अंत: शोषण से आप क्या समझते हैं?

By Raj Vimal|Updated : September 13th, 2022

अंतः शोषण एक विशेष प्रकार के विलयन बने बिना पदार्थों से पानी की सोखने की प्रक्रिया है। कृषि करने के दौरान पानी में डुबाये गए सूखे बीज के सूजन अंतः शोषण का एक सटीक उदाहरण है। इसके अलावा किशमिश का पानी में रखे होने पर फुल जाना, आदि। वैज्ञानिक शब्दाबली में कहें तो अंतः शोषण प्रक्रिया कोशिका की मात्रा में एक अस्थायी वृद्धि हुई है।

अंत: शोषण का सिद्धांत क्या है?

किसी पदार्थ के ठोस कणों के द्वारा जल या उसके अलावा कोई अन्य द्रव्य के विलियन रहित स्वरुप का अवशोषण ही अंत: शोषण कहलाता है। इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किया गया पदार्थ अंत:शोषक कहलाता है। 

अंत: शोषक को कई अन्य बाह्य तत्व प्रभावित करते हैं। जैसे कि वातावरण के तापमान में वृद्धि से अंत:शोषण की दर बढ़ जाना इसकी एक स्थिति है। उदाहरण के लिए रबड़ का पेट्रोल सोख लेना अंत: शोषण का उदाहरण है।

Summary

अंत: शोषण से आप क्या समझते हैं?

जब कोई ठोस पदार्थ बिना किसी प्रकार के विलियन के जल को अवशोषित करता है, तो वह प्रक्रिया अंत:शोषण कहलाती है। बीजों का पानी में फूलना, किशमिश का पानी में फूलना आदि इस प्रक्रिया के उदाहरण हैं।

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