मिनामाता रोग किस कारण से होता है?

By Raj Vimal|Updated : August 30th, 2022

मिनामाता रोग को चिसो-मिनमाता रोग के नाम से भी जानते हैं। मिनीमाता एक तंत्रिका संबंधी बीमारी है जिसका कारण पारा (Hg) की विषता के कारण होता है। मिनीमाता रोग का लक्षण गतिभंग, हाथों पैरों और अन्य अंगों का सुन्न होना, मांसपेशियों में कमजोरी आदि हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में तो यह पागलपन और कोमा तक भी पहुँच जाता है।

मिनीमाता रोग का अस्तित्व 

मिनीमाता रोग एक जन्मजात बीमारी के रूप में भी प्रभावित करता है। सर्वप्रथम मिनामाता रोग 1952 में जापान देश में सामने आया था। वहां कुछ लोगों ने जापानी खाड़ी से पकड़ी गयी मछलियों के खाया था।  मर्करी (Hg) बहुत लम्बे समय तक रहने वाला अपशिष्ट होता है। जब यह किसी शरीर में उच्च मात्रा में हो जाता है तब मिनीमाता रोग उत्पन्न होता है।

Summary

मिनामाता रोग किस कारण से होता है?

मिनीमाता रोग पारा और दूषित मछली, शंख खाने से होता है। इस रोग से पीड़ित मानव के द्वारा उनके नवजात शिशुओं में भी यह रोग प्रसार हो जाता है। इस रोग का पता सबसे पहले 1952 में हुआ था।

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