हेस का नियम का उल्लेख करें।

By Raj Vimal|Updated : September 8th, 2022

हेस का नियम है कि “यदि कोई रासायनिक परिवर्तन दो या दो से अधिक विधियों से एक या एक से अधिक पदो में हो तो सम्पूर्ण परिवर्तन में उत्पन्न या अवशोषित ऊर्जा की मात्रा समान होती है। परिवर्तन चाहे किसी भी विधि द्वारा किया गया है।” उदाहरण के लिए जब कार्बन से कार्बन डाईऑक्साइड को बनाया जाता है तो दो विधियाँ इस्तेमाल किया जाती है।

  • पहली विधि - कार्बन को वायु की उपस्थिति में जलाकर CO2 बनाना
  • दूसरी विधि - कार्बन को थोडा कम और धीरे जलाते हैं इससे सबसे पहले CO बनता है और फिर कार्बन डाईऑक्साइड बनता है।

हेस के नियम का अनुप्रयोग

  • उष्मा परिवर्तन संक्रमण को दर्शाने या ज्ञात करने में।
  • उत्पादन ऊष्मा का पता लगाने में।

Summary

हेस का नियम का उल्लेख करें।

हेस के नियम (Hess’s Law) की मदद से उन अभिक्रियाओं (Reaction) की ऊष्मा की गणना की जा सकती है, जिनकी ऊष्मा आसानी से प्रयोगों द्वारा पता नहीं की जा सकती। इस नियम के कई अनुप्रयोग हैं, जिनका इस्तेमाल रासायनिक प्रयोगों में किया जाता है।

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