सीखने की अक्षमता, अध्ययन नोट्स, सामग्री - सीटीईटी (पेपर 1 और 2)

By Komal|Updated : June 23rd, 2021

hild Development is a very important Section for CTET & State TET exam. Learning Disabilities is one of the important topics in the unit "Concept of Inclusive education and understanding children with special needs" Every year some questions are based on Learning Disabilities. Let’s Understand the different type of Learning Disabilities in brief. Please read carefully because once you read this, you will be able to solve all the questions in the exam related to this topic.

सीटीईटी औरराज्य टीईटी परीक्षा के लिए बाल विकास विषय बहुत महत्वपूर्ण है। सीखने की विकलांगता "समावेशी शिक्षा की अवधारणा और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को समझने" में महत्वपूर्ण विषयों में से एक है’’।प्रत्येक वर्ष कुछ प्रश्न सीखने की विकलांगता पर आधारित होते हैं। आइए हम संक्षिप्त रूप में सीखने की विकलांगता के विभिन्न प्रकारों को समझते हैं। कृपया ध्यानपूर्वक पढ़ें क्योंकि एक बार आप इसे पढ़ लेते हैं तो आप परीक्षा में इस विषय से संबंधित सभी प्रश्नों को हल कर पाने में सक्षम होंगे।

 सीखने की विकलांगता को कभी-कभी सीखने का विकार [लर्निंग डिसऑर्डर] भी कहा जाता है। सीखने की विकलांगता के विभिन्न प्रकार नीचे दिए गए हैं ।

 1. एफेसीआ:(वाचाघात) वाचाघात भाषा की हानि है, जिससे भाषा का निर्माण या भाषा की समझ और पढ़ने या लिखने की क्षमता प्रभावित होती है।

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2. (डिस्लेक्सिया): पढ़ने में कठिनाई। ये बच्चे अक्षरों को उल्टा देखते हैं या पीछे की तरफ लिखते हैं। कुछ लोग वाकविकार (डिस्लेक्सिया) को आंखों की समस्या के तौर पर देखते हैं।

3. हाइपरलेक्सियाः हाइपरलेक्सिया एक सिंड्रोम है जिससे एक बच्चे की पढने की असामयिक क्षमता (उनकी आयु में जो अपेक्षा की जाती है उससे कहीं अधिक), समझने तथा मौखिक भाषा (या गहन अशाब्दिक सीखने की विकलांगता) के उपयोग करने में महत्‍वपूर्ण कठिनाई और सामाजिक संबंधों के दौरान महत्वपूर्ण समस्याएं इसकी विशेषताएं हैं।

4. डायस्केल्‍कुलियाः इसमें गणित सीखने या समझने में कठिनाई होती है, जैसे कि संख्याओं को समझने में, संख्याओं में बदलाव करने के तरीके सीखने में और गणित में तथ्यों को सीखने में कठिनाई होती है। इसे आमतौर पर एक विशिष्ट विकासात्‍मक विकार के रूप में देखा जाता है।

5. डिसग्राफियाः लिखने में होने वाली समस्या को डिसग्राफिया कहा जाता है।

6. डिसपराक्सियाः डिसपराक्सिया बच्चे के रोज़मर्रा के शारीरिक कार्यों को करने की व्‍यापक क्षमता को प्रभावित कर सकती है, जिसमें मोटर कौशल सम्मिलित है। इसमें कूदने, स्पष्ट रूप से बोलना और एक पेंसिल को पकड़ने जैसी चीजें सम्मिलित हो सकती हैं।

7. शारीरिक डिस्मोर्फ़िक विकार (बी.डी.डी.), को कभी-कभी डाइसमोर्फोफोबिया भी कहा जाता है, यह एक मानसिक विकार है जिसे ओबसेसिव विचार से देखा जाता है कि किसी की अपनी उपस्थिति के कुछ पहलू गंभीर रूप से दोषपूर्ण होते हैं और उसे छुपाने या उसे ठीक करने के लिए असाधारण उपायों की आवश्यकता होती है।

8. ध्यान की कमी सक्रियता विकार (ए.डी.एच.डी.) न्यूरोडेवलेपमेंट का प्रकार का एक मानसिक विकार है। इसकी मुख्य विशेषता है- ध्यान केन्द्रित करने की समस्या, अत्यधिक गतिविधि या व्यवहार को नियंत्रित करने में कठिनाई जो कि उस व्यक्ति की आयु के लिए उपयुक्त नहीं है। एक व्यक्ति में बारह वर्ष का होने से पहले लक्षण दिखाई देते हैं और यह छह महीने से अधिक समय तक मौजूद होते हैं तथा कम से कम दो सेटिंग्स (जैसे स्कूल, घर या मनोरंजन गतिविधियां) में समस्याएं पैदा होती हैं। बच्चों में, ध्यान देने की समस्या स्कूल के प्रदर्शन को खराब कर सकती है। यद्यपि, यह विशेष रूप से आधुनिक समाज में हानिकारक कारण बनता है, ए.डी.एच.डी. वाले कईं बच्चे उन कार्यों के लिए बेहतर ध्यान देते हैं जो उन्हें रुचिकर लगते हैं।

9. स्‍वलीनता एक जटिल न्यूरोबिहेवायरल स्थिति है जिसमें कठोर, पुनरावृत्त व्यवहार के साथ मिलकर सामाजिक संपर्क और विकासात्मक भाषा और संचार कौशल में हानि सम्मिलित है।

10. सेरेब्रल पाल्सी को एक न्यूरोलोलॉजिकल डिसऑर्डर माना जाता है जो एक गैर-प्रगतिशील मस्तिष्क की चोट या खराबी के कारण होता है और यह बच्चे के मस्तिष्क के विकास के दौरान घटित होती है। सेरेब्रल पाल्सी मुख्य रूप से शरीर की गतिविधि और मांसपेशी समन्वय को प्रभावित करती है। सेरेब्रल पाल्सी शरीर की गतिविधि, मांसपेशियों का नियंत्रण, मांसपेशी समन्वय, मांसपेशियों की टोन, रिफ्लेक्स, आसन और संतुलन को प्रभावित करती है। यह उत्कृष्ट मोटर कौशल, सकल मोटर कौशल और मौखिक मोटर कामकाज पर भी प्रभाव डाल सकता है।

अब हम पिछले वर्ष के कुछ प्रश्नों को हल करने का प्रयास करते हैं और जांच करेंगे कि हमने अवधारणा को समझ लिया है या नहीं?

1. डिस्लेक्सिया मुख्यतः किन कठिनाइयों के साथ जुड़ा हुआ है।

  1. सुनने की
  2. पढ़ने की
  3. बॊलने की
  4. बॊलने और सुनने की

उत्तर. 2

हल: हमने पढ़ा है कि डिस्लेक्सिया पढ़ने की कठिनाई है। ये बच्चे अक्षरों को उल्टा देखते हैं या पीछे की ओर लिखते हैं।

2. मोटर कौशल में सीखने की विकलांगता को क्‍या कहा जाता है।

  1. डिसपराक्सिया
  2. डायस्केल्‍कुलिया
  3. डिसलेक्सिया
  4. डिसफासिया

उत्तर. 1

हल: हमने पढ़ा है कि डिसपराक्सिया एक बच्चे के रोज़मर्रा के शारीरिक कार्यों को करने की व्‍यापक क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जिसमें मोटर कौशल सम्मिलित है। इसमें कूदने, स्पष्ट रूप से बोलना और एक पेंसिल को पकड़ने जैसी चीजें सम्मिलित हो सकती हैं।

 

Thanks!

Sahi Prep hai toh Life Set hai!

Comments

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Sivarath

SivarathJul 3, 2020

please  hindi  mein batayein
Satish Nagar
Plll mam hindi m
Younis Mohd

Younis MohdJan 28, 2021

nyc...love u
Beena Bisht
Hello koi batayega uttrakhand tet class chal rahi hai yaha par .. agar chal rahi h to show kyun nhi ho rahi
Sameena Talath
Thank you so much
Monu Aryan

Monu AryanJun 23, 2021

Mai aaj join kiya  hu please muje koi help kre study

FAQs

  •  The weightage of the CDP Section in CTET Paper 1 & 2 - 30 Marks.

  •  The level of questions asked from CDP Subject in CTET Paper 1 & 2 - Moderate

  • Aphasia is an impairment of language, affecting the production or comprehension of speech and the ability to read or write.

  • Difficulty in reading. These children might see reversing letters or write backward. Some see Dyslexia as a visual issue.

  • Dyscalculia: It is difficulty in learning or comprehending arithmetic, such as difficulty in understanding numbers, learning how to manipulate numbers, and learning facts in mathematics. It is generally seen as a specific developmental disorder.

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