अनुच्छेद 50 (Article 50 in Hindi) - कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण

By Brajendra|Updated : August 30th, 2022

भारतीय संविधान के भाग 4 में अनुच्छेद 36 से 51 तक राज्य के नीति निर्देशक तत्वों का वर्णन है। जिनका राज्य द्वारा पालन होना आपेक्षित है।
राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था की, जिसमें सामाजिक, आार्थिक और राजनैतिक न्याय राष्ट्रीय जीवन की सभी संस्थाओं को अनुप्राणित करे, भरसक प्रभावी रूप में स्थापना और संरक्षण करके लोक कल्याण की अभिवॄद्धि का प्रयास करेगा । राज्य, विशिष्टतया, आय की असमानताओं को कम करने का प्रयास करेगा और न केवल व्यष्टियों के बीच बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले और विभिन्न व्यवसायों में लगे हुए लोगों के समूहों के बीच भी प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानता समाप्त करने का प्रयास करेगा।

अनुच्छेद 50: कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण (Separation of judiciary from executive)

अनुच्छेद 50 के अनुसार राज्य को न्यायिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक सेवाओं में न्यायपालिका का कार्यपालिका से अलगाव सुनिश्चित करना है और संघीय कानून बनाकर इस उद्देश्य को प्राप्त कर लिया गया है।

भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद

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