UGC NET उपन्यासों की संक्षिप्त व्याख्या: जिन्दगीनामा, आपका बंटी

By Sakshi Ojha|Updated : September 21st, 2021

यूजीसी नेट परीक्षा के पेपर -2 हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण विषयों में से एक है हिंदी उपन्यास। इसे 3 युगों प्रेमचंद पूर्व हिन्दी उपन्यास, प्रेमचंद युगीन उपन्यास, प्रेमचन्दोत्तर हिन्दी उपन्यास में बांटा गया है।  इस विषय की की प्रभावी तैयारी के लिए, यहां यूजीसी नेट पेपर- 2 के लिए हिंदी उपन्यास के आवश्यक नोट्स कई भागों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें से UGC NET के उपन्यासों से सम्बंधित नोट्स इस लेख मे साझा किये जा रहे हैं। जो छात्र UGC NET 2021 की परीक्षा देने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए ये नोट्स प्रभावकारी साबित होंगे।        

'जिन्दगीनामा' - कृष्णा सोबती

  • कृष्णा सोबती हिन्दी साहित्य की एक प्रसिद्ध लेखिका है। उपन्यास के क्षेत्र में इनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। अपने उपन्यासों में उन्होंने आज के समाज, रूढ़ि-परम्परा एवं रीति-रिवाजों का अत्यन्त सूक्ष्म चित्रण किया है। ये नारी स्वातन्त्र्य की प्रबल समर्थक रही हैं, इसलिए उन्होंने अपने उपन्यासों में समाज के जीवन्त प्रश्न तथा अन्धविश्वास का खण्डन करते हुए अपने लेखन के माध्यम से प्रगतिशील विचारों का प्रसार-प्रचार करके समाज को सुधारने के प्रयत्न किए हैं।
  • उनकी कृतियाँ विशिष्ट प्रभावशाली दोहराव से मुक्त होने के कारण हिन्दी कथा साहित्य में विशेष स्थान बना चुकी हैं। 'जिन्दगीनामा' उपन्यास के लिए उन्हें वर्ष 2017 में हिन्दी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। कृष्णा सोबती अविभाजित पंजाब मूल की लेखिका है।
  • 'जिन्दगीनामा' (वर्ष 1979) उनका प्रसिद्ध आंचलिक उपन्यास है, जिसमें पंजाब अंचल में रहने वाले लोगों की जिन्दगी का जीवन्त इतिहास प्रस्तुत किया गया है। उपन्यास में मुख्य रूप से विभाजन पूर्व पंजाब के जनजीवन और संस्कृति का अद्भुत पुनः सृजन करते हुए, वहाँ के शान्त एवं सद्भावपूर्ण जीवन को चित्रित किया गया है।
  • वास्तव में यह उपन्यास पारम्परिक उपन्यास से भिन्न है। इसमें न कोई नायक है, न कोई खलनायक, सिर्फ लोग हैं। यह उपन्यास जीवन अनुभव के अनुसार अपना ढाँचा स्वयं बनाता है।

उपन्यास के प्रमुख पात्र

  1. शाहनी इस उपन्यास की प्रमुख नारी पात्र है, जो बड़ी हवेली की मालकिन है। वह जमींदार शाहजी की पत्नी तथा हिन्दू परिवार की स्त्री है। वह अपनी गरिमा के अनुकूल कुशल और सहिष्णु, धार्मिक, परिश्रमी, व्यवहार कुशल और आदर्श पत्नी है।
  2. शाहजी एक गाँव के जमींदार हैं। उनकी पहली पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। शाहनी उनकी दूसरी पत्नी है।
  3. महरी चाची गाँव की एक महिला पात्र है, जो शाहनी के प्रति वात्सल्य पूर्ण भाव रखती है, उसकी इच्छा है कि शाहनी शीघ्र ही माँ बने।
  4. लालीशाह शाहनी तथा शाहजी का पुत्र है, जो उनके विवाह के कई वर्षों बाद हुआ है।
  5. राबयाँ लालीशाह की देखभाल करती है। वह शाहजी के प्रति आकर्षित है।
  6. इनके अतिरिक्त शाहजी के छोटे भाई काशीशाह और भाभी बिन्द्रायणी, फतेह, शीरी आदि अन्य पात्र हैं, जो कथा के विकास में सहायता करते हैं।

'आपका बंटी' - मन्नू भण्डारी

  • नई कहानी को प्रतिष्ठित करने में जिन कहानी लेखकों का प्रमुख योगदान रहा, उनमें मन्नू भण्डारी का नाम अग्रणी है। वे सदा से ही नारी अस्तित्व के पारिवारिक और सामाजिक पक्ष के प्रति पूर्ण सजग रही है। आधुनिक हिन्दी लेखिकाओं में मन्नू भण्डारी का स्थान महत्त्वपूर्ण है।
  • 'आपका बंटी' स्वतन्त्र रूप से लिखा गया उनका पहला उपन्यास है। बाल मनोविज्ञान की गहरी समझ-बूझ के लिए चर्चित, प्रशंसित इस उपन्यास का हर पृष्ठ ही मर्मस्पर्शी और विचारोत्तेजक है। हिन्दी उपन्यास की एक मूल्यवान उपलब्धि के रूप में 'आपका बंटी' एक कालजयी (प्रतिष्ठित) उपन्यास है।

उपन्यास के प्रमुख पात्र

  1. बंटी उपन्यास का प्रमुख बाल पात्र है, जो शिक्षित व स्वतन्त्र विचारधारा वाले माता-पिता का पुत्र है। बंटी की स्थिति दयनीय है, क्योंकि उसे माता-पिता होते हुए भी अनाथ की भाँति जीवन व्यतीत करना पड़ता है।
  2. शकुन कॉलेज की प्रिंसिपल तथा बंटी की माँ है, जो आधुनिक तथा स्वतन्त्र विचारों वाली स्त्री है।
  3. अजय शकुन का पति तथा बंटी का पिता है, जो अहम् भावना से ग्रसित है, जिसके कारण वह 'शकुन' को तलाक दे देता है।
  4. वकील चाचा शकुन व अजय का वकील है, जो समय-समय पर उन्हें हिदायतें (सलाह) देता रहता है।
  5. फूफी 'शकुन' की सेविका तथा संरक्षिका है, जो शकुन की अत्यन्त विश्वासपात्र भी हैं, जो अजय से घृणा करती है। वह न तो अजय के दूसरे विवाह से खुश है और न ही शकुन के पुनर्विवाह को समर्थन देती है।
  6. इनके अतिरिक्त डॉ. जोशी, मीरा, अमी, जोती, माली, चपरासी बन्सीलाल आदि पात्र उपन्यास की कथा को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हमें आशा है कि आप सभी UGC NET परीक्षा 2021 के लिए पेपर -2 हिंदी, 'UGC NET के उपन्यासों' से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु समझ गए होंगे। 

Thank You.

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Sakshi OjhaSakshi OjhaMember since Mar 2021
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