके मेरे घर ना आने का कारण उसका बीमार होना था।
  • उसे सभी ने पकड लिया और पुलिस को दे दिया।

Summary

रचना की दृष्टि से वाक्य के कितने प्रकार होते हैं?

सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र वाक्य ही रचना की दृष्टि से वाक्यों के तीन प्रकार हैं। इन तीन वाक्य प्रकारों को उनके स्थिति और अर्थ के अनुसार प्रयुक्त किया जाता है।

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