मनसबदारी व्यवस्था क्या थी?

By Brajendra|Updated : August 1st, 2022

मनसबदारी व्यवस्था मुगल काल में प्रचलित एक प्रशासनिक प्रणाली थी। जिसे अकबर ने आरम्भ किया था। 'मनसब' मूलतः अरबी शब्द है जिसका अर्थ 'पद' या 'रैंक' है। मनसब शब्द, शासकीय अधिकारियों तथा सेनापतियों का पद निर्धारित करता था। सभी सैन्य तथा असैन्य अधिकारियों की मनसब निश्चित की जाती थी जो अलग-अलग हुआ करती थी।

Summary:

मनसबदारी व्यवस्था क्या थी?

  • मनसबदारी व्यवस्था मुगल काल की एक प्रशासनिक प्रणाली थी।
  • इस व्यवस्था में मनसबदार अपनी-अपनी श्रेणी और पद (मनसब) के अनुसार घुड़सवार सैनिक रखता था।
  • इस व्यवस्था में मनसबदार सम्राट् से प्रति माह नकद वेतन प्राप्त करता था।
  • मनसबदारी प्रथा मुगल काल में प्रचलित थी। यह मूल रूप से मंगोलियों की थी। भारत में इसकी शुरुआत अकबर ने की थी।
  • मनसब के आधार पर वेतन के रूप में या तो मनसबदार को उसके निर्धारित वेतन के अनुरूप एक जागीर आवंटित कर दी जाती थी या उसे नकद वेतन दिया जाता था।
  • मनसबदार को अपना, अपने सैनिकों का, उनसे सम्बद्ध पशुओं तथा अस्त्र-शस्त्रों का खर्च सम्भालना होता था।

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