अलाई दरवाजा को किसने बनवाया था?

By Sakshi Yadav|Updated : August 18th, 2022

अलाउद्दीन खिलजी ने 1311 ईस्वी में अलाई दरवाजा को बनवाया था। अल्लाई दरवाजा 1311 ईस्वी में बनवाया गया था और यह कुतुब मीनार(दिल्ली) परिसर के अंदर स्थित है, जिसमें सफेद संगमरमर की सजावट और लाल पत्थर से इस्लामी कला का प्रदर्शन किया गया है। यह दरवाजा प्रारंभिक तुर्की कला की भी एक झलक पेश करता है। कुतुब मीनार परिसर को सुंदर रूप देने के लिए इसे कुव्वत-उत-इस्लाम-मस्जिद के दक्षिणी ओर बनवाया गया था। अलाई दरवाजा इस मस्जिद से नुकीले गोलाकार और फैले हुए किनारों के माध्यम से जुड़ा हुआ है जिसे लोटस बड्स के नाम से जाना जाता है।

अलाई-दरवाजा के प्रवेश द्वार को शानदार ढंग से डिजाइन किया गया है और इस द्वार के चारों मेहराब (arches) अर्ध-गोलाकार (semi-circular) में हैं। अलाई दरवाजा की ऊंचाई 17 मीटर, चौड़ाई करीब 10 मीटर, और गेट की मोटाई 3 मीटर है। यह द्वार बहुत मजबूती से बनाया गया था और काफी आकर्षित और प्रभावशाली है।

Summary

अलाई दरवाजा को किसने बनवाया था?

अलाई दरवाजा को अलाउद्दीन खिलजी ने बनवाया था। ये दरवाजा दिल्ली के क़ुतुब मीनार परिसर के अंदर स्थित है। अलाई दरवाज़े की ऊंचाई 17 मीटर, लंबाई 17 मीटर , चौड़ाई करीब 10 मीटर और मोटाई 3 मीटर है। ये दरवाज़ा इस्लामी और तुर्की कला को दिखता है। 

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