लोकतंत्र में नागरिकों की गरिमा और स्वतंत्रता पर किये गए अध्ययनों से क्या पता चलता है?

By Sakshi Yadav|Updated : August 25th, 2022

लोकतंत्र में नागरिकों की गरिमा और स्वतंत्रता पर किये गए अध्ययनों से ये पता चलता है की ये लोगो की गरिमा और व्यकतिगत स्वतंत्रता को बढ़वा देता है। सरल भाषा में इस अध्ययन के अनुसार लोकतंत्र यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक प्रकार की समानता हो ताकि उन सब के बीच मतभेद न हो और वे खुद को अलग न महसूस कर सके।

  • लोकतंत्र समानता के सिद्धांत पर आधारित है जहां प्रत्येक नागरिक को उसकी जाति या वर्ग के बावजूद वोट देने का अधिकार है। लोग पढ़े-लिखे हों या नहीं, अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं। यह लोगों को स्वयं शासक बनाता है, जिसे नागरिकों का मान सम्मान बढ़ता है।
  • गरिमा और व्यकतिगत स्वतंत्रता का अर्थ होता है की सभी लोगों के साथ वैसा ही व्यवहार करना जैसा हम स्वयं के साथ व्यवहार करना चाहते हैं। 

Summary

लोकतंत्र में नागरिकों की गरिमा और स्वतंत्रता पर किये गए अध्ययनों से क्या पता चलता है?

लोगो की गरिमा और व्यकतिगत स्वतंत्रता को बढ़वा देना ही लोकतंत्र में नागरिकों की गरिमा और स्वतंत्रता पर किये गए अध्ययनों में बताया गया है। लोकतंत्र का अर्थ है "लोगों की, लोगों द्वारा, लोगों के लिए", जिसका मतलब है कानून के सामने सभी नागरिक समान होते हैं फिर वो किसी भी धर्म, जाति, पंथ, नस्ल, संप्रदाय आदि का ही क्यों न हो।

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