मानसून से पहले होने वाली वर्षा जो केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रो में सामान्य घटनाएं है, उन्हें किस रूप में जाना जाता है?

By Sakshi Yadav|Updated : August 30th, 2022

मानसून से पहले होने वाली वर्षा जो केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रो में सामान्य घटनाएं है, उन्हें आम्र वर्षा के रूप में जाना जाता है। आम्र वर्षा को कभी-कभी ग्रीष्मकालीन वर्षा या अप्रैल की वर्षा के नाम से भी जाना जाता है। ये घटना ज्यादातर दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के हिस्सों में होती है। 

  • इस बारिश के आने का समय पता नहीं चल पता है।
  • ये वर्षा आमों को जल्दी पकने में मदद करती है, इसलिए इन्हें 'मैंगो शावर या आम्र वर्षा' कहा जाता है। 
  • ग्रीष्म ऋतु में सूर्य उत्तर दिशा में चलता है और सूर्य की इस गति के कारण तापमान एक विशिष्ट स्थान पर बढ़ जाता है। 
  • हमारे देश में कई समुदाय आम्र वर्षा के आगमन का जश्न मनाते हैं और आम की बारिश का स्वागत करने के लिए कई त्योहार भी मनाए जाते हैं।

Summary

मानसून से पहले होने वाली वर्षा जो केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रो में सामान्य घटनाएं है, उन्हें किस रूप में जाना जाता है?

आम्र वर्षा, मानसून से पहले होने वाली वर्षा जो केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रो में सामान्य घटनाएं के रूप मे जानी जाती है। इसे आम्र वर्षा इसलिए कहते है क्योंकि ये वर्षा आमों को जल्दी पकने में मदद करती है। इस वर्षा के आने का समय नहीं होता है लेकिन अप्रैल माह के बाद ही आती है। 

Related Links:

Comments

write a comment

UPPSC

UP StateUPPSC PCSVDOLower PCSPoliceLekhpalBEOUPSSSC PETForest GuardRO AROJudicial ServicesAllahabad HC RO ARO RecruitmentOther Exams

Follow us for latest updates