लसीका क्या है?

By Raj Vimal|Updated : September 5th, 2022

एक तरल संयोजी ऊतक, जो कोशिकाओं के बीच रिक्त स्थानों पर भरा होता है, लसिका कहलाता है। इसे अंतर कोशीकीय द्रव भी कहते हैं। लसिका में प्लाज्मा, प्रोटीन तथा अनेक रक्त कणिकाएँ जिन्हें लसीकाणु कहते हैं, होती हैं। यह रंगहीन द्रव होता है जिसमें बहुत कम प्रोटीन होते हैं।

लसिका में स्वेत रक्त कणिकाएं (WBC) अधिक होती हैं, जबकि लाल रक्त कणिकाएं नहीं होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार लसिका में फाइब्रिनोजेन की मात्रा कम होती है। वहीँ इसमें ऑक्सीजन और पोषक तत्व की कमी होती है। लसिका हमारे शरीर को संक्रमण से बचाते हैं। 

लसिका के कार्य क्या हैं

  • मानव शरीर में कोशिकाओं तक जरुरी पोषक तत्त्वों, हार्मोन्स तथा एंजाइम्स आदि को पहुँचाने का कार्य करता है।
  • लसिका तंत्र का कार्य शरीर के कोमल अंगों की रक्षा करने का काम करता है। इसके अलावा उसे रगड़ से बचाने में भी मदद करता है।
  • लसीका तंत्र ही ग्रंथियों ग्रंथियों में लिम्फोसाइट्स के निर्माण के लिए जिम्मेदार होता है।
  • लसिका शरीर को जीवाणुओं का भक्षण करती है।

Summary

लसिका क्या है?

लसिका एक रंगहीन तरल द्रव्य होता है जो कोशिकाओं के बीच रिक्त स्थान पर मौजूद होता है। लसिका तंत्र का मुख्य कार्य मानव शरीर के कोमल भागों की रक्षा करना है।

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