'चित्रावली' किस कवि की रचना है?

By K Balaji|Updated : December 26th, 2022

चित्रावली उसमान कवि की रचना है। उस्मान ने यह किताब 1022 हिजरी, या 1613 ईस्वी में लिखी थी। उस्मान शाह निजामुद्दीन चिश्ती शिष्य परंपरा में 'हाजी बाबा' के शिष्य थे। पैगम्बर की प्रशंसा करने के बाद इस पुस्तक में चारों खलीफाओं और बादशाह जहांगीर, शाह निजामुद्दीन और हाजी बाबा की प्रशंसा की गई है। वही शायर उस्मान ने भी इस रचना में मलिक मुहम्मद जायसी का पूरी तरह अनुसरण किया है। उस्मान ने चित्रावली पुस्तक में गाजीपुर और उसके परिचय के बारे में लिखा है।

चित्रावली की रचना

चित्रावली कवि उस्मान की एक कृति है जो वर्ष 1022 हिजरी, या 1613 ई. में प्रकाशित हुई थी। निजामुद्दीन चिश्ती की शिष्य-परंपरा को ध्यान में रखते हुए उस्मान शाह "हाजी बाबा" के छात्र थे। कवि ने प्रशंसा के बाद अपने काम की शुरुआत में पैगंबर, चार खलीफा, सम्राट जहांगीर, शाह निजामुद्दीन और हाजी बाबा के लिए प्रशंसा लिखी है। उसके आगे गाजीपुर नगर का वर्णन करके कवि ने अपना परिचय देते हुए लिखा है कि,

आदि हुता विधि माथे लिखा । अच्छर चारि पढ़ै हम सिखा।
देखत जगत् चला सब जाई । एक वचन पै अमर रहाई।
वचन समान सुधा जग नाहीं । जेहि पाए कवि अमर रहाहीं।
मोहूँ चाउ उठा पुनि हीए । होउँ अमर यह अमरित पीए।

इस कृति में कवि उस्मान ने मलिक मुहम्मद जायसी का निष्ठापूर्वक पालन किया है। जायसी ने अपनी पुस्तक में जिन कुछ विषयों को शामिल किया है, उन पर भी उस्मान ने बात की है। शब्दावली और वाक्य-विन्यास अन्य स्थानों में भी समान हैं।

उस्मान को सूफी कवि माना जाता है। वह मुग़ल बादशाह जहाँगीर के शासनकाल में रहे। उनके पिता का नाम शेख हुसैन था और वे गाजीपुर में रहते थे। शेख अज़ीज़, शेख मनुल्लाह, शेख फ़ैज़ुल्लाह और शेख हसन उनके चार अन्य भाई हैं। उस्मान ने अपना उपनाम भी बनाया है। उस्मान शाह निजामुद्दीन चिश्ती शिष्य परंपरा में 'हाजी बाबा' के शिष्य थे।

Summary:

चित्रावली किस कवि की रचना है?

उस्मान कवि ने चित्रावली की रचना की है। यह ग्रंथ 1613 ई. में लिखा गया था। उस्मान शाह निजामुद्दीन चिश्ती शिष्य परंपरा में 'हाजी बाबा' के शिष्य थे। उस्मान एक सूफी कवि हैं। कहा जाता है कि वह मुगल बादशाह जहांगीर के शासनकाल तक जीवित रहे।

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