नेत्र की समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है?

By Raj Vimal|Updated : September 9th, 2022

नेत्र की समंजन क्षमता, वह क्षमता होती है जिसके कारण आँख अपनी फोकस दूरी को समयोजित करके निकट और दूर की वस्तुओं को रेटिना पर फोकस करता है। सामान्य अवस्था में नेत्र की क्षमता डायपटर की होती है। एक मानव की आँख के लिए सबसे निकल और दूर की दृष्टि के बीच की दूरी दृष्टि परास कहलाती है।

दृष्टि दूरी क्या होती है?

जब हमारी आँखों को देखने में दिक्कत होती है, उसे दृष्टिदोष कहते हैं। मानव आँखों में दृष्टि दोष दो प्रकार के होते हैं। (1) निकट दृष्टि दोष और (2) दूर दृष्टि दोष। इन्हें दूर करने के लिए नेत्र चिकित्सक हमें अलग-अलग प्रकार के लेंस पहनने की सलाह देता है।

  • जब हमें निकल रखी वस्तुएं स्पष्ट रूप से नहीं दिखती हैं तो उसे हम निकट दृष्टि दोष कहते हैं।
  • जब मानव आँखों को एक निश्चित दूरी तक देखने में दिक्कत होती है तो उसे हम दूर दृष्टि दोष कहते हैं।

Summary

नेत्र की समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है?

नेत्र की वह क्षमता जिसके कारण नेत्र अपनी फोकस दूरी को समायोजित कर लेता है, उसे नेत्र की समंजन क्षमता कहलाता है। यह हमारे मानव आँखों के भीतर होती है।

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