आकाश का रंग नीला क्यों दिखाई देता है?

By Brajendra|Updated : July 25th, 2022

A. अपवर्तन

B. परावर्तन

C.  प्रकीर्णन 

D. विक्षेपण

उत्तर C , सही उत्तर प्रकीर्णन है।

वायुमंडल में धूल तथा जल के असंख्य कण उपस्थित रहते है। ये कण नीले रंग के प्रकाश का प्रकीर्णन करते है , क्योंकि इसकी तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है जबकि शेष रंग का प्रकाश अवशोषित हो जाता है अतः आकाश का रंग नीला दिखाई देता है।

Summary: 

आकाश का रंग नीला क्यों दिखाई देता है?

  • जब सूर्य से प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो यह बिखरता है और वायुमंडलीय कणों से टकराता है, लेकिन वायुमंडल के कण सफेद प्रकाश के नीले रंग को दर्शाते हैं। नीला प्रकाश का रंग है जो सभी रंगों में सबसे अधिक फैलता है। नतीजतन, आकाश से निकलने वाले रंगों में नीले रंग की मात्रा अधिक होती है। इस कारण आकाश का रंग नीला प्रतीत होता है।
  • नीले रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे कम होती है। अतः नीले रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है। अतः आकाश का रंग नीला दिखाई देता है।

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