Agriculture, Transport & Industries in Bihar, Download PDF

By Avinash Kumar|Updated : January 24th, 2022

Agriculture, Transport & Industries in Bihar: Bihar is one of the fastest-growing states in India. The economy of Bihar is projected to grow at a compound annual growth rate (CAGR) of 13.4% during 2012-2017 i.e. the 12th Five-Year Plan. Bihar has witnessed strong growth in per capita net state domestic product (NSDP). Bihar is mainly agricultural products producing state.

The state has a large base of cost-effective industrial labour, making it an ideal destination for a wide range of industries. As per the Year Book of Road Transport 2013, Bihar was the second-fastest-growing state in India (16.2 per cent) in terms of registration of vehicles during 2009-13. 

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बिहार में कृषि, परिवहन और उद्योग: बिहार भारत के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक है। 2012-2017 यानी 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान बिहार की अर्थव्यवस्था के 13.4% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है। बिहार ने प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (एनएसडीपी) में मजबूत वृद्धि देखी है। बिहार मुख्य रूप से कृषि उत्पाद उत्पादक राज्य है। राज्य में लागत प्रभावी औद्योगिक श्रम का एक बड़ा आधार है, जो इसे उद्योगों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाता है। रोड ट्रांसपोर्ट 2013 की ईयर बुक के अनुसार, 2009-13 के दौरान वाहनों के पंजीकरण के मामले में बिहार भारत में दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य (16.2 प्रतिशत) था।

यहां, हम 'बिहार में कृषि, परिवहन और उद्योग' की पूरी अध्ययन सामग्री दे रहे हैं जो बीपीएससी और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को क्रैक करने के लिए उम्मीदवारों की यात्रा को आसान बनाएगी।

बिहार में कृषि, परिवहन और उद्योग

कृषि

  • बिहार मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है जहां के लोगों की जीविका कृषि पर निर्भर है।
  • बिहार की मुख्य फसलें अनाज हैं।
  • गोपालगंज और मधेपुरा, बिहार के सबसे बड़े कृषि क्षेत्र है।
  • बिहार में फसल के तीन मौसम हैं।
  • खरीफ फसलें
  • इन्हें भदई और अगहनी फसल भी कहा जाता है।
  • ये मई-जून में बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में काटी जाती हैं।
  • महत्वपूर्ण फसलें – मक्का, धान एवं जूट
  • रबी फसलें
  • ये अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं।
  • महत्वपूर्ण फसलें - गेहूं, चना, सफेद सरसों और सरसों
  • जायद फसलें
  • ये रबी एवं खरीफ के फसलीय मौसम के बीच उत्पादित की जाती हैं।
  • महत्वपूर्ण फसलें - खरबूजा, तरबूज, लौकी आदि।
  • चावल
  • बिहार की मुख्य अनाज फसल
  • दो फसलें उगाई जाती हैं - औस (ग्रीष्‍मकालीन फसल) और अमान (शीतकालीन फसल)
  • अधिकतम क्षेत्र - मधुबनी, औरंगाबाद और रोहतास
  • अधिकतम उत्पादन - रोहतास, औरंगाबाद और पश्‍चिमी चंपारण
  • अधिकतम उत्पादकता - अरवल, रोहतास और शेखपुरा
  • गेहूं
  • इसके लिए सबसे उपयुक्‍त बलुई मिट्टी है जिसमें नमी को बनाए रखने की क्षमता होती है।
  • गंगा दियारा और बागमती मैदान सबसे महत्वपूर्ण हैं।
  • अधिकतम क्षेत्र - रोहतास, पूर्वी चंपारण और औरंगाबाद
  • अधिकतम उत्पादन - रोहतास, काइमूर और सिवान
  • अधिकतम उत्पादकता - जहानाबाद, पटना और गया
  • मक्का
  • मक्का के लिए हल्की चिकनी मिट्टी जैसे: बाल सुंदरी मिट्टी सर्वश्रेष्‍ठ है
  • अधिकतम क्षेत्र - खगडिया
  • अधिकतम उत्पादन - कटिहार, मधेपुरा और खगडिया
  • अधिकतम उत्पादकता - कटिहार
  • जूट
  • जूट उत्पादन में बिहार, पश्‍चिम बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर है।
  • इसमें भारी मात्रा में वर्षा के साथ जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है।
  • जूट उत्पादन के प्रमुख जिले - किशनगंज और पूर्णिया हैं
  • दलहन
  • अरहर, चना, उड़द, मसूर, मूंग और खेसरी का उत्‍पादन किया जाता है।
  • अधिकतम क्षेत्र - पटना, औरंगाबाद और मुजफ्फरपुर
  • अधिकतम उत्पादन - पटना, औरंगाबाद और नालंदा
  • अधिकतम उत्पादकता - काइमूर
  • बिहार को अपने लीची और आम के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
  • मुजफ्फरपुर की लीची पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

सिंचाई

  • बिहार की सिंचाई क्षमता बहुत उच्‍च है लेकिन उपयोग बहुत निम्‍न है।
  • समुचित सिंचाई, कृषि उत्पादन में वृद्धि करने में सहायता करती है, जिससे लोगों की जिंदगी बेहतर होती है।
  • बिहार में पर्याप्‍त मात्रा में वर्षा भी होती है।
  • हालांकि, विभिन्न जिलों में सिंचाई सुविधाओं और वर्षा दोनों का वितरण अनियमित है।
  • नहरों द्वारा 37% भाग की सिंचाई की जाती है और ट्यूबवेल द्वारा 30% भागों की सिंचाई की जाती है जबकि कुओं और तालाबों द्वारा 30% भाग की सिंचाई की जाती है।
  • नहरों द्वारा सिंचाई किए जाने वाला लगभग 3/4 क्षेत्र दक्षिण बिहार में है।
  • सोन नहर
  • पूर्वी सोन नहर, बरून से होते हुए- पटना, जहानाबाद, औरंगाबाद और गया को सिंचित करती है।
  • पश्‍चिमी सोन नहर, तिहरी से होते हुए- आरा, बक्सर और रोहतास को सिंचित करती है।
  • कोसी नहर
  • हनुमान नगर जलाशय से दो नहरें निकाली गईं।
  • पूर्वी कोसी नहर – जो पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा क्षेत्र को सिंचित करती है।
  • पश्‍चिमी कोसी नहर – जो दरभंगा जिले के कृषि क्षेत्र को सिंचित करती है।
  • गण्डक नहर
  • वाल्मीकि नगर में बांध से दो नहरें निकाली गईं।
  • सरन नहर - सरन, गोपालगंज और सिवान को सिंचित करती है।
  • तिरहुत नहर - मुजफ्फरपुर, वैशाली और पूर्वी चंपारण को सिंचित करती है।
  • त्रिवेणी नहर
  • यह त्रिवेणी में गंडक नदी से निकाली गई है।
  • यह पश्‍चिम चंपारण जिले के कृषि क्षेत्र को सिंचित करती है।
  • कमला नहर
  • यह दरभंगा में कमला नदी से निकाली गई है।
  • यह मुख्य रूप से मधुबनी जिले के कृषि क्षेत्र को सिंचित करती है।

सड़कमार्ग

  • सड़क मार्ग, लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले यातायात का सबसे आम साधन है।
  • पर्याप्‍त सड़कों के बिना लोगों के विकास का लक्ष्‍य हासिल नहीं किया जा सकता।
  • प्रति लाख आबादी के संदर्भ में सड़क की लंबाई, 358 कि.मी. के राष्ट्रीय औसत की तुलना में 200 कि.मी. से कुछ अधिक है।
  • हालांकि, प्रति 100 वर्ग किलोमीटर पर 210 किलोमीटर के सड़क घनत्व के मामले में, बिहार, केरल और पश्‍चिम बंगाल को छोड़कर अन्य राज्यों से काफी बेहतर है।
  • राष्‍ट्रीय राजमार्गों (NH) की कुल लंबाई 4595 कि.मी. है।
  • बिहार में सबसे लंबा राष्‍ट्रीय राजमार्ग NH-31 है जिसका 393 कि.मी. भाग बिहार में है।
  • पूर्व-पश्‍चिम गलियारा
  • यह पोरबंदर को सिलचर से जोड़ता है।
  • यह 10 जिलों से होकर गुजरता है।
  • किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज
  • यह बिहार में गंडक नदी से गुजरता है।
  • इसमें NH-27 भी शामिल है।
  • स्‍वर्णिम चतुर्भुज
  • यह 4 जिलों से होकर गुजरता है।
  • काइमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया
  • यह बिहार में सोन नदी को पार करता है।
  • इसमें NH-2 शामिल है जो दिल्ली को कोलकाता से जोड़ता है।
  • प्रमुख राष्‍ट्रीय राजमार्ग:
  • NH -19 - छपरा से पटना
  • NH -57 - मुजफ्फरपुर से पूर्णिया
  • NH -82 - गया से मोकामा
  • NH -85 - छपरा से गोपालगंज
  • NH -98 - पटना से राजहारा। पटना एम्‍स, इसी राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर है।
  • प्रमुख सड़क पुल:
  • पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु
  • भागलपुर में गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु
  • प्रमुख रेल-सड़क पुल:
  • मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु
  • देहरी-ई-कोह में सोन नदी पर नेहरू सेतु
  • कोइलवर और भोजपुर को जोड़ने वाला, सोन नदी पर बना ‘अब्दुल बारी पुल’
  • पटना और सोनपुर को जोड़ने वाला, गंगा नदी पर बना ‘गंगा रेल सड़क पुल’

रेलवे

  • वर्ष 1860-62 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा बिहार में रेलवे का विकास बहुत पहले आरंभ कर दिया गया था।
  • बिहार में तीन रेलवे लाइन हैं
  • उत्तर-पूर्वी रेलवे - उत्तर बिहार
  • पूर्व मध्य रेलवे - दक्षिण बिहार
  • उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे - उत्तर-पूर्व बिहार
  • पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में स्थित है।

वायुमार्ग

  • बिहार में दो अंतर्राष्‍ट्रीय हवाईअड्डे हैं।
  • जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा, पटना
  • गया अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा - इसे मुख्य रूप से गया में बौद्ध पर्यटन के लिए विकसित किया गया था।

जलमार्ग

  • जलमार्ग, परिवहन का सबसे सस्ता साधन है।
  • यह पर्यावरण के अनुकूल एवं ईंधन कुशल है।
  • राष्‍ट्रीय जलमार्ग-1 जो इलाहाबाद को हल्दिया से जोड़ता है, बिहार से होकर गुजरता है।
  • ‘बिहार स्टीमर सर्विस’ भागलपुर के बरारी घाट में उपलब्ध है।
  • आरा नहर का प्रयोग भी नौपरिवहन के उद्देश्‍य से किया जाता है।

उद्योग

  • अधिकांश उद्योग कृषि आधारित हैं।
  • वर्ष 1840 में डच द्वारा पहली चीनी विनिर्माण कंपनी स्‍थापित की गई थी।
  • बिहार राज्य दूध सहकारी संघ (COMFED)
  • इसे वर्ष 1983 में स्थापित किया गया था।
  • सी.ओ.एम.एफ.ई.डी (COMFED)द्वारा शुद्ध ब्रांड का विक्रय किया जाता है।
  • बिहार में चाय उद्योग अधिकतम मात्रा में किशनगंज जिले में है।
  • भागलपुर क्षेत्र में रेशम उद्योग भारी मात्रा में देखने को मिलता है।
  • पूर्णिया जिले के मरांगा में जूट पार्क की स्थापना की जा रही है।
  • चमड़ा उद्योग, मुजफ्फरपुर और मोकामा में संकेंद्रित है। केवल कुछ ही कार्यरत उद्योगों के कारण, अधिकांश कच्चा माल कोलकाता, कानपुर और चेन्नई से आता है।
  • बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA)
  • इसे बिहार में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए बी.आई.ए.डी अधिनियम 1974 के तहत स्‍थापित किया गया था।
  • इसके पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में 4 क्षेत्रीय कार्यालय हैं।
  • भारत वैगन एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड
  • यह मोकामा में स्थित एक पी.एस.यू है।
  • यह कंपनी रेल के डिब्‍बों का निर्माण करती है।
  • बरौनी रिफाइनरी
  • यह बेगूसराय में स्थित है।
  • इसे वर्ष 1964 में यू.एस.एस.आर की सहायता से स्थापित किया गया था।
  • यह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के स्वामित्व में है।
  • यहां असम के नुमालीगढ़ तेल-क्षेत्र से तेल आता है।

बिहार में प्रमुख औद्योगिक स्थान

  • मोकामा - चमड़ा, रेल के डिब्‍बे
  • दीघा- चमड़ा, बियर
  • बिहटा – चीनी
  • पटना - पटाखे, सूती वस्‍त्र
  • भागलपुर – तुस्‍सार रेशम
  • मुंगेर - बंदूक, सिगरेट
  • गया- चीनी, लाख, सूती वस्‍त्र, चमड़ा
  • डुमरांव - सूती वस्‍त्र, लालटेन (Laltern)
  • बिहार शरीफ - तंबाकू
  • दरभंगा – कागज़
  • समस्तीपुर - कागज़ मिल, चीनी
  • कटिहार - जूट, माचिस
  • डालमियानगर - सीमेंट
  • हाजीपुर - प्लाईवुड

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67th BPSC/CDPO Bihar Special: Polity Preparation Tips, Strategy and Study Material (Free PDF)

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