कंप्यूटर की बुनियादी बातों पर नोट्स

By Vijay Kumar|Updated : December 9th, 2021

Dear Aspirant,

Today we are covering the study material on Computer Fundamentals, that will help you succeed in the upcoming exam.

Computer: A computer is a truly amazing machine that performs a specified sequence of operations as per the set of instructions (known as programs) given on a set of data (input) to generate desired information (output).

प्रिय पाठक, 

आज हम कंप्यूटर की बुनियादी बातों पर और अध्ययन सामग्री पर बात करेंगे ताकि आपको आगामी परीक्षा में सफल होने में मदद मिले।

कंप्यूटर: एक कंप्यूटर वास्तव में एक अद्भुत मशीन है जो निर्देशों के सेट (प्रोग्राम के रूप में जाना जाता है) के अनुसार डेटा के एक सेट (इनपुट) पर वांछित जानकारी (आउटपुट) उत्पन्न करने के लिए संचालन का एक निर्धारित अनुक्रम करता है।

एक पूरी कम्प्यूटर प्रणाली के चार हिस्से होते हैं:

  • हार्डवेयर: हार्डवेयर कंप्यूटर के भौतिक और मूर्त घटकों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • सॉफ्टवेयर: सॉफ्टवेयर इलेक्ट्रॉनिक निर्देशों का एक सेट है जिसमें जटिल कोड्स (प्रोग्राम्स) होते हैं जो कि कंप्यूटर को कार्य करने में सक्षम बनाते हैं।
  • यूज़र: कंप्यूटर ऑपरेटरों को यूज़र्स के रूप में जाना जाता है।
  • डेटा: इसमें वो कच्चे तथ्य आते हैं, जिन्हें कंप्यूटर स्टोर करता हैं और नंबर के रूप में पढ़ता है।

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इस इलेक्ट्रॉनिक मशीन की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • गति
  • सटीकता
  • भंडारण और पुनर्प्राप्ति
  • दोहराई गई प्रोसेसिंग क्षमतायें
  • विश्वसनीयता
  • लचीलापन
  • कम लागत

ये तीन चरण डेटा प्रोसेसिंग साइकिल का गठन करते हैं:

  • इनपुट - प्रोसेसिंग के लिए इनपुट डाटा कुछ सुविधाजनक रूप में तैयार किया जाता है। फॉर्म प्रोसेसिंग मशीन पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, जब इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर इस्तेमाल होते हैं, तो इनपुट डेटा इनपुट मीडियम के कई प्रकारों जैसे मैग्नेटिक डिस्क, टेप इत्यादि में से किसी एक पर रिकॉर्ड किया जा सकता है।
  • प्रोसेसिंग  इस चरण में इनपुट डेटा को एक अधिक उपयोगी रूप में डेटा का उत्पादन करने के लिए बदल दिया जाता है। उदाहरण के लिए, पेचैक्स की टाइम कार्ड से गणना की जा सकती है, या महीने की बिक्री के सारांश की गणना बिक्री के आदेश से की जा सकती है।
  • आउटपुट – कार्यवाही प्रोसेसिंग स्टेप के परिणाम एकत्र किये जाते हैं। आउटपुट डेटा का विशिष्ट रूप डेटा के उपयोग पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, आउटपुट डेटा कर्मचारियों का पेचैक भी हो सकता है।

CPU

चित्र: विभिन्न हार्डवेयर घटकों के बीच का संबंध

लैंग्वेज प्रोसेसर्स:

  • असेंबलर: यह लैंग्वेज प्रोसेसर प्रोग्राम असेंबली लैंग्वेज में लिखे प्रोग्राम को मशीन लैंग्वेज में बदल देता है।
  • इंटरप्रेटर: यह लैंग्वेज प्रोसेसर एक एचएलएल (उच्च स्तरीय लैंग्वेज) प्रोग्राम को लाइन से लाइन तक क्रियान्वित करके मशीन लैंग्वेज में परिवर्तित करता है।
  • कम्पाइलर: -यह भी मशीन लैंग्वेज में एचएलएल प्रोग्राम को परिवर्तित करता है लेकिन रूपांतरण का तरीका अलग है। यह एक ही बार में पूरे एचएलएल प्रोग्राम को परिवर्तित करता है, और लाइन नंबर के साथ कार्यक्रम की सभी त्रुटियों को रिपोर्ट करता है।

सॉफ्टवेयर

सॉफ्टवेयर एक ऐसे प्रोग्राम के सेट का प्रतिनिधित्व करता है जो कि एक कंप्यूटर प्रणाली के संचालन को नियंत्रित करने और हार्डवेयर को चलाने में मदद करता है।

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इस प्रकार का सॉफ्टवेयर एक उपयोगकर्ता की जरूरतों के अनुसार समायोजित किया सॉफ्टवेयर है।

एनालॉग कंप्यूटर्स

  • एनालॉग कंप्यूटर हमेशा संकेतों के रूप में इनपुट लेता है।
  • इनपुट डेटा वास्तव में एक नंबर नहीं है बल्कि दबाव, गति, वेग की तरह एक भौतिक मात्रा है।
  • सिग्नल (0 से 10 V) तक के लगातार रहते हैं।
  • सटीकता लगभग 1%।
  • उदाहरण: स्पीडोमीटर।

डिजिटल कंप्यूटर

  • ये कंप्यूटरो अंकों और अक्षरों के रूप में इनपुट लेते हैं और उसे बाइनरी फार्मेट में बदल देते हैं।
  • डिजिटल कंप्यूटर उच्च गति के, प्रोग्रामेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं।
  • सिग्नल के दो स्तर हैं (कम/बंद के लिए 0, ज़्यादा/चालू पर 1)।
  • असीमित सटीकता।
  • उदाहरण: व्यापार और शिक्षा के उद्देश्य के लिए उपयोग में लाये कम्प्यूटर भी डिजिटल कंप्यूटर के उदाहरण हैं।

हाइब्रिड कंप्यूटर

  • एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर की विशेषताओं के संयोजन को हाइब्रिड कंप्यूटर कहा जाता है।
  • मुख्य उदाहरणों में केंद्रीय राष्ट्रीय रक्षा और यात्री विमान रडार प्रणाली शामिल हैं।
  • उन्हें रोबोटों को नियंत्रित करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं।

सुपर कम्प्यूटर

  • आकार में सबसे बड़ा होता है।
  • सबसे महंगा
  • यह कुछ सेकंड्स में अरबों निर्देशों को प्रोसेस कर सकता है।
  • इस कंप्यूटर को न तो घर में एक पीसी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और न ही कॉलेज में छात्र द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
  • अलग अलग गणना और भारी कामों के लिए सरकार द्वारा प्रयुक्त किया जाता है।
  • सुपर कंप्यूटरों को मौसम के नक्शे, परमाणु बम के निर्माण, भूकंप की भविष्यवाणी आदि जैसे भारी कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

मेनफ्रेम्स

  • यह भी प्रति सेकंड लाखों लोगों निर्देशों की प्रोसेस कर सकते हैं।
  • यह एक समय में कई उपयोगकर्ताओं की प्रोसेसिंग संभाल सकते हैं।
  • सुपर कंप्यूटर की तुलना में कम खर्चीला है
  • इसका आमतौर पर अस्पतालों में, एयर रिजर्वेशन कंपनियों में इस्तेमाल किया जाता है, इससे बड़े पैमाने पर डेटा पुनः प्राप्त कर सकते हैं।
  • यह सामान्य रूप से बहुत महंगा है और एक वेतन पे निर्भर व्यक्ति की पहुंच से बाहर है।
  • इसमें हज़ारों डॉलर का खर्च आ सकता है।

मिनी कंप्यूटर

  • इन कंप्यूटरों को छोटे प्रकार के व्यापारियों, कॉलेजों द्वारा ज्यादा पसंद किया जाता है
  • ये ऊपर दिए गए दो कंप्यूटरों से सस्ता है।
  • ये माइक्रो कंप्यूटर और मेनफ्रेम का अंतरवर्ती है।

माइक्रो कंप्यूटर / पर्सनल कंप्यूटर

  • इसे अधिकतर होम यूज़र्स द्वारा पसंद किया जाता है।
  • उपरोक्त की तुलना में इसकी लागत कम है।
  • यह आकार में छोटा होता है।
  • एक माइक्रो कंप्यूटर में एक माइक्रोचिप पर एक सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट, केवल रीड ओनली मैमोरी और रैंडम एक्सेस मेमोरी के रूप में होती है, और ये एक यूनिट में स्थापित होती है जिसे आम तौर पर एक मदरबोर्ड कहा जाता है।

नोटबुक कंप्यूटर

  • नोटबुक कंप्यूटर का वजन आम तौर पर 6 पाउंड से कम होता है और ये एक बहुत छोटे से ब्रीफकेस में आसानी से फिट हो जाता है।
  • एक नोटबुक कंप्यूटर और एक पर्सनल कंप्यूटर के बीच मुख्य अंतर डिस्प्ले स्क्रीन का है।
  • कई नोटबुक डिस्प्ले स्क्रीन VGA रिसोल्युशन तक सीमित होते हैं।

प्रोग्रामिंग की लैंग्वेज

  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज के दो प्रमुख प्रकार हैं। ये हैं : लो लेवल लैंग्वेजेज और हाई लेवल लैंग्वेजेज।
  • लो लेवल लैंग्वेजेज को मशीन लैंग्वेज और असेंबली लैंग्वेज में विभाजित किया जाता है।
  • लो लेवल लैंग्वेजेज: लो लेवल का मतलब है उस तरीके के निकट होना जिससे मशीन का निर्माण किया गया है। लो लेवल लैंग्वेजेज मशीन-ओरिएंटेड होती हैं और इसके लिए कंप्यूटर हार्डवेयर और कॉन्फ़िगरेशन के व्यापक ज्ञान की आवश्यकता होती है।
  • मशीन लैंग्वेज: सिर्फ मशीन लैंग्वेज ही ऐसी लैंग्वेज है जिसे कंप्यूटर सीधे समझ सकता है। इसके लिए किसी ट्रांसलेटर प्रोग्राम की जरूरत नहीं है। हम इसे मशीन कोड भी कहते हैं और यह 1 (एक) के और 0 (शून्य) के स्ट्रिंग्स के रूप में लिखा जाता है। कोड के इस क्रम को जब कंप्यूटर में भरा जाता है, तो यह कोड को पहचानता है और इसे चलाने के लिए उसे आवश्यक इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स में बदल देता है।
  • उदाहरण के लिए, एक प्रोग्राम इंस्ट्रक्शन इस तरह लग सकता है: 1011000111101
  • यह आपके समझने के लिए एक आसान लैंग्वेज नहीं है क्योंकि इसे सीखना मुश्किल है। यह लैंग्वेज कंप्यूटर के लिए कुशल लेकिन प्रोग्रामरों के लिए बहुत अक्षम है। इसे पहली पीढ़ी की लैंग्वेज माना जाता है।

लाभ:

  • मशीन लैंग्वेज का प्रोग्राम बहुत तेज़ी से चलता है क्यूंकि सीपीयू के लिए किसी ट्रांसलेशन प्रोग्राम की  आवश्यकता नहीं होती है।

हानि

  • मशीन लैंग्वेज में प्रोग्राम करना बहुत मुश्किल है। प्रोग्रामर को हार्डवेयर लिखने के लिए प्रोग्राम का विवरण मालूम होना ज़रुरी है।
  • प्रोग्रामर को एक प्रोग्राम को लिखने के लिए कई कोड याद करने पड़ते हैं जो प्रोग्राम त्रुटियों में परिणत होते है।
  • प्रोग्राम को डिबग करना मुश्किल है।

असेंबली लैंग्वेज

यह प्रोग्रामिंग संरचना में सुधार करने का पहला कदम है। आपको पता होना चाहिए कि कंप्यूटर नंबर्स और लेटर्स को संभाल सकते हैं। इसलिए मशीन कोड की संख्या के सबस्टिटियूट करने के लिए लेटर्स के कुछ संयोजन का इस्तेमाल किया जाएगा।

सिंबल और लेटर्स के सेट से असेंबली लैंग्वेज बनती है और मशीन लैंग्वेज का असेंबली लैंग्वेज में अनुवाद करने के लिए एक ट्रांसलेटर प्रोग्राम आवश्यक है। इस ट्रांसलेटर प्रोग्राम को `असेंबलर' कहा जाता है। इसे एक दूसरी पीढ़ी की लैंग्वेज माना जाता है।

लाभ:

  • असेंबली लैंग्वेज की सिंबॉलिक प्रोग्रामिंग आसानी से समझ में आती है और एक प्रोग्रामर की मेहनत और समय बचाती है।
  • त्रुटियों को सही करना और प्रोग्राम के निर्देशों को बदलना आसान होता है।
  • असेंबली लैंग्वेज में मशीन लेवल लैंग्वेज जितनी ही कार्य पूर्ण करने की कुशलता होती है। क्यूंकि यह असेंबली लैंग्वेज और इसके कोरेस्पोंडिंग मशीन लैंग्वेज प्रोग्राम के मध्य में वन-टू-वन ट्रांसलेटर का काम करती है।

हानि:

  • असेंबली लैंग्वेज मशीन पे निर्भर है।
  • एक कंप्यूटर के लिए लिखा कार्यक्रम अलग हार्डवेयर कॉन्फ़िगरेशन के साथ अन्य कंप्यूटरों में नहीं चल सकता है।

हाई लेवल लैंग्वेजेज़

आप जानते हैं कि असेंबली लैंग्वेज और मशीन लेवल लैंग्वेज के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर के गहन ज्ञान की आवश्यकता होती है जबकि हायर लैंग्वेज में आपको सिर्फ अंग्रेजी शब्दों में निर्देश और समस्या के तर्क को जानना है, इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप किस  प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • हाई लेवल लैंग्वेजेज़ सरल भाषायें हैं जो कि अपने प्रोग्राम के निर्माण के लिए अंग्रेजी और गणितीय प्रतीकों का उपयोग करती हैं जैसे कि +, -, %, / आदि।
  • आपको पता होना चाहिए कि कंप्यूटर के समझने के लिए किसी भी हायर लेवल लैंग्वेज को मशीन लेवल लैंग्वेज में बदलना होता है।
  • हायर लेवल लैंग्वेजs प्रॉब्लम-ओरिएंटेड लैंग्वेजेज है क्यूंकि एक ख़ास समस्या को सुलझाने के लिए निर्देश काफी हैं।

उदाहरण के लिए कोबोल (कॉमन बिज़नेस ओरिएंटेड लैंग्वेज) ज्यादातर बिज़नेस ओरिएंटेड लैंग्वेज के लिए उपयुक्त है जहां बहुत कम प्रोसेसिंग और आउटपुट ज़्यादा है।

वहीं फोरट्रान (फॉर्मूला ट्रांसलेशन) और बीएएसआईसी (बिगिनर्स ऑल पर्पज़ सिंबॉलिक इंस्ट्रक्शन कोड) जैसी गणितीय उन्मुख भाषाएं हैं जहां बहुत बड़े प्रोसेसिंग की आवश्यकता होती है ।

इस प्रकार एक प्रॉब्लम-ओरिएंटेड लैंग्वेज को इस तरह बनाया गया है ताकि इसके निर्देश को समस्या की भाषा की तरह लिखा जा सके। उदाहरण के लिए, व्यापारियों द्वारा व्यापार के शब्द का प्रयोग और वैज्ञानिकों द्वारा विज्ञान के शब्दों का प्रयोग उनकी संबंधित भाषाओं में किया जाता है।

हाई लेवल लैंग्वेज के लाभ

  • हायर लेवल लैंग्वेज का मशीन और असेंबली लैंग्वेजेज की तुलना में एक बड़ा फायदा यह है कि हायर लेवल लैंग्वेज सीखने में और प्रयोग करने में आसान हैं।
  • इसका कारण यह है कि वे हमारे दैनिक जीवन में हमारे द्वारा इस्तेमाल की गई भाषाओं के समान हैं।

धन्यवाद

ग्रेडअप..

Comments

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Kriti Pathak

Kriti PathakJan 27, 2019

Please send me  a short note on high level language with its applications
Arush Yadav

Arush YadavMar 12, 2019

We students are very thankful to you sir.
suresh bandaru
Plz provide pdf dis notes
suresh bandaru
Dis matter is very good,but some of us want pdf file.for frequently reading purpose .plz
Priya Singh

Priya SinghJan 16, 2020

nice post
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Priya Singh

Priya SinghFeb 11, 2020

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Gurpreet Singh
Thank you byju

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